पंचांग · शुक्रवार, 28 अप्रैल 2028भुवनेश्वर

वैशाख · शुक्ल चतुर्थी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:19सूर्योदय18:10सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्थी
शुक्ल · 00:47, 29 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी
07:49 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:1918:10
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:08 –11:44
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:19दिन18:10
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:10रात05:18
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्थी
    00:47, 29 अप्रैल तक
  2. शुक्ल पंचमी
    23:48, 29 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    07:49 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    07:45, 29 अप्रैल तक
योग
  1. शोभन
    06:34 तक
  2. अतिगण्ड
    04:54, 29 अप्रैल तक
  3. सुकर्मा
    02:59, 30 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    13:10 तक
  2. विष्टि
    00:47, 29 अप्रैल तक
  3. बव
    12:20, 29 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:19
बिंब मध्य 05:22
सूर्यास्त
18:10
बिंब मध्य 18:05
चंद्रोदय
07:43
चंद्रास्त
21:38
दिनमान
12h 51m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
वृषभ
19:50 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:50 –04:34
  • प्रातः संध्या04:12 –05:19
  • अभिजित मुहूर्त11:19 –12:10
  • विजय मुहूर्त13:53 –14:44
  • गोधूलि मुहूर्त18:10 –18:32
  • सायाह्न संध्या18:10 –19:17
  • निशीथ मुहूर्त23:22 –00:06, 29 अप्रैल
  • अमृत काल04:35 –06:12
  • अमृत काल22:59 –00:35, 29 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:08 –11:44
  • यमगंड14:57 –16:33
  • गुलिक काल06:55 –08:32
  • दुर्मुहूर्त07:53 –08:44
  • दुर्मुहूर्त12:10 –13:01
  • वर्ज्य13:24 –15:00
  • भद्रा13:10 –00:47, 29 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:19 – 06:55
  • लाभलाभ06:55 – 08:32
  • अमृतश्रेष्ठ08:32 – 10:08
  • कालहानि10:08 – 11:44
  • शुभशुभ11:44 – 13:21
  • रोगअनिष्ट13:21 – 14:57
  • उद्वेगअशुभ14:57 – 16:33
  • चरसम16:33 – 18:10
रात
  • रोगअनिष्ट18:10 – 19:33
  • कालहानि19:33 – 20:57
  • लाभलाभ20:57 – 22:20
  • उद्वेगअशुभ22:20 – 23:44
  • शुभशुभ23:44 – 01:08
  • अमृतश्रेष्ठ01:08 – 02:31
  • चरसम02:31 – 03:55
  • रोगअनिष्ट03:55 – 05:18

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:19–06:23
बुध06:23–07:27
चन्द्र07:27–08:32
शनि08:32–09:36
गुरु09:36–10:40
मंगल10:40–11:44
सूर्य11:44–12:49
शुक्र12:49–13:53
बुध13:53–14:57
चन्द्र14:57–16:01
शनि16:01–17:05
गुरु17:05–18:10
रात
ग्रहसमय
मंगल18:10–19:05
सूर्य19:05–20:01
शुक्र20:01–20:57
बुध20:57–21:53
चन्द्र21:53–22:48
शनि22:48–23:44
गुरु23:44–00:40
मंगल00:40–01:35
सूर्य01:35–02:31
शुक्र02:31–03:27
बुध03:27–04:23
चन्द्र04:23–05:18

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद07:49 तक
  • मृगशिरा 1 पद13:50 तक
  • मृगशिरा 2 पद19:50 तक
  • मृगशिरा 3 पद01:48, 29 अप्रैल तक
  • मृगशिरा 4 पद07:45, 29 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
भरणी 1 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 51m
रात्रिमान
11h 8m
मध्याह्न
11:44

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 19:50 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 07:49 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण · 19:50 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:47, 29 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 00:47, 29 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:19 –06:19
  • शुभ मुहूर्त06:19 –07:49
  • रोग पंचक07:49 –08:18
  • शुभ मुहूर्त08:18 –10:31
  • मृत्यु पंचक10:31 –12:45
  • अग्नि पंचक12:45 –14:54
  • शुभ मुहूर्त14:54 –17:02
  • राज पंचक17:02 –19:15
  • शुभ मुहूर्त19:15 –21:29
  • चोर पंचक21:29 –23:35
  • शुभ मुहूर्त23:35 –00:47, 29 अप्रैल
  • रोग पंचक00:47 –01:23, 29 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:23 –02:59, 29 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:59 –04:32, 29 अप्रैल
  • रोग पंचक04:32 –05:18, 29 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष04:36 –06:19
  • वृषभ06:19 –08:18
  • मिथुन08:18 –10:31
  • कर्क10:31 –12:45
  • सिंह12:45 –14:54
  • कन्या14:54 –17:02
  • तुला17:02 –19:15
  • वृश्चिक19:15 –21:29
  • धनु21:29 –23:35
  • मकर23:35 –01:23, 29 अप्रैल
  • कुम्भ01:23 –02:59, 29 अप्रैल
  • मीन02:59 –04:32, 29 अप्रैल
  • मेष04:32 –06:15, 29 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 28 अप्रैल 2028

शुक्रवार, 28 अप्रैल 2028 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:19 और सूर्यास्त 18:10 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्थी 29 अप्रैल 00:47 तक, फिर शुक्ल पंचमी; नक्षत्र रोहिणी 07:49 तक, फिर मृगशिरा; योग शोभन 06:34 तक, फिर अतिगण्ड; करण वणिज 13:10 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 10:08–11:44, अभिजित मुहूर्त 11:19–12:10। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 28 अप्रैल 2028 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्थी 29 अप्रैल 00:47 तक, फिर शुक्ल पंचमी (सूर्योदय 05:19, भुवनेश्वर)।

28 अप्रैल 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 07:49 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 19:50 तक।

भुवनेश्वर में 28 अप्रैल 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:08–11:44, यमगण्ड 14:57–16:33, गुलिक काल 06:55–08:32।

भुवनेश्वर में 28 अप्रैल 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:19, सूर्यास्त 18:10, चंद्रोदय 07:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

28 अप्रैल 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:19–12:10, ब्रह्म मुहूर्त 03:50–04:34। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2527° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP