पंचांग · शुक्रवार, 11 अगस्त 2023जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण एकादशी06:32, 12 अग॰ तक
- मृगशिरास्वामी मंगल06:02, 12 अग॰ तक
- व्याघात15:05 तक
- हर्षण15:22, 12 अग॰ तक
- बव17:46 तक
- बालव06:32, 12 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:56बिंब मध्य 06:00
- सूर्यास्त
- 19:08बिंब मध्य 19:03
- चंद्रोदय
- 01:10
- चंद्रास्त
- 15:40
- दिनमान
- 13h 12m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- वृषभ16:58 तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण (अधिक मास)
- पूर्णिमांत मास
- भाद्रपद
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:13
- प्रातः संध्या04:51 –05:56
- अभिजित मुहूर्त12:06 –12:58
- विजय मुहूर्त14:44 –15:37
- गोधूलि मुहूर्त19:08 –19:29
- सायाह्न संध्या19:08 –20:13
- निशीथ मुहूर्त00:11 –00:54, 12 अग॰
- अमृत काल20:30 –22:14
- राहु काल10:53 –12:32
- यमगंड15:50 –17:29
- गुलिक काल07:35 –09:14
- दुर्मुहूर्त08:34 –09:27
- दुर्मुहूर्त12:58 –13:51
- वर्ज्य10:05 –11:49
चौघड़िया
- चरसम05:56 – 07:35
- लाभलाभ07:35 – 09:14
- अमृतश्रेष्ठ09:14 – 10:53
- कालहानि10:53 – 12:32
- शुभशुभ12:32 – 14:11
- रोगअनिष्ट14:11 – 15:50
- उद्वेगअशुभ15:50 – 17:29
- चरसम17:29 – 19:08
- रोगअनिष्ट19:08 – 20:29
- कालहानि20:29 – 21:50
- लाभलाभ21:50 – 23:11
- उद्वेगअशुभ23:11 – 00:32
- शुभशुभ00:32 – 01:53
- अमृतश्रेष्ठ01:53 – 03:14
- चरसम03:14 – 04:36
- रोगअनिष्ट04:36 – 05:57
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 05:56–07:02 |
| बुध | 07:02–08:08 |
| चन्द्र | 08:08–09:14 |
| शनि | 09:14–10:20 |
| गुरु | 10:20–11:26 |
| मंगल | 11:26–12:32 |
| सूर्य | 12:32–13:38 |
| शुक्र | 13:38–14:44 |
| बुध | 14:44–15:50 |
| चन्द्र | 15:50–16:56 |
| शनि | 16:56–18:02 |
| गुरु | 18:02–19:08 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 19:08–20:02 |
| सूर्य | 20:02–20:56 |
| शुक्र | 20:56–21:50 |
| बुध | 21:50–22:44 |
| चन्द्र | 22:44–23:38 |
| शनि | 23:38–00:32 |
| गुरु | 00:32–01:26 |
| मंगल | 01:26–02:20 |
| सूर्य | 02:20–03:14 |
| शुक्र | 03:14–04:08 |
| बुध | 04:08–05:03 |
| चन्द्र | 05:03–05:57 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मृगशिरा 1 पद10:29 तक
- मृगशिरा 2 पद16:58 तक
- मृगशिरा 3 पद23:30 तक
- मृगशिरा 4 पद06:02, 12 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्लेषा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 13h 12m
- रात्रिमान
- 10h 49m
- मध्याह्न
- 12:32
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 16:58 तकपश्चिम
- अग्निवास
- आकाश
- शिववास
- कैलाश पर
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:56 –06:27
- चोर पंचक06:27 –08:43
- शुभ मुहूर्त08:43 –10:57
- रोग पंचक10:57 –13:15
- शुभ मुहूर्त13:15 –15:33
- मृत्यु पंचक15:33 –17:37
- अग्नि पंचक17:37 –19:21
- शुभ मुहूर्त19:21 –20:50
- राज पंचक20:50 –22:17
- अग्नि पंचक22:17 –23:54
- शुभ मुहूर्त23:54 –01:50, 12 अग॰
- राज पंचक01:50 –04:05, 12 अग॰
- शुभ मुहूर्त04:05 –05:57, 12 अग॰
उदय लग्न
- कर्क04:08 –06:27
- सिंह06:27 –08:43
- कन्या08:43 –10:57
- तुला10:57 –13:15
- वृश्चिक13:15 –15:33
- धनु15:33 –17:37
- मकर17:37 –19:21
- कुम्भ19:21 –20:50
- मीन20:50 –22:17
- मेष22:17 –23:54
- वृषभ23:54 –01:50, 12 अग॰
- मिथुन01:50 –04:05, 12 अग॰
- कर्क04:05 –06:24, 12 अग॰
पंचांग · जयपुर, 11 अगस्त 2023
शुक्रवार, 11 अगस्त 2023 को जयपुर में सूर्योदय 05:56 और सूर्यास्त 19:08 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 12 अगस्त 06:32 तक; नक्षत्र मृगशिरा 12 अगस्त 06:02 तक; योग व्याघात 15:05 तक, फिर हर्षण; करण बव 17:46 तक, फिर बालव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 10:53–12:32, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:58। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 11 अगस्त 2023 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण एकादशी 12 अगस्त 06:32 तक (सूर्योदय 05:56, जयपुर)।
11 अगस्त 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
मृगशिरा 12 अगस्त 06:02 तक। चंद्रमा वृषभ राशि में 16:58 तक।
जयपुर में 11 अगस्त 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 10:53–12:32, यमगण्ड 15:50–17:29, गुलिक काल 07:35–09:14।
जयपुर में 11 अगस्त 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:56, सूर्यास्त 19:08, चंद्रोदय 01:10 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
11 अगस्त 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:06–12:58, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1869° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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