पंचांग · सोमवार, 20 अप्रैल 2026भुवनेश्वर

वैशाख · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:25सूर्योदय18:07सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 07:28 तक
नक्षत्र
रोहिणी
02:08, 21 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2518:07
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:00 –08:35
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:25दिन18:07
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:07रात05:24
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    07:28 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    04:15, 21 अप्रैल तक
  3. शुक्ल पंचमी
    01:20, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    02:08, 21 अप्रैल तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    23:58, 21 अप्रैल तक
योग
  1. सौभाग्य
    16:11 तक
  2. शोभन
    12:31, 21 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    07:28 तक
  2. वणिज
    17:49 तक
  3. विष्टि
    04:15, 21 अप्रैल तक
  4. बव
    14:45, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:25
बिंब मध्य 05:28
सूर्यास्त
18:07
बिंब मध्य 18:03
चंद्रोदय
07:24
चंद्रास्त
21:26
दिनमान
12h 42m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
13:00, 21 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:54 –04:40
  • प्रातः संध्या04:17 –05:25
  • अभिजित मुहूर्त11:20 –12:11
  • विजय मुहूर्त13:53 –14:44
  • गोधूलि मुहूर्त18:07 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:07 –19:14
  • निशीथ मुहूर्त23:23 –00:08, 21 अप्रैल
  • अमृत काल23:15 –00:42, 21 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:00 –08:35
  • यमगंड10:11 –11:46
  • गुलिक काल13:21 –14:56
  • दुर्मुहूर्त12:11 –13:02
  • दुर्मुहूर्त14:44 –15:34
  • वर्ज्य18:57 –20:23
  • भद्रा17:49 –04:15, 21 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:25 – 07:00
  • कालहानि07:00 – 08:35
  • शुभशुभ08:35 – 10:11
  • रोगअनिष्ट10:11 – 11:46
  • उद्वेगअशुभ11:46 – 13:21
  • चरसम13:21 – 14:56
  • लाभलाभ14:56 – 16:31
  • अमृतश्रेष्ठ16:31 – 18:07
रात
  • चरसम18:07 – 19:31
  • रोगअनिष्ट19:31 – 20:56
  • कालहानि20:56 – 22:21
  • लाभलाभ22:21 – 23:45
  • उद्वेगअशुभ23:45 – 01:10
  • शुभशुभ01:10 – 02:35
  • अमृतश्रेष्ठ02:35 – 03:59
  • चरसम03:59 – 05:24

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:25–06:28
शनि06:28–07:32
गुरु07:32–08:35
मंगल08:35–09:39
सूर्य09:39–10:42
शुक्र10:42–11:46
बुध11:46–12:49
चन्द्र12:49–13:53
शनि13:53–14:56
गुरु14:56–16:00
मंगल16:00–17:03
सूर्य17:03–18:07
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:07–19:03
बुध19:03–20:00
चन्द्र20:00–20:56
शनि20:56–21:53
गुरु21:53–22:49
मंगल22:49–23:45
सूर्य23:45–00:42
शुक्र00:42–01:38
बुध01:38–02:35
चन्द्र02:35–03:31
शनि03:31–04:28
गुरु04:28–05:24

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 1 पद09:57 तक
  • रोहिणी 2 पद15:20 तक
  • रोहिणी 3 पद20:43 तक
  • रोहिणी 4 पद02:08, 21 अप्रैल तक
  • मृगशिरा 1 पद07:34, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 42m
रात्रिमान
11h 17m
मध्याह्न
11:46

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 02:08, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 07:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:15, 21 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 07:28 तकक्रीड़ा में · 04:15, 21 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:25 –06:52
  • अग्नि पंचक06:52 –07:28
  • शुभ मुहूर्त07:28 –08:51
  • राज पंचक08:51 –11:04
  • शुभ मुहूर्त11:04 –13:18
  • चोर पंचक13:18 –15:28
  • शुभ मुहूर्त15:28 –17:36
  • रोग पंचक17:36 –19:48
  • शुभ मुहूर्त19:48 –22:03
  • मृत्यु पंचक22:03 –00:08, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक00:08 –01:57, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:57 –02:08, 21 अप्रैल
  • राज पंचक02:08 –03:32, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:32 –04:15, 21 अप्रैल
  • चोर पंचक04:15 –05:06, 21 अप्रैल
  • राज पंचक05:06 –05:24, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:10 –06:52
  • वृषभ06:52 –08:51
  • मिथुन08:51 –11:04
  • कर्क11:04 –13:18
  • सिंह13:18 –15:28
  • कन्या15:28 –17:36
  • तुला17:36 –19:48
  • वृश्चिक19:48 –22:03
  • धनु22:03 –00:08, 21 अप्रैल
  • मकर00:08 –01:57, 21 अप्रैल
  • कुम्भ01:57 –03:32, 21 अप्रैल
  • मीन03:32 –05:06, 21 अप्रैल
  • मेष05:06 –06:48, 21 अप्रैल

पंचांग · भुवनेश्वर, 20 अप्रैल 2026

सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:25 और सूर्यास्त 18:07 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 21 अप्रैल 02:08 तक, फिर मृगशिरा; योग सौभाग्य 16:11 तक, फिर शोभन; करण गर 07:28 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:00–08:35, अभिजित मुहूर्त 11:20–12:11। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 20 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 05:25, भुवनेश्वर)।

20 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 21 अप्रैल 02:08 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 21 अप्रैल 13:00 तक।

भुवनेश्वर में 20 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:00–08:35, यमगण्ड 10:11–11:46, गुलिक काल 13:21–14:56।

भुवनेश्वर में 20 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:25, सूर्यास्त 18:07, चंद्रोदय 07:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:20–12:11, ब्रह्म मुहूर्त 03:54–04:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2245° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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