पंचांग · शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2030चेन्नई

आश्विन · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2087नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:01सूर्योदय17:45सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 07:10 तक
नक्षत्र
हस्त
23:47 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0117:45
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:25 –11:53
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:01दिन17:45
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:45रात06:01
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    07:10 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    04:41, 26 अक्टू॰ तक
  3. अमावस्या
    01:47, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. हस्तस्वामी चन्द्र
    23:47 तक
  2. चित्रास्वामी मंगल
    21:42, 26 अक्टू॰ तक
योग
  1. वैधृति
    21:34 तक
  2. विष्कुम्भ
    18:08, 26 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    07:10 तक
  2. विष्टि
    17:59 तक
  3. शकुनि
    04:41, 26 अक्टू॰ तक
  4. चतुष्पाद
    15:16, 26 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:01
बिंब मध्य 06:04
सूर्यास्त
17:45
बिंब मध्य 17:41
चंद्रोदय
04:16
चंद्रास्त
16:26
दिनमान
11h 44m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
कन्या
10:47, 26 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:12
  • प्रातः संध्या04:47 –06:01
  • अभिजित मुहूर्त11:29 –12:16
  • विजय मुहूर्त13:50 –14:37
  • गोधूलि मुहूर्त17:45 –18:10
  • सायाह्न संध्या17:45 –18:59
  • निशीथ मुहूर्त23:28 –00:18, 26 अक्टू॰
  • अमृत काल18:11 –19:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:25 –11:53
  • यमगंड14:49 –16:17
  • गुलिक काल07:29 –08:57
  • दुर्मुहूर्त08:22 –09:09
  • दुर्मुहूर्त12:16 –13:03
  • वर्ज्य09:14 –10:44
  • भद्रा07:10 –17:59

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:01 – 07:29
  • लाभलाभ07:29 – 08:57
  • अमृतश्रेष्ठ08:57 – 10:25
  • कालहानि10:25 – 11:53
  • शुभशुभ11:53 – 13:21
  • रोगअनिष्ट13:21 – 14:49
  • उद्वेगअशुभ14:49 – 16:17
  • चरसम16:17 – 17:45
रात
  • रोगअनिष्ट17:45 – 19:17
  • कालहानि19:17 – 20:49
  • लाभलाभ20:49 – 22:21
  • उद्वेगअशुभ22:21 – 23:53
  • शुभशुभ23:53 – 01:25
  • अमृतश्रेष्ठ01:25 – 02:57
  • चरसम02:57 – 04:29
  • रोगअनिष्ट04:29 – 06:01

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:01–07:00
बुध07:00–07:58
चन्द्र07:58–08:57
शनि08:57–09:56
गुरु09:56–10:54
मंगल10:54–11:53
सूर्य11:53–12:52
शुक्र12:52–13:50
बुध13:50–14:49
चन्द्र14:49–15:48
शनि15:48–16:46
गुरु16:46–17:45
रात
ग्रहसमय
मंगल17:45–18:46
सूर्य18:46–19:48
शुक्र19:48–20:49
बुध20:49–21:50
चन्द्र21:50–22:52
शनि22:52–23:53
गुरु23:53–00:54
मंगल00:54–01:56
सूर्य01:56–02:57
शुक्र02:57–03:58
बुध03:58–05:00
चन्द्र05:00–06:01

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • हस्त 1 पद07:03 तक
  • हस्त 2 पद12:40 तक
  • हस्त 3 पद18:14 तक
  • हस्त 4 पद23:47 तक
  • चित्रा 1 पद05:18, 26 अक्टू॰ तक
  • चित्रा 2 पद10:47, 26 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 1 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 44m
रात्रिमान
12h 16m
मध्याह्न
11:53

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
हस्त · 23:47 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
चित्रा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:41, 26 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
भोजन में · 07:10 तकश्मशान में · 04:41, 26 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:01 –07:10
  • मृत्यु पंचक07:10 –07:40
  • अग्नि पंचक07:40 –09:52
  • शुभ मुहूर्त09:52 –11:59
  • राज पंचक11:59 –13:52
  • शुभ मुहूर्त13:52 –15:34
  • चोर पंचक15:34 –17:14
  • राज पंचक17:14 –19:02
  • शुभ मुहूर्त19:02 –21:04
  • चोर पंचक21:04 –23:16
  • शुभ मुहूर्त23:16 –23:47
  • रोग पंचक23:47 –01:25, 26 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:25 –03:28, 26 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक03:28 –04:41, 26 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक04:41 –05:30, 26 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:30 –06:01, 26 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:33 –07:40
  • वृश्चिक07:40 –09:52
  • धनु09:52 –11:59
  • मकर11:59 –13:52
  • कुम्भ13:52 –15:34
  • मीन15:34 –17:14
  • मेष17:14 –19:02
  • वृषभ19:02 –21:04
  • मिथुन21:04 –23:16
  • कर्क23:16 –01:25, 26 अक्टू॰
  • सिंह01:25 –03:28, 26 अक्टू॰
  • कन्या03:28 –05:30, 26 अक्टू॰
  • तुला05:30 –07:36, 26 अक्टू॰

पंचांग · चेन्नई, 25 अक्टूबर 2030

शुक्रवार, 25 अक्टूबर 2030 को चेन्नई में सूर्योदय 06:01 और सूर्यास्त 17:45 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 07:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र हस्त 23:47 तक, फिर चित्रा; योग वैधृति 21:34 तक, फिर विष्कुम्भ; करण वणिज 07:10 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 10:25–11:53, अभिजित मुहूर्त 11:29–12:16। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

चेन्नई में 25 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 07:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:01, चेन्नई)।

25 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

हस्त 23:47 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 26 अक्टूबर 10:47 तक।

चेन्नई में 25 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:25–11:53, यमगण्ड 14:49–16:17, गुलिक काल 07:29–08:57।

चेन्नई में 25 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:01, सूर्यास्त 17:45, चंद्रोदय 04:16 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

25 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:29–12:16, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:12। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

25 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली)।

चेन्नई हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2875° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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