पंचांग · मंगलवार, 22 अक्टूबर 2024भुवनेश्वर

आश्विन · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:44सूर्योदय17:18सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 01:29, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा
05:51 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4417:18
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:24 –15:51
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:44दिन17:18
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
यमगंड
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:18रात05:45
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
दुर्मुहूर्त
भद्रा
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    01:29, 23 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    01:19, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:51 तक
  2. आर्द्रास्वामी राहु
    05:38, 23 अक्टू॰ तक
  3. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    06:15, 24 अक्टू॰ तक
योग
  1. परिघ
    08:46 तक
  2. शिव
    06:59, 23 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    13:53 तक
  2. वणिज
    01:29, 23 अक्टू॰ तक
  3. विष्टि
    13:18, 23 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:44
बिंब मध्य 05:47
सूर्यास्त
17:18
बिंब मध्य 17:14
चंद्रोदय
21:39
चंद्रास्त
10:44
दिनमान
11h 34m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
मिथुन
00:02, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:05 –04:54
  • प्रातः संध्या04:30 –05:44
  • अभिजित मुहूर्त11:08 –11:54
  • विजय मुहूर्त13:27 –14:13
  • गोधूलि मुहूर्त17:18 –17:43
  • सायाह्न संध्या17:18 –18:32
  • निशीथ मुहूर्त23:06 –23:56
  • अमृत काल19:44 –21:19
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:24 –15:51
  • यमगंड08:38 –10:04
  • गुलिक काल11:31 –12:58
  • दुर्मुहूर्त08:03 –08:49
  • दुर्मुहूर्त22:16 –23:06
  • वर्ज्य14:10 –15:46
  • भद्रा01:29 –05:45, 23 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:44 – 07:11
  • उद्वेगअशुभ07:11 – 08:38
  • चरसम08:38 – 10:04
  • लाभलाभ10:04 – 11:31
  • अमृतश्रेष्ठ11:31 – 12:58
  • कालहानि12:58 – 14:24
  • शुभशुभ14:24 – 15:51
  • रोगअनिष्ट15:51 – 17:18
रात
  • कालहानि17:18 – 18:51
  • लाभलाभ18:51 – 20:24
  • उद्वेगअशुभ20:24 – 21:58
  • शुभशुभ21:58 – 23:31
  • अमृतश्रेष्ठ23:31 – 01:05
  • चरसम01:05 – 02:38
  • रोगअनिष्ट02:38 – 04:11
  • कालहानि04:11 – 05:45

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:44–06:42
सूर्य06:42–07:40
शुक्र07:40–08:38
बुध08:38–09:35
चन्द्र09:35–10:33
शनि10:33–11:31
गुरु11:31–12:29
मंगल12:29–13:27
सूर्य13:27–14:24
शुक्र14:24–15:22
बुध15:22–16:20
चन्द्र16:20–17:18
रात
ग्रहसमय
शनि17:18–18:20
गुरु18:20–19:22
मंगल19:22–20:24
सूर्य20:24–21:27
शुक्र21:27–22:29
बुध22:29–23:31
चन्द्र23:31–00:33
शनि00:33–01:36
गुरु01:36–02:38
मंगल02:38–03:40
सूर्य03:40–04:42
शुक्र04:42–05:45

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मृगशिरा 4 पद05:51 तक
  • आर्द्रा 1 पद11:43 तक
  • आर्द्रा 2 पद17:38 तक
  • आर्द्रा 3 पद23:37 तक
  • आर्द्रा 4 पद05:38, 23 अक्टू॰ तक
  • पुनर्वसु 1 पद11:43, 23 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 34m
रात्रिमान
12h 27m
मध्याह्न
11:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मृगशिरा · 05:51 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · 05:38, 23 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
पश्चिम
अग्निवास
आकाश · 01:29, 23 अक्टू॰ तकपाताल
शिववास
भोजन में · 01:29, 23 अक्टू॰ तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:44 –05:51
  • मृत्यु पंचक05:51 –07:38
  • अग्नि पंचक07:38 –09:53
  • शुभ मुहूर्त09:53 –11:59
  • राज पंचक11:59 –13:48
  • शुभ मुहूर्त13:48 –15:23
  • चोर पंचक15:23 –16:56
  • राज पंचक16:56 –18:39
  • शुभ मुहूर्त18:39 –20:38
  • चोर पंचक20:38 –22:51
  • शुभ मुहूर्त22:51 –01:05, 23 अक्टू॰
  • रोग पंचक01:05 –01:29, 23 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:29 –03:14, 23 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक03:14 –05:22, 23 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक05:22 –05:38, 23 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:38 –05:45, 23 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला05:26 –07:38
  • वृश्चिक07:38 –09:53
  • धनु09:53 –11:59
  • मकर11:59 –13:48
  • कुम्भ13:48 –15:23
  • मीन15:23 –16:56
  • मेष16:56 –18:39
  • वृषभ18:39 –20:38
  • मिथुन20:38 –22:51
  • कर्क22:51 –01:05, 23 अक्टू॰
  • सिंह01:05 –03:14, 23 अक्टू॰
  • कन्या03:14 –05:22, 23 अक्टू॰
  • तुला05:22 –07:35, 23 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 22 अक्टूबर 2024

मंगलवार, 22 अक्टूबर 2024 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:44 और सूर्यास्त 17:18 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 23 अक्टूबर 01:29 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र मृगशिरा 05:51 तक, फिर आर्द्रा; योग परिघ 08:46 तक, फिर शिव; करण गर 13:53 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:24–15:51, अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 22 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 23 अक्टूबर 01:29 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 05:44, भुवनेश्वर)।

22 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशिरा 05:51 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा मिथुन राशि में 24 अक्टूबर 00:02 तक।

भुवनेश्वर में 22 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:24–15:51, यमगण्ड 08:38–10:04, गुलिक काल 11:31–12:58।

भुवनेश्वर में 22 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:44, सूर्यास्त 17:18, चंद्रोदय 21:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

22 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:08–11:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:05–04:54। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2036° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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