पंचांग · सोमवार, 4 मई 2026भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया05:24, 5 मई तक
- अनुराधास्वामी शनि09:57 तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध12:54, 5 मई तक
- परिघ23:19 तक
- शिव00:16, 6 मई तक
- वणिज16:12 तक
- विष्टि05:24, 5 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:16बिंब मध्य 05:19
- सूर्यास्त
- 18:12बिंब मध्य 18:07
- चंद्रोदय
- 20:39
- चंद्रास्त
- 06:42
- दिनमान
- 12h 56m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृश्चिक12:54, 5 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- ज्येष्ठ
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2083
- शक संवत
- 1948
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:47 –04:31
- प्रातः संध्या04:09 –05:16
- अभिजित मुहूर्त11:18 –12:09
- विजय मुहूर्त13:53 –14:45
- गोधूलि मुहूर्त18:12 –18:34
- सायाह्न संध्या18:12 –19:18
- निशीथ मुहूर्त23:21 –00:05, 5 मई
- अमृत काल03:01 –04:49, 5 मई
- राहु काल06:53 –08:30
- यमगंड10:07 –11:44
- गुलिक काल13:21 –14:58
- दुर्मुहूर्त12:09 –13:01
- दुर्मुहूर्त14:45 –15:36
- वर्ज्य16:15 –18:02
- गंड मूल09:57 –05:15, 5 मई
- भद्रा16:12 –05:15, 5 मई
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ05:16 – 06:53
- कालहानि06:53 – 08:30
- शुभशुभ08:30 – 10:07
- रोगअनिष्ट10:07 – 11:44
- उद्वेगअशुभ11:44 – 13:21
- चरसम13:21 – 14:58
- लाभलाभ14:58 – 16:35
- अमृतश्रेष्ठ16:35 – 18:12
- चरसम18:12 – 19:35
- रोगअनिष्ट19:35 – 20:57
- कालहानि20:57 – 22:20
- लाभलाभ22:20 – 23:43
- उद्वेगअशुभ23:43 – 01:06
- शुभशुभ01:06 – 02:29
- अमृतश्रेष्ठ02:29 – 03:52
- चरसम03:52 – 05:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 05:16–06:20 |
| शनि | 06:20–07:25 |
| गुरु | 07:25–08:30 |
| मंगल | 08:30–09:34 |
| सूर्य | 09:34–10:39 |
| शुक्र | 10:39–11:44 |
| बुध | 11:44–12:48 |
| चन्द्र | 12:48–13:53 |
| शनि | 13:53–14:58 |
| गुरु | 14:58–16:02 |
| मंगल | 16:02–17:07 |
| सूर्य | 17:07–18:12 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:12–19:07 |
| बुध | 19:07–20:02 |
| चन्द्र | 20:02–20:57 |
| शनि | 20:57–21:53 |
| गुरु | 21:53–22:48 |
| मंगल | 22:48–23:43 |
| सूर्य | 23:43–00:39 |
| शुक्र | 00:39–01:34 |
| बुध | 01:34–02:29 |
| चन्द्र | 02:29–03:24 |
| शनि | 03:24–04:20 |
| गुरु | 04:20–05:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 4 पद09:57 तक
- ज्येष्ठा 1 पद16:41 तक
- ज्येष्ठा 2 पद23:25 तक
- ज्येष्ठा 3 पद06:09, 5 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 56m
- रात्रिमान
- 11h 3m
- मध्याह्न
- 11:44
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- आकाश
- शिववास
- क्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:16 –05:57
- शुभ मुहूर्त05:57 –07:56
- राज पंचक07:56 –09:57
- शुभ मुहूर्त09:57 –10:09
- चोर पंचक10:09 –12:23
- शुभ मुहूर्त12:23 –14:33
- रोग पंचक14:33 –16:41
- शुभ मुहूर्त16:41 –18:53
- मृत्यु पंचक18:53 –21:08
- अग्नि पंचक21:08 –23:13
- शुभ मुहूर्त23:13 –01:02, 5 मई
- राज पंचक01:02 –02:37, 5 मई
- शुभ मुहूर्त02:37 –05:15, 5 मई
उदय लग्न
- मेष04:15 –05:57
- वृषभ05:57 –07:56
- मिथुन07:56 –10:09
- कर्क10:09 –12:23
- सिंह12:23 –14:33
- कन्या14:33 –16:41
- तुला16:41 –18:53
- वृश्चिक18:53 –21:08
- धनु21:08 –23:13
- मकर23:13 –01:02, 5 मई
- कुम्भ01:02 –02:37, 5 मई
- मीन02:37 –04:11, 5 मई
- मेष04:11 –05:53, 5 मई
पंचांग · भुवनेश्वर, 4 मई 2026
सोमवार, 4 मई 2026 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:16 और सूर्यास्त 18:12 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 5 मई 05:24 तक; नक्षत्र अनुराधा 09:57 तक, फिर ज्येष्ठा; योग परिघ 23:19 तक, फिर शिव; करण वणिज 16:12 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 06:53–08:30, अभिजित मुहूर्त 11:18–12:09। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 4 मई 2026 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 5 मई 05:24 तक (सूर्योदय 05:16, भुवनेश्वर)।
4 मई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 09:57 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 5 मई 12:54 तक।
भुवनेश्वर में 4 मई 2026 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 06:53–08:30, यमगण्ड 10:07–11:44, गुलिक काल 13:21–14:58।
भुवनेश्वर में 4 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:16, सूर्यास्त 18:12, चंद्रोदय 20:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मई 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:18–12:09, ब्रह्म मुहूर्त 03:47–04:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर मई 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2250° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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