पंचांग · सोमवार, 4 मार्च 2024जयपुर

माघ · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2080

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:48सूर्योदय18:30सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 08:49 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
16:21 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4818:30
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:15 –09:43
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:48दिन18:30
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
गंड मूल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:30रात06:47
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    08:49 तक
  2. कृष्ण नवमी
    08:04, 5 मार्च तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    16:21 तक
  2. मूलस्वामी केतु
    16:00, 5 मार्च तक
योग
  1. वज्र
    16:05 तक
  2. सिद्धि
    14:08, 5 मार्च तक
करण
  1. कौलव
    08:49 तक
  2. तैतिल
    20:33 तक
  3. गर
    08:04, 5 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:48
बिंब मध्य 06:51
सूर्यास्त
18:30
बिंब मध्य 18:25
चंद्रोदय
01:36
चंद्रास्त
11:56
दिनमान
11h 42m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृश्चिक
16:21 तक
सूर्य राशि
कुम्भ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
माघ
पूर्णिमांत मास
फाल्गुन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:09 –05:58
  • प्रातः संध्या05:34 –06:48
  • अभिजित मुहूर्त12:15 –13:02
  • विजय मुहूर्त14:36 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:30 –18:54
  • सायाह्न संध्या18:30 –19:43
  • निशीथ मुहूर्त00:14 –01:03, 5 मार्च
  • अमृत काल07:23 –09:01
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:15 –09:43
  • यमगंड11:11 –12:39
  • गुलिक काल14:06 –15:34
  • दुर्मुहूर्त13:02 –13:49
  • दुर्मुहूर्त15:22 –16:09
  • गंड मूल06:48 –16:21
  • गंड मूल16:21 –06:47, 5 मार्च

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:48 – 08:15
  • कालहानि08:15 – 09:43
  • शुभशुभ09:43 – 11:11
  • रोगअनिष्ट11:11 – 12:39
  • उद्वेगअशुभ12:39 – 14:06
  • चरसम14:06 – 15:34
  • लाभलाभ15:34 – 17:02
  • अमृतश्रेष्ठ17:02 – 18:30
रात
  • चरसम18:30 – 20:02
  • रोगअनिष्ट20:02 – 21:34
  • कालहानि21:34 – 23:06
  • लाभलाभ23:06 – 00:38
  • उद्वेगअशुभ00:38 – 02:10
  • शुभशुभ02:10 – 03:42
  • अमृतश्रेष्ठ03:42 – 05:14
  • चरसम05:14 – 06:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:48–07:46
शनि07:46–08:45
गुरु08:45–09:43
मंगल09:43–10:42
सूर्य10:42–11:40
शुक्र11:40–12:39
बुध12:39–13:37
चन्द्र13:37–14:36
शनि14:36–15:34
गुरु15:34–16:33
मंगल16:33–17:31
सूर्य17:31–18:30
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:30–19:31
बुध19:31–20:33
चन्द्र20:33–21:34
शनि21:34–22:35
गुरु22:35–23:37
मंगल23:37–00:38
सूर्य00:38–01:40
शुक्र01:40–02:41
बुध02:41–03:42
चन्द्र03:42–04:44
शनि04:44–05:45
गुरु05:45–06:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 3 पद10:19 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद16:21 तक
  • मूल 1 पद22:20 तक
  • मूल 2 पद04:16, 5 मार्च तक
  • मूल 3 पद10:09, 5 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
शतभिषा 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
11h 42m
रात्रिमान
12h 17m
मध्याह्न
12:39

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 16:21 तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 16:21 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 16:21 तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 08:49 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 08:49 तकसभा में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:48 –07:20
  • मृत्यु पंचक07:20 –08:47
  • रोग पंचक08:47 –08:49
  • शुभ मुहूर्त08:49 –10:24
  • मृत्यु पंचक10:24 –12:20
  • अग्नि पंचक12:20 –14:35
  • शुभ मुहूर्त14:35 –16:21
  • राज पंचक16:21 –16:54
  • शुभ मुहूर्त16:54 –19:09
  • चोर पंचक19:09 –21:24
  • शुभ मुहूर्त21:24 –23:42
  • रोग पंचक23:42 –01:59, 5 मार्च
  • शुभ मुहूर्त01:59 –04:04, 5 मार्च
  • मृत्यु पंचक04:04 –05:47, 5 मार्च
  • अग्नि पंचक05:47 –06:47, 5 मार्च

उदय लग्न

  • कुम्भ05:51 –07:20
  • मीन07:20 –08:47
  • मेष08:47 –10:24
  • वृषभ10:24 –12:20
  • मिथुन12:20 –14:35
  • कर्क14:35 –16:54
  • सिंह16:54 –19:09
  • कन्या19:09 –21:24
  • तुला21:24 –23:42
  • वृश्चिक23:42 –01:59, 5 मार्च
  • धनु01:59 –04:04, 5 मार्च
  • मकर04:04 –05:47, 5 मार्च
  • कुम्भ05:47 –07:16, 5 मार्च

पंचांग · जयपुर, 4 मार्च 2024

सोमवार, 4 मार्च 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:48 और सूर्यास्त 18:30 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 08:49 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र ज्येष्ठा 16:21 तक, फिर मूल; योग वज्र 16:05 तक, फिर सिद्धि; करण कौलव 08:49 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 08:15–09:43, अभिजित मुहूर्त 12:15–13:02। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 4 मार्च 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 08:49 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:48, जयपुर)।

4 मार्च 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 16:21 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 16:21 तक।

जयपुर में 4 मार्च 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:15–09:43, यमगण्ड 11:11–12:39, गुलिक काल 14:06–15:34।

जयपुर में 4 मार्च 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 18:30, चंद्रोदय 01:36 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 मार्च 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:15–13:02, ब्रह्म मुहूर्त 05:09–05:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर मार्च 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1948° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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