पंचांग · शनिवार, 4 नवंबर 2023भुवनेश्वर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण सप्तमी01:00, 5 नव॰ तक
- कृष्ण अष्टमी03:18, 6 नव॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु07:57 तक
- पुष्यस्वामी शनि10:29, 5 नव॰ तक
- साध्य13:02 तक
- शुभ13:36, 5 नव॰ तक
- विष्टि12:00 तक
- बव01:00, 5 नव॰ तक
- बालव14:06, 5 नव॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:50बिंब मध्य 05:53
- सूर्यास्त
- 17:11बिंब मध्य 17:06
- चंद्रोदय
- 22:49
- चंद्रास्त
- 11:45
- दिनमान
- 11h 21m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- कर्क13:22, 6 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2080
- शक संवत
- 1945
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:08 –04:59
- प्रातः संध्या04:34 –05:50
- अभिजित मुहूर्त11:07 –11:53
- विजय मुहूर्त13:24 –14:09
- गोधूलि मुहूर्त17:11 –17:36
- सायाह्न संध्या17:11 –18:27
- निशीथ मुहूर्त23:05 –23:56
- अमृत काल05:21 –07:05
- अमृत काल03:24 –05:11, 5 नव॰
- राहु काल08:40 –10:05
- यमगंड12:55 –14:20
- गुलिक काल05:50 –07:15
- दुर्मुहूर्त05:50 –06:35
- दुर्मुहूर्त06:35 –07:20
- वर्ज्य16:48 –18:34
- भद्रा05:50 –12:00
चौघड़िया
- कालहानि05:50 – 07:15
- शुभशुभ07:15 – 08:40
- रोगअनिष्ट08:40 – 10:05
- उद्वेगअशुभ10:05 – 11:30
- चरसम11:30 – 12:55
- लाभलाभ12:55 – 14:20
- अमृतश्रेष्ठ14:20 – 15:46
- कालहानि15:46 – 17:11
- लाभलाभ17:11 – 18:46
- उद्वेगअशुभ18:46 – 20:21
- शुभशुभ20:21 – 21:55
- अमृतश्रेष्ठ21:55 – 23:30
- चरसम23:30 – 01:05
- रोगअनिष्ट01:05 – 02:40
- कालहानि02:40 – 04:15
- लाभलाभ04:15 – 05:50
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 05:50–06:46 |
| गुरु | 06:46–07:43 |
| मंगल | 07:43–08:40 |
| सूर्य | 08:40–09:37 |
| शुक्र | 09:37–10:33 |
| बुध | 10:33–11:30 |
| चन्द्र | 11:30–12:27 |
| शनि | 12:27–13:24 |
| गुरु | 13:24–14:20 |
| मंगल | 14:20–15:17 |
| सूर्य | 15:17–16:14 |
| शुक्र | 16:14–17:11 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 17:11–18:14 |
| चन्द्र | 18:14–19:17 |
| शनि | 19:17–20:21 |
| गुरु | 20:21–21:24 |
| मंगल | 21:24–22:27 |
| सूर्य | 22:27–23:30 |
| शुक्र | 23:30–00:34 |
| बुध | 00:34–01:37 |
| चन्द्र | 01:37–02:40 |
| शनि | 02:40–03:44 |
| गुरु | 03:44–04:47 |
| मंगल | 04:47–05:50 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 4 पद07:57 तक
- पुष्य 1 पद14:32 तक
- पुष्य 2 पद21:10 तक
- पुष्य 3 पद03:49, 5 नव॰ तक
- पुष्य 4 पद10:29, 5 नव॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 21m
- रात्रिमान
- 12h 39m
- मध्याह्न
- 11:30
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 01:00, 5 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 01:00, 5 नव॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:50 –06:50
- रोग पंचक06:50 –07:57
- शुभ मुहूर्त07:57 –09:05
- मृत्यु पंचक09:05 –11:11
- अग्नि पंचक11:11 –12:59
- शुभ मुहूर्त12:59 –14:35
- राज पंचक14:35 –16:08
- अग्नि पंचक16:08 –17:51
- शुभ मुहूर्त17:51 –19:50
- राज पंचक19:50 –22:03
- शुभ मुहूर्त22:03 –00:17, 5 नव॰
- चोर पंचक00:17 –01:00, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त01:00 –02:26, 5 नव॰
- रोग पंचक02:26 –04:34, 5 नव॰
- शुभ मुहूर्त04:34 –05:50, 5 नव॰
उदय लग्न
- तुला04:38 –06:50
- वृश्चिक06:50 –09:05
- धनु09:05 –11:11
- मकर11:11 –12:59
- कुम्भ12:59 –14:35
- मीन14:35 –16:08
- मेष16:08 –17:51
- वृषभ17:51 –19:50
- मिथुन19:50 –22:03
- कर्क22:03 –00:17, 5 नव॰
- सिंह00:17 –02:26, 5 नव॰
- कन्या02:26 –04:34, 5 नव॰
- तुला04:34 –06:46, 5 नव॰
पंचांग · भुवनेश्वर, 4 नवंबर 2023
शनिवार, 4 नवंबर 2023 को भुवनेश्वर में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 17:11 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 5 नवंबर 01:00 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पुनर्वसु 07:57 तक, फिर पुष्य; योग साध्य 13:02 तक, फिर शुभ; करण विष्टि 12:00 तक, फिर बव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:40–10:05, अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।
इस दिन के बारे में प्रश्न
भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2023 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण सप्तमी 5 नवंबर 01:00 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 05:50, भुवनेश्वर)।
4 नवंबर 2023 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 07:57 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा कर्क राशि में 6 नवंबर 13:22 तक।
भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2023 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:40–10:05, यमगण्ड 12:55–14:20, गुलिक काल 05:50–07:15।
भुवनेश्वर में 4 नवंबर 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:11, चंद्रोदय 22:49 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 नवंबर 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:07–11:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:08–04:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
भुवनेश्वर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1901° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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