पंचांग · गुरुवार, 6 नवंबर 2025भुवनेश्वर

कार्तिक · कृष्ण प्रतिपदा · विक्रम संवत 2082

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:51सूर्योदय17:10सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
कृष्ण · 14:55 तक
नक्षत्र
भरणी
06:34 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5117:10
गुरुवार · गुरु
राहु काल
12:55 –14:20
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:51दिन17:10
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:10रात05:51
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण प्रतिपदा
    14:55 तक
  2. कृष्ण द्वितीया
    11:05, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:34 तक
  2. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    03:27, 7 नव॰ तक
  3. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    00:33, 8 नव॰ तक
योग
  1. व्यतीपात
    07:04 तक
  2. वरीयान्
    02:41, 7 नव॰ तक
  3. परिघ
    22:27, 7 नव॰ तक
करण
  1. कौलव
    14:55 तक
  2. तैतिल
    00:59, 7 नव॰ तक
  3. गर
    11:05, 7 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:51
बिंब मध्य 05:54
सूर्यास्त
17:10
बिंब मध्य 17:05
चंद्रोदय
17:43
चंद्रास्त
06:27
दिनमान
11h 19m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मेष
11:47 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:09 –05:00
  • प्रातः संध्या04:35 –05:51
  • अभिजित मुहूर्त11:08 –11:53
  • विजय मुहूर्त13:23 –14:09
  • गोधूलि मुहूर्त17:10 –17:35
  • सायाह्न संध्या17:10 –18:26
  • निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
  • अमृत काल01:22 –02:46, 7 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:55 –14:20
  • यमगंड05:51 –07:16
  • गुलिक काल08:41 –10:05
  • दुर्मुहूर्त09:37 –10:22
  • दुर्मुहूर्त14:09 –14:54
  • वर्ज्य17:01 –18:24

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:51 – 07:16
  • रोगअनिष्ट07:16 – 08:41
  • उद्वेगअशुभ08:41 – 10:05
  • चरसम10:05 – 11:30
  • लाभलाभ11:30 – 12:55
  • अमृतश्रेष्ठ12:55 – 14:20
  • कालहानि14:20 – 15:45
  • शुभशुभ15:45 – 17:10
रात
  • अमृतश्रेष्ठ17:10 – 18:45
  • चरसम18:45 – 20:20
  • रोगअनिष्ट20:20 – 21:55
  • कालहानि21:55 – 23:30
  • लाभलाभ23:30 – 01:06
  • उद्वेगअशुभ01:06 – 02:41
  • शुभशुभ02:41 – 04:16
  • अमृतश्रेष्ठ04:16 – 05:51

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:51–06:47
मंगल06:47–07:44
सूर्य07:44–08:41
शुक्र08:41–09:37
बुध09:37–10:34
चन्द्र10:34–11:30
शनि11:30–12:27
गुरु12:27–13:23
मंगल13:23–14:20
सूर्य14:20–15:16
शुक्र15:16–16:13
बुध16:13–17:10
रात
ग्रहसमय
चन्द्र17:10–18:13
शनि18:13–19:17
गुरु19:17–20:20
मंगल20:20–21:23
सूर्य21:23–22:27
शुक्र22:27–23:30
बुध23:30–00:34
चन्द्र00:34–01:37
शनि01:37–02:41
गुरु02:41–03:44
मंगल03:44–04:48
सूर्य04:48–05:51

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 4 पद06:34 तक
  • कृत्तिका 1 पद11:47 तक
  • कृत्तिका 2 पद17:00 तक
  • कृत्तिका 3 पद22:13 तक
  • कृत्तिका 4 पद03:27, 7 नव॰ तक
  • रोहिणी 1 पद08:42, 7 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 19m
रात्रिमान
12h 41m
मध्याह्न
11:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · 11:47 तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · 06:34 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · 03:27, 7 नव॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 11:47 तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 14:55 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 14:55 तकसभा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:51 –06:34
  • राज पंचक06:34 –06:41
  • शुभ मुहूर्त06:41 –08:55
  • चोर पंचक08:55 –11:01
  • शुभ मुहूर्त11:01 –12:50
  • रोग पंचक12:50 –14:25
  • शुभ मुहूर्त14:25 –14:55
  • मृत्यु पंचक14:55 –15:58
  • रोग पंचक15:58 –17:41
  • शुभ मुहूर्त17:41 –19:40
  • मृत्यु पंचक19:40 –21:53
  • अग्नि पंचक21:53 –00:07, 7 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:07 –02:16, 7 नव॰
  • राज पंचक02:16 –03:27, 7 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:27 –04:24, 7 नव॰
  • चोर पंचक04:24 –05:51, 7 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:28 –06:41
  • वृश्चिक06:41 –08:55
  • धनु08:55 –11:01
  • मकर11:01 –12:50
  • कुम्भ12:50 –14:25
  • मीन14:25 –15:58
  • मेष15:58 –17:41
  • वृषभ17:41 –19:40
  • मिथुन19:40 –21:53
  • कर्क21:53 –00:07, 7 नव॰
  • सिंह00:07 –02:16, 7 नव॰
  • कन्या02:16 –04:24, 7 नव॰
  • तुला04:24 –06:37, 7 नव॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 6 नवंबर 2025

गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:51 और सूर्यास्त 17:10 पर है। तिथि कृष्ण प्रतिपदा 14:55 तक, फिर कृष्ण द्वितीया; नक्षत्र भरणी 06:34 तक, फिर कृत्तिका; योग व्यतीपात 07:04 तक, फिर वरीयान्; करण कौलव 14:55 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:55–14:20, अभिजित मुहूर्त 11:08–11:53। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 6 नवंबर 2025 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण प्रतिपदा 14:55 तक, फिर कृष्ण द्वितीया (सूर्योदय 05:51, भुवनेश्वर)।

6 नवंबर 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 06:34 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 11:47 तक।

भुवनेश्वर में 6 नवंबर 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:55–14:20, यमगण्ड 05:51–07:16, गुलिक काल 08:41–10:05।

भुवनेश्वर में 6 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 17:10, चंद्रोदय 17:43 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

6 नवंबर 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:08–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:09–05:00। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2182° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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