पंचांग · शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024भुवनेश्वर

आश्विन · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2081दुर्गा अष्टमीमहा नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:40सूर्योदय17:26सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 12:07 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
05:41 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4017:26
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:05 –11:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:40दिन17:26
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:26रात05:41
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
18:0020:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    12:07 तक
  2. शुक्ल नवमी
    10:59, 12 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    05:41 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    05:25, 12 अक्टू॰ तक
  3. श्रवणस्वामी चन्द्र
    04:27, 13 अक्टू॰ तक
योग
  1. सुकर्मा
    02:46, 12 अक्टू॰ तक
  2. धृति
    00:21, 13 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    12:07 तक
  2. बालव
    23:38 तक
  3. कौलव
    10:59, 12 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:40
बिंब मध्य 05:44
सूर्यास्त
17:26
बिंब मध्य 17:22
चंद्रोदय
12:58
चंद्रास्त
—
दिनमान
11h 46m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
धनु
11:41 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:03 –04:52
  • प्रातः संध्या04:27 –05:40
  • अभिजित मुहूर्त11:10 –11:57
  • विजय मुहूर्त13:31 –14:18
  • गोधूलि मुहूर्त17:26 –17:51
  • सायाह्न संध्या17:26 –18:40
  • निशीथ मुहूर्त23:09 –23:58
  • अमृत काल23:05 –00:40, 12 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:05 –11:33
  • यमगंड14:30 –15:58
  • गुलिक काल07:09 –08:37
  • दुर्मुहूर्त08:02 –08:49
  • दुर्मुहूर्त11:57 –12:44
  • वर्ज्य13:36 –15:11

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:40 – 07:09
  • लाभलाभ07:09 – 08:37
  • अमृतश्रेष्ठ08:37 – 10:05
  • कालहानि10:05 – 11:33
  • शुभशुभ11:33 – 13:01
  • रोगअनिष्ट13:01 – 14:30
  • उद्वेगअशुभ14:30 – 15:58
  • चरसम15:58 – 17:26
रात
  • रोगअनिष्ट17:26 – 18:58
  • कालहानि18:58 – 20:30
  • लाभलाभ20:30 – 22:02
  • उद्वेगअशुभ22:02 – 23:33
  • शुभशुभ23:33 – 01:05
  • अमृतश्रेष्ठ01:05 – 02:37
  • चरसम02:37 – 04:09
  • रोगअनिष्ट04:09 – 05:41

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:40–06:39
बुध06:39–07:38
चन्द्र07:38–08:37
शनि08:37–09:36
गुरु09:36–10:34
मंगल10:34–11:33
सूर्य11:33–12:32
शुक्र12:32–13:31
बुध13:31–14:30
चन्द्र14:30–15:28
शनि15:28–16:27
गुरु16:27–17:26
रात
ग्रहसमय
मंगल17:26–18:27
सूर्य18:27–19:28
शुक्र19:28–20:30
बुध20:30–21:31
चन्द्र21:31–22:32
शनि22:32–23:33
गुरु23:33–00:35
मंगल00:35–01:36
सूर्य01:36–02:37
शुक्र02:37–03:38
बुध03:38–04:40
चन्द्र04:40–05:41

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद05:41 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद11:41 तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद17:38 तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद23:33 तक
  • उत्तराषाढ़ा 4 पद05:25, 12 अक्टू॰ तक
  • श्रवण 1 पद11:14, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 46m
रात्रिमान
12h 15m
मध्याह्न
11:33

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 11:41 तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 05:41 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · 05:25, 12 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
श्रवण · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व · 11:41 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:07 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 12:07 तकगौरी के साथ
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:40 –05:41
  • शुभ मुहूर्त05:41 –06:09
  • चोर पंचक06:09 –08:22
  • शुभ मुहूर्त08:22 –10:36
  • रोग पंचक10:36 –12:07
  • शुभ मुहूर्त12:07 –12:42
  • मृत्यु पंचक12:42 –14:31
  • अग्नि पंचक14:31 –16:06
  • शुभ मुहूर्त16:06 –17:40
  • मृत्यु पंचक17:40 –19:22
  • अग्नि पंचक19:22 –21:21
  • शुभ मुहूर्त21:21 –23:34
  • राज पंचक23:34 –01:48, 12 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:48 –03:58, 12 अक्टू॰
  • चोर पंचक03:58 –05:25, 12 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:25 –05:41, 12 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:01 –06:09
  • तुला06:09 –08:22
  • वृश्चिक08:22 –10:36
  • धनु10:36 –12:42
  • मकर12:42 –14:31
  • कुम्भ14:31 –16:06
  • मीन16:06 –17:40
  • मेष17:40 –19:22
  • वृषभ19:22 –21:21
  • मिथुन21:21 –23:34
  • कर्क23:34 –01:48, 12 अक्टू॰
  • सिंह01:48 –03:58, 12 अक्टू॰
  • कन्या03:58 –06:06, 12 अक्टू॰

पंचांग · भुवनेश्वर, 11 अक्टूबर 2024

शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:40 और सूर्यास्त 17:26 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 12:07 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 05:41 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग सुकर्मा 12 अक्टूबर 02:46 तक, फिर धृति; करण बव 12:07 तक, फिर बालव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:05–11:33, अभिजित मुहूर्त 11:10–11:57। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भुवनेश्वर में 11 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 12:07 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 05:40, भुवनेश्वर)।

11 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 05:41 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 11:41 तक।

भुवनेश्वर में 11 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:05–11:33, यमगण्ड 14:30–15:58, गुलिक काल 07:09–08:37।

भुवनेश्वर में 11 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 17:26, चंद्रोदय 12:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

11 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:10–11:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:03–04:52। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

11 अक्टूबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

दुर्गा अष्टमी, महा नवमी।

भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2032° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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