पंचांग · मंगलवार, 6 फ़रवरी 2024जयपुर

पौष · कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2080षट्तिला एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:10सूर्योदय18:12सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
कृष्ण · 16:07 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा
07:35 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:1018:12
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:27 –16:49
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:10दिन18:12
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
यमगंड
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:12रात07:09
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण एकादशी
    16:07 तक
  2. कृष्ण द्वादशी
    14:02, 7 फ़र॰ तक
नक्षत्र
  1. ज्येष्ठास्वामी बुध
    07:35 तक
  2. मूलस्वामी केतु
    06:27, 7 फ़र॰ तक
  3. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    04:37, 8 फ़र॰ तक
योग
  1. व्याघात
    08:50 तक
  2. हर्षण
    06:08, 7 फ़र॰ तक
  3. वज्र
    02:52, 8 फ़र॰ तक
करण
  1. बालव
    16:07 तक
  2. कौलव
    03:10, 7 फ़र॰ तक
  3. तैतिल
    14:02, 7 फ़र॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:10
बिंब मध्य 07:13
सूर्यास्त
18:12
बिंब मध्य 18:08
चंद्रोदय
03:51
चंद्रास्त
14:10
दिनमान
11h 2m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृश्चिक
07:35 तक
सूर्य राशि
मकर

चांद्र पंचांग

अमांत मास
पौष
पूर्णिमांत मास
माघ
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:26 –06:18
  • प्रातः संध्या05:52 –07:10
  • अभिजित मुहूर्त12:19 –13:03
  • विजय मुहूर्त14:31 –15:15
  • गोधूलि मुहूर्त18:12 –18:38
  • सायाह्न संध्या18:12 –19:30
  • निशीथ मुहूर्त00:15 –01:07, 7 फ़र॰
  • अमृत काल00:21 –01:53, 7 फ़र॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:27 –16:49
  • यमगंड09:55 –11:18
  • गुलिक काल12:41 –14:04
  • दुर्मुहूर्त09:22 –10:06
  • दुर्मुहूर्त23:23 –00:15, 7 फ़र॰
  • वर्ज्य04:56 –06:27, 7 फ़र॰
  • गंड मूल07:10 –07:35
  • गंड मूल07:35 –06:27, 7 फ़र॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट07:10 – 08:33
  • उद्वेगअशुभ08:33 – 09:55
  • चरसम09:55 – 11:18
  • लाभलाभ11:18 – 12:41
  • अमृतश्रेष्ठ12:41 – 14:04
  • कालहानि14:04 – 15:27
  • शुभशुभ15:27 – 16:49
  • रोगअनिष्ट16:49 – 18:12
रात
  • कालहानि18:12 – 19:49
  • लाभलाभ19:49 – 21:26
  • उद्वेगअशुभ21:26 – 23:04
  • शुभशुभ23:04 – 00:41
  • अमृतश्रेष्ठ00:41 – 02:18
  • चरसम02:18 – 03:55
  • रोगअनिष्ट03:55 – 05:32
  • कालहानि05:32 – 07:09

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल07:10–08:05
सूर्य08:05–09:00
शुक्र09:00–09:55
बुध09:55–10:51
चन्द्र10:51–11:46
शनि11:46–12:41
गुरु12:41–13:36
मंगल13:36–14:31
सूर्य14:31–15:27
शुक्र15:27–16:22
बुध16:22–17:17
चन्द्र17:17–18:12
रात
ग्रहसमय
शनि18:12–19:17
गुरु19:17–20:22
मंगल20:22–21:26
सूर्य21:26–22:31
शुक्र22:31–23:36
बुध23:36–00:41
चन्द्र00:41–01:45
शनि01:45–02:50
गुरु02:50–03:55
मंगल03:55–05:00
सूर्य05:00–06:05
शुक्र06:05–07:09

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • ज्येष्ठा 4 पद07:35 तक
  • मूल 1 पद13:22 तक
  • मूल 2 पद19:07 तक
  • मूल 3 पद00:48, 7 फ़र॰ तक
  • मूल 4 पद06:27, 7 फ़र॰ तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद12:03, 7 फ़र॰ तक
सूर्य नक्षत्र
श्रवण 4 पद
ऋतु (दृक्)
शिशिर
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
11h 2m
रात्रिमान
12h 57m
मध्याह्न
12:41

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 07:35 तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
ज्येष्ठा · 07:35 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · 06:27, 7 फ़र॰ तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 07:35 तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 16:07 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 16:07 तकनंदी पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त07:10 –07:35
  • राज पंचक07:35 –07:37
  • शुभ मुहूर्त07:37 –09:07
  • चोर पंचक09:07 –10:33
  • राज पंचक10:33 –12:10
  • शुभ मुहूर्त12:10 –14:07
  • चोर पंचक14:07 –16:07
  • शुभ मुहूर्त16:07 –16:21
  • रोग पंचक16:21 –18:40
  • शुभ मुहूर्त18:40 –20:55
  • मृत्यु पंचक20:55 –23:10
  • अग्नि पंचक23:10 –01:28, 7 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त01:28 –03:45, 7 फ़र॰
  • राज पंचक03:45 –05:50, 7 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त05:50 –06:27, 7 फ़र॰
  • चोर पंचक06:27 –07:09, 7 फ़र॰

उदय लग्न

  • मकर05:54 –07:37
  • कुम्भ07:37 –09:07
  • मीन09:07 –10:33
  • मेष10:33 –12:10
  • वृषभ12:10 –14:07
  • मिथुन14:07 –16:21
  • कर्क16:21 –18:40
  • सिंह18:40 –20:55
  • कन्या20:55 –23:10
  • तुला23:10 –01:28, 7 फ़र॰
  • वृश्चिक01:28 –03:45, 7 फ़र॰
  • धनु03:45 –05:50, 7 फ़र॰
  • मकर05:50 –07:33, 7 फ़र॰

पंचांग · जयपुर, 6 फ़रवरी 2024

मंगलवार, 6 फ़रवरी 2024 को जयपुर में सूर्योदय 07:10 और सूर्यास्त 18:12 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 16:07 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र ज्येष्ठा 07:35 तक, फिर मूल; योग व्याघात 08:50 तक, फिर हर्षण; करण बालव 16:07 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मकर राशि में। राहुकाल 15:27–16:49, अभिजित मुहूर्त 12:19–13:03। मास माघ (पूर्णिमांत) / पौष (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 6 फ़रवरी 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण एकादशी 16:07 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 07:10, जयपुर)।

6 फ़रवरी 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा 07:35 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 07:35 तक।

जयपुर में 6 फ़रवरी 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:27–16:49, यमगण्ड 09:55–11:18, गुलिक काल 12:41–14:04।

जयपुर में 6 फ़रवरी 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:10, सूर्यास्त 18:12, चंद्रोदय 03:51 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

6 फ़रवरी 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:19–13:03, ब्रह्म मुहूर्त 05:26–06:18। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

6 फ़रवरी 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

षट्तिला एकादशी।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर फ़रवरी 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1937° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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