पंचांग · शनिवार, 15 अप्रैल 2023जयपुर

चैत्र · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2080

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:04सूर्योदय18:51सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 20:45 तक
नक्षत्र
श्रवण
07:35 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0418:51
शनिवार · शनि
राहु काल
09:15 –10:51
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:04दिन18:51
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:51रात06:03
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    20:45 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    18:14, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    07:35 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    05:51, 16 अप्रैल तक
  3. शतभिषास्वामी राहु
    04:07, 17 अप्रैल तक
योग
  1. साध्य
    06:32 तक
  2. शुभ
    03:23, 16 अप्रैल तक
  3. शुक्ल
    00:13, 17 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    10:00 तक
  2. विष्टि
    20:45 तक
  3. बव
    07:30, 16 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:04
बिंब मध्य 06:07
सूर्यास्त
18:51
बिंब मध्य 18:47
चंद्रोदय
02:57
चंद्रास्त
13:54
दिनमान
12h 47m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मकर
18:44 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:34 –05:19
  • प्रातः संध्या04:56 –06:04
  • अभिजित मुहूर्त12:02 –12:53
  • विजय मुहूर्त14:35 –15:26
  • गोधूलि मुहूर्त18:51 –19:13
  • सायाह्न संध्या18:51 –19:58
  • निशीथ मुहूर्त00:04 –00:49, 16 अप्रैल
  • अमृत काल20:12 –21:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:15 –10:51
  • यमगंड14:03 –15:39
  • गुलिक काल06:04 –07:39
  • दुर्मुहूर्त06:04 –06:55
  • दुर्मुहूर्त06:55 –07:46
  • वर्ज्य11:18 –12:47
  • भद्रा10:00 –20:45

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि06:04 – 07:39
  • शुभशुभ07:39 – 09:15
  • रोगअनिष्ट09:15 – 10:51
  • उद्वेगअशुभ10:51 – 12:27
  • चरसम12:27 – 14:03
  • लाभलाभ14:03 – 15:39
  • अमृतश्रेष्ठ15:39 – 17:15
  • कालहानि17:15 – 18:51
रात
  • लाभलाभ18:51 – 20:15
  • उद्वेगअशुभ20:15 – 21:39
  • शुभशुभ21:39 – 23:03
  • अमृतश्रेष्ठ23:03 – 00:27
  • चरसम00:27 – 01:51
  • रोगअनिष्ट01:51 – 03:15
  • कालहानि03:15 – 04:39
  • लाभलाभ04:39 – 06:03

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि06:04–07:07
गुरु07:07–08:11
मंगल08:11–09:15
सूर्य09:15–10:19
शुक्र10:19–11:23
बुध11:23–12:27
चन्द्र12:27–13:31
शनि13:31–14:35
गुरु14:35–15:39
मंगल15:39–16:43
सूर्य16:43–17:47
शुक्र17:47–18:51
रात
ग्रहसमय
बुध18:51–19:47
चन्द्र19:47–20:43
शनि20:43–21:39
गुरु21:39–22:35
मंगल22:35–23:31
सूर्य23:31–00:27
शुक्र00:27–01:23
बुध01:23–02:19
चन्द्र02:19–03:15
शनि03:15–04:11
गुरु04:11–05:07
मंगल05:07–06:03

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 4 पद07:35 तक
  • धनिष्ठा 1 पद13:10 तक
  • धनिष्ठा 2 पद18:44 तक
  • धनिष्ठा 3 पद00:18, 16 अप्रैल तक
  • धनिष्ठा 4 पद05:51, 16 अप्रैल तक
  • शतभिषा 1 पद11:25, 16 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 47m
रात्रिमान
11h 12m
मध्याह्न
12:27

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 18:44 तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 07:35 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · 05:51, 16 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
दक्षिण · 18:44 तकपश्चिम
अग्निवास
आकाश · 20:45 तकपाताल
शिववास
क्रीड़ा में · 20:45 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:04 –06:05
  • मृत्यु पंचक06:05 –07:35
  • अग्नि पंचक07:35 –07:42
  • शुभ मुहूर्त07:42 –09:38
  • राज पंचक09:38 –11:52
  • शुभ मुहूर्त11:52 –14:11
  • चोर पंचक14:11 –16:27
  • शुभ मुहूर्त16:27 –18:41
  • रोग पंचक18:41 –20:45
  • शुभ मुहूर्त20:45 –20:59
  • मृत्यु पंचक20:59 –23:17
  • अग्नि पंचक23:17 –01:21, 16 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:21 –03:05, 16 अप्रैल
  • राज पंचक03:05 –04:34, 16 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:34 –05:51, 16 अप्रैल
  • चोर पंचक05:51 –06:01, 16 अप्रैल
  • राज पंचक06:01 –06:03, 16 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:38 –06:05
  • मेष06:05 –07:42
  • वृषभ07:42 –09:38
  • मिथुन09:38 –11:52
  • कर्क11:52 –14:11
  • सिंह14:11 –16:27
  • कन्या16:27 –18:41
  • तुला18:41 –20:59
  • वृश्चिक20:59 –23:17
  • धनु23:17 –01:21, 16 अप्रैल
  • मकर01:21 –03:05, 16 अप्रैल
  • कुम्भ03:05 –04:34, 16 अप्रैल
  • मीन04:34 –06:01, 16 अप्रैल
  • मेष06:01 –07:38, 16 अप्रैल

पंचांग · जयपुर, 15 अप्रैल 2023

शनिवार, 15 अप्रैल 2023 को जयपुर में सूर्योदय 06:04 और सूर्यास्त 18:51 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 20:45 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र श्रवण 07:35 तक, फिर धनिष्ठा; योग साध्य 06:32 तक, फिर शुभ; करण वणिज 10:00 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:15–10:51, अभिजित मुहूर्त 12:02–12:53। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 15 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 20:45 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 06:04, जयपुर)।

15 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 07:35 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 18:44 तक।

जयपुर में 15 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:15–10:51, यमगण्ड 14:03–15:39, गुलिक काल 06:04–07:39।

जयपुर में 15 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 18:51, चंद्रोदय 02:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:02–12:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:34–05:19। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1824° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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