पंचांग · बुधवार, 5 अप्रैल 2028भुवनेश्वर

चैत्र · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2085कामदा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:37सूर्योदय18:02सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 07:46 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
21:41 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3718:02
बुधवार · बुध
राहु काल
11:49 –13:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:37दिन18:02
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:02रात05:36
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    07:46 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    04:58, 6 अप्रैल तक
  3. शुक्ल द्वादशी
    01:52, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    21:41 तक
  2. मघास्वामी केतु
    19:26, 6 अप्रैल तक
योग
  1. धृति
    13:13 तक
  2. शूल
    09:44, 6 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    07:46 तक
  2. वणिज
    18:25 तक
  3. विष्टि
    04:58, 6 अप्रैल तक
  4. बव
    15:27, 6 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:37
बिंब मध्य 05:40
सूर्यास्त
18:02
बिंब मध्य 17:58
चंद्रोदय
13:56
चंद्रास्त
02:14
दिनमान
12h 25m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
कर्क
21:41 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:04 –04:50
  • प्रातः संध्या04:27 –05:37
  • अभिजित मुहूर्त11:25 –12:14
  • विजय मुहूर्त13:54 –14:43
  • गोधूलि मुहूर्त18:02 –18:25
  • सायाह्न संध्या18:02 –19:12
  • निशीथ मुहूर्त23:26 –00:12, 6 अप्रैल
  • अमृत काल20:12 –21:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:49 –13:23
  • यमगंड07:10 –08:43
  • गुलिक काल10:16 –11:49
  • दुर्मुहूर्त11:25 –12:14
  • वर्ज्य11:22 –12:50
  • गंड मूल05:37 –21:41
  • गंड मूल21:41 –05:36, 6 अप्रैल
  • भद्रा18:25 –04:58, 6 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:37 – 07:10
  • अमृतश्रेष्ठ07:10 – 08:43
  • कालहानि08:43 – 10:16
  • शुभशुभ10:16 – 11:49
  • रोगअनिष्ट11:49 – 13:23
  • उद्वेगअशुभ13:23 – 14:56
  • चरसम14:56 – 16:29
  • लाभलाभ16:29 – 18:02
रात
  • उद्वेगअशुभ18:02 – 19:29
  • शुभशुभ19:29 – 20:56
  • अमृतश्रेष्ठ20:56 – 22:22
  • चरसम22:22 – 23:49
  • रोगअनिष्ट23:49 – 01:16
  • कालहानि01:16 – 02:42
  • लाभलाभ02:42 – 04:09
  • उद्वेगअशुभ04:09 – 05:36

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:37–06:39
चन्द्र06:39–07:41
शनि07:41–08:43
गुरु08:43–09:45
मंगल09:45–10:47
सूर्य10:47–11:49
शुक्र11:49–12:52
बुध12:52–13:54
चन्द्र13:54–14:56
शनि14:56–15:58
गुरु15:58–17:00
मंगल17:00–18:02
रात
ग्रहसमय
सूर्य18:02–19:00
शुक्र19:00–19:58
बुध19:58–20:56
चन्द्र20:56–21:53
शनि21:53–22:51
गुरु22:51–23:49
मंगल23:49–00:47
सूर्य00:47–01:45
शुक्र01:45–02:42
बुध02:42–03:40
चन्द्र03:40–04:38
शनि04:38–05:36

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 2 पद10:40 तक
  • अश्लेषा 3 पद16:11 तक
  • अश्लेषा 4 पद21:41 तक
  • मघा 1 पद03:09, 6 अप्रैल तक
  • मघा 2 पद08:36, 6 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 25m
रात्रिमान
11h 34m
मध्याह्न
11:49

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 21:41 तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 21:41 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 21:41 तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:46 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:58, 6 अप्रैल तकआकाश
शिववास
सभा में · 07:46 तकक्रीड़ा में · 04:58, 6 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:37 –06:07
  • चोर पंचक06:07 –07:46
  • शुभ मुहूर्त07:46 –07:49
  • रोग पंचक07:49 –09:48
  • शुभ मुहूर्त09:48 –12:01
  • मृत्यु पंचक12:01 –14:15
  • अग्नि पंचक14:15 –16:25
  • शुभ मुहूर्त16:25 –18:33
  • राज पंचक18:33 –20:45
  • शुभ मुहूर्त20:45 –21:41
  • चोर पंचक21:41 –23:00
  • शुभ मुहूर्त23:00 –01:05, 6 अप्रैल
  • रोग पंचक01:05 –02:54, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:54 –04:29, 6 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:29 –04:58, 6 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:58 –05:36, 6 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:33 –06:07
  • मेष06:07 –07:49
  • वृषभ07:49 –09:48
  • मिथुन09:48 –12:01
  • कर्क12:01 –14:15
  • सिंह14:15 –16:25
  • कन्या16:25 –18:33
  • तुला18:33 –20:45
  • वृश्चिक20:45 –23:00
  • धनु23:00 –01:05, 6 अप्रैल
  • मकर01:05 –02:54, 6 अप्रैल
  • कुम्भ02:54 –04:29, 6 अप्रैल
  • मीन04:29 –06:03, 6 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 5 अप्रैल 2028

बुधवार, 5 अप्रैल 2028 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:37 और सूर्यास्त 18:02 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 07:46 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र अश्लेषा 21:41 तक, फिर मघा; योग धृति 13:13 तक, फिर शूल; करण गर 07:46 तक, फिर वणिज। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 11:49–13:23, अभिजित मुहूर्त 11:25–12:14। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 5 अप्रैल 2028 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 07:46 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 05:37, भुवनेश्वर)।

5 अप्रैल 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 21:41 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 21:41 तक।

भुवनेश्वर में 5 अप्रैल 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:49–13:23, यमगण्ड 07:10–08:43, गुलिक काल 10:16–11:49।

भुवनेश्वर में 5 अप्रैल 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:37, सूर्यास्त 18:02, चंद्रोदय 13:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 अप्रैल 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:25–12:14, ब्रह्म मुहूर्त 04:04–04:50। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

5 अप्रैल 2028 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कामदा एकादशी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2519° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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