पंचांग · बुधवार, 23 अक्टूबर 2030बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण एकादशी10:20 तक
- कृष्ण द्वादशी09:06, 24 अक्टू॰ तक
- पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र02:27, 24 अक्टू॰ तक
- उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य01:25, 25 अक्टू॰ तक
- ब्रह्मा03:12, 24 अक्टू॰ तक
- इन्द्र00:38, 25 अक्टू॰ तक
- बालव10:20 तक
- कौलव21:48 तक
- तैतिल09:06, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:11बिंब मध्य 06:14
- सूर्यास्त
- 17:57बिंब मध्य 17:53
- चंद्रोदय
- 02:40
- चंद्रास्त
- 15:08
- दिनमान
- 11h 46m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- सिंह08:15, 24 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:22
- प्रातः संध्या04:58 –06:11
- अभिजित मुहूर्त11:40 –12:27
- विजय मुहूर्त14:01 –14:49
- गोधूलि मुहूर्त17:57 –18:21
- सायाह्न संध्या17:57 –19:10
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:28, 24 अक्टू॰
- अमृत काल20:08 –21:43
- राहु काल12:04 –13:32
- यमगंड07:39 –09:07
- गुलिक काल10:36 –12:04
- दुर्मुहूर्त11:40 –12:27
- वर्ज्य10:40 –12:15
चौघड़िया
- लाभलाभ06:11 – 07:39
- अमृतश्रेष्ठ07:39 – 09:07
- कालहानि09:07 – 10:36
- शुभशुभ10:36 – 12:04
- रोगअनिष्ट12:04 – 13:32
- उद्वेगअशुभ13:32 – 15:00
- चरसम15:00 – 16:28
- लाभलाभ16:28 – 17:57
- उद्वेगअशुभ17:57 – 19:29
- शुभशुभ19:29 – 21:00
- अमृतश्रेष्ठ21:00 – 22:32
- चरसम22:32 – 00:04
- रोगअनिष्ट00:04 – 01:36
- कालहानि01:36 – 03:08
- लाभलाभ03:08 – 04:39
- उद्वेगअशुभ04:39 – 06:11
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:11–07:10 |
| चन्द्र | 07:10–08:09 |
| शनि | 08:09–09:07 |
| गुरु | 09:07–10:06 |
| मंगल | 10:06–11:05 |
| सूर्य | 11:05–12:04 |
| शुक्र | 12:04–13:03 |
| बुध | 13:03–14:01 |
| चन्द्र | 14:01–15:00 |
| शनि | 15:00–15:59 |
| गुरु | 15:59–16:58 |
| मंगल | 16:58–17:57 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 17:57–18:58 |
| शुक्र | 18:58–19:59 |
| बुध | 19:59–21:00 |
| चन्द्र | 21:00–22:02 |
| शनि | 22:02–23:03 |
| गुरु | 23:03–00:04 |
| मंगल | 00:04–01:05 |
| सूर्य | 01:05–02:06 |
| शुक्र | 02:06–03:08 |
| बुध | 03:08–04:09 |
| चन्द्र | 04:09–05:10 |
| शनि | 05:10–06:11 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पूर्व फाल्गुनी 1 पद08:46 तक
- पूर्व फाल्गुनी 2 पद14:43 तक
- पूर्व फाल्गुनी 3 पद20:36 तक
- पूर्व फाल्गुनी 4 पद02:27, 24 अक्टू॰ तक
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद08:15, 24 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 46m
- रात्रिमान
- 12h 14m
- मध्याह्न
- 12:04
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पूर्व
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:20 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 10:20 तकनंदी पर
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:11 –07:59
- राज पंचक07:59 –10:10
- शुभ मुहूर्त10:10 –10:20
- चोर पंचक10:20 –12:18
- शुभ मुहूर्त12:18 –14:11
- रोग पंचक14:11 –15:53
- शुभ मुहूर्त15:53 –19:21
- रोग पंचक19:21 –21:23
- शुभ मुहूर्त21:23 –23:35
- मृत्यु पंचक23:35 –01:44, 24 अक्टू॰
- अग्नि पंचक01:44 –02:27, 24 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:27 –03:47, 24 अक्टू॰
- राज पंचक03:47 –05:48, 24 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:48 –06:11, 24 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:52 –07:59
- वृश्चिक07:59 –10:10
- धनु10:10 –12:18
- मकर12:18 –14:11
- कुम्भ14:11 –15:53
- मीन15:53 –17:33
- मेष17:33 –19:21
- वृषभ19:21 –21:23
- मिथुन21:23 –23:35
- कर्क23:35 –01:44, 24 अक्टू॰
- सिंह01:44 –03:47, 24 अक्टू॰
- कन्या03:47 –05:48, 24 अक्टू॰
- तुला05:48 –07:55, 24 अक्टू॰
पंचांग · बेंगलुरु, 23 अक्टूबर 2030
बुधवार, 23 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:11 और सूर्यास्त 17:57 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 10:20 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 24 अक्टूबर 02:27 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग ब्रह्मा 24 अक्टूबर 03:12 तक, फिर इन्द्र; करण बालव 10:20 तक, फिर कौलव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:04–13:32, अभिजित मुहूर्त 11:40–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 23 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण एकादशी 10:20 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 06:11, बेंगलुरु)।
23 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पूर्व फाल्गुनी 24 अक्टूबर 02:27 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 24 अक्टूबर 08:15 तक।
बेंगलुरु में 23 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:04–13:32, यमगण्ड 07:39–09:07, गुलिक काल 10:36–12:04।
बेंगलुरु में 23 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 17:57, चंद्रोदय 02:40 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
23 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:40–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
23 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
रमा एकादशी।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2875° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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