पंचांग · बुधवार, 4 अक्टूबर 2023जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी05:41, 5 अक्टू॰ तक
- कृष्ण सप्तमी06:35, 6 अक्टू॰ तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र18:29 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल19:40, 5 अक्टू॰ तक
- सिद्धि06:43 तक
- व्यतीपात05:45, 5 अक्टू॰ तक
- वरीयान्05:22, 6 अक्टू॰ तक
- गर17:31 तक
- वणिज05:41, 5 अक्टू॰ तक
- विष्टि18:03, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:21बिंब मध्य 06:24
- सूर्यास्त
- 18:11बिंब मध्य 18:06
- चंद्रोदय
- 21:45
- चंद्रास्त
- 11:21
- दिनमान
- 11h 50m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृषभ06:59, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:32
- प्रातः संध्या05:08 –06:21
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:39
- विजय मुहूर्त14:14 –15:01
- गोधूलि मुहूर्त18:11 –18:35
- सायाह्न संध्या18:11 –19:24
- निशीथ मुहूर्त23:51 –00:40, 5 अक्टू॰
- अमृत काल15:13 –16:51
- राहु काल12:16 –13:44
- यमगंड07:49 –09:18
- गुलिक काल10:47 –12:16
- दुर्मुहूर्त11:52 –12:39
- वर्ज्य10:20 –11:58
- वर्ज्य00:21 –02:02, 5 अक्टू॰
- भद्रा05:41 –06:21, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- लाभलाभ06:21 – 07:49
- अमृतश्रेष्ठ07:49 – 09:18
- कालहानि09:18 – 10:47
- शुभशुभ10:47 – 12:16
- रोगअनिष्ट12:16 – 13:44
- उद्वेगअशुभ13:44 – 15:13
- चरसम15:13 – 16:42
- लाभलाभ16:42 – 18:11
- उद्वेगअशुभ18:11 – 19:42
- शुभशुभ19:42 – 21:13
- अमृतश्रेष्ठ21:13 – 22:44
- चरसम22:44 – 00:16
- रोगअनिष्ट00:16 – 01:47
- कालहानि01:47 – 03:18
- लाभलाभ03:18 – 04:50
- उद्वेगअशुभ04:50 – 06:21
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:21–07:20 |
| चन्द्र | 07:20–08:19 |
| शनि | 08:19–09:18 |
| गुरु | 09:18–10:17 |
| मंगल | 10:17–11:16 |
| सूर्य | 11:16–12:16 |
| शुक्र | 12:16–13:15 |
| बुध | 13:15–14:14 |
| चन्द्र | 14:14–15:13 |
| शनि | 15:13–16:12 |
| गुरु | 16:12–17:11 |
| मंगल | 17:11–18:11 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:11–19:11 |
| शुक्र | 19:11–20:12 |
| बुध | 20:12–21:13 |
| चन्द्र | 21:13–22:14 |
| शनि | 22:14–23:15 |
| गुरु | 23:15–00:16 |
| मंगल | 00:16–01:17 |
| सूर्य | 01:17–02:17 |
| शुक्र | 02:17–03:18 |
| बुध | 03:18–04:19 |
| चन्द्र | 04:19–05:20 |
| शनि | 05:20–06:21 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 3 पद12:18 तक
- रोहिणी 4 पद18:29 तक
- मृगशिरा 1 पद00:42, 5 अक्टू॰ तक
- मृगशिरा 2 पद06:59, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 50m
- रात्रिमान
- 12h 10m
- मध्याह्न
- 12:16
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 05:41, 5 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 05:41, 5 अक्टू॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:21 –07:25
- शुभ मुहूर्त07:25 –09:43
- मृत्यु पंचक09:43 –12:01
- अग्नि पंचक12:01 –14:05
- शुभ मुहूर्त14:05 –15:49
- राज पंचक15:49 –17:18
- शुभ मुहूर्त17:18 –18:29
- चोर पंचक18:29 –18:45
- राज पंचक18:45 –20:22
- शुभ मुहूर्त20:22 –22:18
- चोर पंचक22:18 –00:32, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:32 –02:51, 5 अक्टू॰
- रोग पंचक02:51 –05:07, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:07 –05:41, 5 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक05:41 –06:21, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:11 –07:25
- तुला07:25 –09:43
- वृश्चिक09:43 –12:01
- धनु12:01 –14:05
- मकर14:05 –15:49
- कुम्भ15:49 –17:18
- मीन17:18 –18:45
- मेष18:45 –20:22
- वृषभ20:22 –22:18
- मिथुन22:18 –00:32, 5 अक्टू॰
- कर्क00:32 –02:51, 5 अक्टू॰
- सिंह02:51 –05:07, 5 अक्टू॰
- कन्या05:07 –07:21, 5 अक्टू॰
पंचांग · जयपुर, 4 अक्टूबर 2023
बुधवार, 4 अक्टूबर 2023 को जयपुर में सूर्योदय 06:21 और सूर्यास्त 18:11 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 5 अक्टूबर 05:41 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 18:29 तक, फिर मृगशिरा; योग सिद्धि 06:43 तक, फिर व्यतीपात; करण गर 17:31 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 12:16–13:44, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 अक्टूबर 2023 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 5 अक्टूबर 05:41 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:21, जयपुर)।
4 अक्टूबर 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 18:29 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 5 अक्टूबर 06:59 तक।
जयपुर में 4 अक्टूबर 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:16–13:44, यमगण्ड 07:49–09:18, गुलिक काल 10:47–12:16।
जयपुर में 4 अक्टूबर 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:21, सूर्यास्त 18:11, चंद्रोदय 21:45 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1889° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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