पंचांग · शनिवार, 16 अगस्त 2025हरिद्वार

श्रावण · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2082कृष्ण जन्माष्टमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:45सूर्योदय18:57सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 21:35 तक
नक्षत्र
भरणी
06:05 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4518:57
शनिवार · शनि
राहु काल
09:03 –10:42
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:45दिन18:57
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:57रात05:46
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    21:35 तक
  2. कृष्ण नवमी
    19:24, 17 अग॰ तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:05 तक
  2. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    04:38, 17 अग॰ तक
  3. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    03:17, 18 अग॰ तक
योग
  1. वृद्धि
    07:21 तक
  2. ध्रुव
    04:28, 17 अग॰ तक
  3. व्याघात
    01:40, 18 अग॰ तक
करण
  1. बालव
    10:42 तक
  2. कौलव
    21:35 तक
  3. तैतिल
    08:29, 17 अग॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:45
बिंब मध्य 05:49
सूर्यास्त
18:57
बिंब मध्य 18:53
चंद्रोदय
23:24
चंद्रास्त
13:00
दिनमान
13h 12m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मेष
11:43 तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
श्रावण
पूर्णिमांत मास
भाद्रपद
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:19 –05:02
  • प्रातः संध्या04:41 –05:45
  • अभिजित मुहूर्त11:55 –12:48
  • विजय मुहूर्त14:33 –15:26
  • गोधूलि मुहूर्त18:57 –19:19
  • सायाह्न संध्या18:57 –20:02
  • निशीथ मुहूर्त00:00 –00:43, 17 अग॰
  • अमृत काल02:23 –03:53, 17 अग॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:03 –10:42
  • यमगंड14:00 –15:39
  • गुलिक काल05:45 –07:24
  • दुर्मुहूर्त05:45 –06:38
  • दुर्मुहूर्त06:38 –07:31
  • वर्ज्य17:22 –18:52

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:45 – 07:24
  • शुभशुभ07:24 – 09:03
  • रोगअनिष्ट09:03 – 10:42
  • उद्वेगअशुभ10:42 – 12:21
  • चरसम12:21 – 14:00
  • लाभलाभ14:00 – 15:39
  • अमृतश्रेष्ठ15:39 – 17:18
  • कालहानि17:18 – 18:57
रात
  • लाभलाभ18:57 – 20:19
  • उद्वेगअशुभ20:19 – 21:40
  • शुभशुभ21:40 – 23:01
  • अमृतश्रेष्ठ23:01 – 00:22
  • चरसम00:22 – 01:43
  • रोगअनिष्ट01:43 – 03:04
  • कालहानि03:04 – 04:25
  • लाभलाभ04:25 – 05:46

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:45–06:51
गुरु06:51–07:57
मंगल07:57–09:03
सूर्य09:03–10:09
शुक्र10:09–11:15
बुध11:15–12:21
चन्द्र12:21–13:27
शनि13:27–14:33
गुरु14:33–15:39
मंगल15:39–16:45
सूर्य16:45–17:51
शुक्र17:51–18:57
रात
ग्रहसमय
बुध18:57–19:52
चन्द्र19:52–20:46
शनि20:46–21:40
गुरु21:40–22:34
मंगल22:34–23:28
सूर्य23:28–00:22
शुक्र00:22–01:16
बुध01:16–02:10
चन्द्र02:10–03:04
शनि03:04–03:58
गुरु03:58–04:52
मंगल04:52–05:46

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 4 पद06:05 तक
  • कृत्तिका 1 पद11:43 तक
  • कृत्तिका 2 पद17:21 तक
  • कृत्तिका 3 पद23:00 तक
  • कृत्तिका 4 पद04:38, 17 अग॰ तक
  • रोहिणी 1 पद10:17, 17 अग॰ तक
सूर्य नक्षत्र
अश्लेषा 4 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 12m
रात्रिमान
10h 49m
मध्याह्न
12:21

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · 11:43 तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · 06:05 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · 04:38, 17 अग॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पूर्व · 11:43 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 21:35 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 21:35 तकसभा में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:45 –05:53
  • मृत्यु पंचक05:53 –06:05
  • अग्नि पंचक06:05 –08:11
  • शुभ मुहूर्त08:11 –10:29
  • राज पंचक10:29 –12:50
  • शुभ मुहूर्त12:50 –15:09
  • चोर पंचक15:09 –17:13
  • शुभ मुहूर्त17:13 –18:54
  • रोग पंचक18:54 –20:20
  • शुभ मुहूर्त20:20 –21:35
  • मृत्यु पंचक21:35 –21:43
  • रोग पंचक21:43 –23:17
  • शुभ मुहूर्त23:17 –01:12, 17 अग॰
  • मृत्यु पंचक01:12 –03:27, 17 अग॰
  • अग्नि पंचक03:27 –04:38, 17 अग॰
  • शुभ मुहूर्त04:38 –05:46, 17 अग॰

उदय लग्न

  • कर्क03:31 –05:53
  • सिंह05:53 –08:11
  • कन्या08:11 –10:29
  • तुला10:29 –12:50
  • वृश्चिक12:50 –15:09
  • धनु15:09 –17:13
  • मकर17:13 –18:54
  • कुम्भ18:54 –20:20
  • मीन20:20 –21:43
  • मेष21:43 –23:17
  • वृषभ23:17 –01:12, 17 अग॰
  • मिथुन01:12 –03:27, 17 अग॰
  • कर्क03:27 –05:49, 17 अग॰

पंचांग · हरिद्वार, 16 अगस्त 2025

शनिवार, 16 अगस्त 2025 को हरिद्वार में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 18:57 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 21:35 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र भरणी 06:05 तक, फिर कृत्तिका; योग वृद्धि 07:21 तक, फिर ध्रुव; करण बालव 10:42 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 09:03–10:42, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:48। मास भाद्रपद (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

हरिद्वार में 16 अगस्त 2025 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 21:35 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 05:45, हरिद्वार)।

16 अगस्त 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 06:05 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 11:43 तक।

हरिद्वार में 16 अगस्त 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:03–10:42, यमगण्ड 14:00–15:39, गुलिक काल 05:45–07:24।

हरिद्वार में 16 अगस्त 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 18:57, चंद्रोदय 23:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 अगस्त 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:55–12:48, ब्रह्म मुहूर्त 04:19–05:02। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

16 अगस्त 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कृष्ण जन्माष्टमी।

हरिद्वार हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2150° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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