पंचांग · शनिवार, 1 अप्रैल 2023जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी04:20, 2 अप्रैल तक
- शुक्ल द्वादशी06:24, 3 अप्रैल तक
- अश्लेषास्वामी बुध04:48, 2 अप्रैल तक
- मघास्वामी केतु07:24, 3 अप्रैल तक
- धृति02:44, 2 अप्रैल तक
- शूल03:21, 3 अप्रैल तक
- वणिज15:11 तक
- विष्टि04:20, 2 अप्रैल तक
- बव17:25, 2 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:18बिंब मध्य 06:22
- सूर्यास्त
- 18:44बिंब मध्य 18:40
- चंद्रोदय
- 14:29
- चंद्रास्त
- 03:41
- दिनमान
- 12h 26m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क04:48, 2 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:46 –05:32
- प्रातः संध्या05:09 –06:18
- अभिजित मुहूर्त12:06 –12:56
- विजय मुहूर्त14:35 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:44 –19:07
- सायाह्न संध्या18:44 –19:53
- निशीथ मुहूर्त00:07 –00:54, 2 अप्रैल
- अमृत काल03:01 –04:48, 2 अप्रैल
- राहु काल09:25 –10:58
- यमगंड14:04 –15:37
- गुलिक काल06:18 –07:51
- दुर्मुहूर्त06:18 –07:08
- दुर्मुहूर्त07:08 –07:58
- वर्ज्य16:16 –18:04
- गंड मूल06:18 –04:48, 2 अप्रैल
- गंड मूल04:48 –06:17, 2 अप्रैल
- भद्रा15:11 –04:20, 2 अप्रैल
चौघड़िया
- कालहानि06:18 – 07:51
- शुभशुभ07:51 – 09:25
- रोगअनिष्ट09:25 – 10:58
- उद्वेगअशुभ10:58 – 12:31
- चरसम12:31 – 14:04
- लाभलाभ14:04 – 15:37
- अमृतश्रेष्ठ15:37 – 17:11
- कालहानि17:11 – 18:44
- लाभलाभ18:44 – 20:11
- उद्वेगअशुभ20:11 – 21:37
- शुभशुभ21:37 – 23:04
- अमृतश्रेष्ठ23:04 – 00:31
- चरसम00:31 – 01:57
- रोगअनिष्ट01:57 – 03:24
- कालहानि03:24 – 04:51
- लाभलाभ04:51 – 06:17
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:18–07:20 |
| गुरु | 07:20–08:23 |
| मंगल | 08:23–09:25 |
| सूर्य | 09:25–10:27 |
| शुक्र | 10:27–11:29 |
| बुध | 11:29–12:31 |
| चन्द्र | 12:31–13:33 |
| शनि | 13:33–14:35 |
| गुरु | 14:35–15:37 |
| मंगल | 15:37–16:40 |
| सूर्य | 16:40–17:42 |
| शुक्र | 17:42–18:44 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:44–19:42 |
| चन्द्र | 19:42–20:39 |
| शनि | 20:39–21:37 |
| गुरु | 21:37–22:35 |
| मंगल | 22:35–23:33 |
| सूर्य | 23:33–00:31 |
| शुक्र | 00:31–01:28 |
| बुध | 01:28–02:26 |
| चन्द्र | 02:26–03:24 |
| शनि | 03:24–04:22 |
| गुरु | 04:22–05:19 |
| मंगल | 05:19–06:17 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अश्लेषा 1 पद08:41 तक
- अश्लेषा 2 पद15:24 तक
- अश्लेषा 3 पद22:07 तक
- अश्लेषा 4 पद04:48, 2 अप्रैल तक
- मघा 1 पद11:29, 2 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 26m
- रात्रिमान
- 11h 33m
- मध्याह्न
- 12:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर · 04:48, 2 अप्रैल तकपूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:20, 2 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 04:20, 2 अप्रैल तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:18 –07:00
- मृत्यु पंचक07:00 –08:37
- अग्नि पंचक08:37 –10:33
- शुभ मुहूर्त10:33 –12:47
- राज पंचक12:47 –15:06
- शुभ मुहूर्त15:06 –17:22
- चोर पंचक17:22 –19:36
- शुभ मुहूर्त19:36 –21:54
- रोग पंचक21:54 –00:12, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त00:12 –02:16, 2 अप्रैल
- मृत्यु पंचक02:16 –04:00, 2 अप्रैल
- अग्नि पंचक04:00 –04:20, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:20 –04:48, 2 अप्रैल
- राज पंचक04:48 –05:29, 2 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:29 –06:17, 2 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:33 –07:00
- मेष07:00 –08:37
- वृषभ08:37 –10:33
- मिथुन10:33 –12:47
- कर्क12:47 –15:06
- सिंह15:06 –17:22
- कन्या17:22 –19:36
- तुला19:36 –21:54
- वृश्चिक21:54 –00:12, 2 अप्रैल
- धनु00:12 –02:16, 2 अप्रैल
- मकर02:16 –04:00, 2 अप्रैल
- कुम्भ04:00 –05:29, 2 अप्रैल
- मीन05:29 –06:56, 2 अप्रैल
पंचांग · जयपुर, 1 अप्रैल 2023
शनिवार, 1 अप्रैल 2023 को जयपुर में सूर्योदय 06:18 और सूर्यास्त 18:44 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 2 अप्रैल 04:20 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र अश्लेषा 2 अप्रैल 04:48 तक, फिर मघा; योग धृति 2 अप्रैल 02:44 तक, फिर शूल; करण वणिज 15:11 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 09:25–10:58, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 1 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 2 अप्रैल 04:20 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:18, जयपुर)।
1 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
अश्लेषा 2 अप्रैल 04:48 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 2 अप्रैल 04:48 तक।
जयपुर में 1 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:25–10:58, यमगण्ड 14:04–15:37, गुलिक काल 06:18–07:51।
जयपुर में 1 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:18, सूर्यास्त 18:44, चंद्रोदय 14:29 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
1 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:46–05:32। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
1 अप्रैल 2023 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
कामदा एकादशी।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1818° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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