पंचांग · शुक्रवार, 21 जुलाई 2028भोपाल

आषाढ़ · कृष्ण चतुर्दशी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:46सूर्योदय19:07सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी
कृष्ण · 11:18 तक
नक्षत्र
आर्द्रा
06:43 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4619:07
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:47 –12:27
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:46दिन19:07
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:07रात05:47
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्दशी
    11:18 तक
  2. अमावस्या
    08:31, 22 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. आर्द्रास्वामी राहु
    06:43 तक
  2. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    04:49, 22 जुल॰ तक
  3. पुष्यस्वामी शनि
    02:35, 23 जुल॰ तक
योग
  1. हर्षण
    01:34, 22 जुल॰ तक
  2. वज्र
    22:02, 22 जुल॰ तक
करण
  1. शकुनि
    11:18 तक
  2. चतुष्पाद
    21:57 तक
  3. नाग
    08:31, 22 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:46
बिंब मध्य 05:50
सूर्यास्त
19:07
बिंब मध्य 19:03
चंद्रोदय
04:37
चंद्रास्त
18:32
दिनमान
13h 21m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मिथुन
23:20 तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:21 –05:04
  • प्रातः संध्या04:42 –05:46
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:53
  • विजय मुहूर्त14:40 –15:34
  • गोधूलि मुहूर्त19:07 –19:29
  • सायाह्न संध्या19:07 –20:11
  • निशीथ मुहूर्त00:06 –00:48, 22 जुल॰
  • अमृत काल02:36 –04:05, 22 जुल॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:47 –12:27
  • यमगंड15:47 –17:27
  • गुलिक काल07:26 –09:06
  • दुर्मुहूर्त08:26 –09:20
  • दुर्मुहूर्त12:53 –13:47
  • वर्ज्य17:46 –19:14

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:46 – 07:26
  • लाभलाभ07:26 – 09:06
  • अमृतश्रेष्ठ09:06 – 10:47
  • कालहानि10:47 – 12:27
  • शुभशुभ12:27 – 14:07
  • रोगअनिष्ट14:07 – 15:47
  • उद्वेगअशुभ15:47 – 17:27
  • चरसम17:27 – 19:07
रात
  • रोगअनिष्ट19:07 – 20:27
  • कालहानि20:27 – 21:47
  • लाभलाभ21:47 – 23:07
  • उद्वेगअशुभ23:07 – 00:27
  • शुभशुभ00:27 – 01:47
  • अमृतश्रेष्ठ01:47 – 03:07
  • चरसम03:07 – 04:27
  • रोगअनिष्ट04:27 – 05:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:46–06:53
बुध06:53–08:00
चन्द्र08:00–09:06
शनि09:06–10:13
गुरु10:13–11:20
मंगल11:20–12:27
सूर्य12:27–13:33
शुक्र13:33–14:40
बुध14:40–15:47
चन्द्र15:47–16:54
शनि16:54–18:01
गुरु18:01–19:07
रात
ग्रहसमय
मंगल19:07–20:01
सूर्य20:01–20:54
शुक्र20:54–21:47
बुध21:47–22:40
चन्द्र22:40–23:34
शनि23:34–00:27
गुरु00:27–01:20
मंगल01:20–02:13
सूर्य02:13–03:07
शुक्र03:07–04:00
बुध04:00–04:53
चन्द्र04:53–05:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • आर्द्रा 4 पद06:43 तक
  • पुनर्वसु 1 पद12:17 तक
  • पुनर्वसु 2 पद17:49 तक
  • पुनर्वसु 3 पद23:20 तक
  • पुनर्वसु 4 पद04:49, 22 जुल॰ तक
  • पुष्य 1 पद10:17, 22 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुष्य 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 21m
रात्रिमान
10h 40m
मध्याह्न
12:27

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 23:20 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
आर्द्रा · 06:43 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद
पुनर्वसु · 04:49, 22 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 23:20 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:18 तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 11:18 तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:46 –06:43
  • मृत्यु पंचक06:43 –07:45
  • अग्नि पंचक07:45 –09:57
  • शुभ मुहूर्त09:57 –11:18
  • राज पंचक11:18 –12:08
  • शुभ मुहूर्त12:08 –14:23
  • चोर पंचक14:23 –16:39
  • शुभ मुहूर्त16:39 –18:44
  • रोग पंचक18:44 –20:30
  • शुभ मुहूर्त20:30 –22:03
  • मृत्यु पंचक22:03 –23:33
  • रोग पंचक23:33 –01:13, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त01:13 –03:11, 22 जुल॰
  • मृत्यु पंचक03:11 –04:49, 22 जुल॰
  • अग्नि पंचक04:49 –05:25, 22 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त05:25 –05:47, 22 जुल॰

उदय लग्न

  • कर्क05:29 –07:45
  • सिंह07:45 –09:57
  • कन्या09:57 –12:08
  • तुला12:08 –14:23
  • वृश्चिक14:23 –16:39
  • धनु16:39 –18:44
  • मकर18:44 –20:30
  • कुम्भ20:30 –22:03
  • मीन22:03 –23:33
  • मेष23:33 –01:13, 22 जुल॰
  • वृषभ01:13 –03:11, 22 जुल॰
  • मिथुन03:11 –05:25, 22 जुल॰
  • कर्क05:25 –07:41, 22 जुल॰

पंचांग · भोपाल, 21 जुलाई 2028

शुक्रवार, 21 जुलाई 2028 को भोपाल में सूर्योदय 05:46 और सूर्यास्त 19:07 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक, फिर अमावस्या; नक्षत्र आर्द्रा 06:43 तक, फिर पुनर्वसु; योग हर्षण 22 जुलाई 01:34 तक, फिर वज्र; करण शकुनि 11:18 तक, फिर चतुष्पाद। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 10:47–12:27, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:53। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

भोपाल में 21 जुलाई 2028 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्दशी 11:18 तक, फिर अमावस्या (सूर्योदय 05:46, भोपाल)।

21 जुलाई 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा 06:43 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 23:20 तक।

भोपाल में 21 जुलाई 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:47–12:27, यमगण्ड 15:47–17:27, गुलिक काल 07:26–09:06।

भोपाल में 21 जुलाई 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 19:07, चंद्रोदय 04:37 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 जुलाई 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:21–05:04। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

भोपाल हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2560° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP