पंचांग · रविवार, 6 अक्टूबर 2030बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल दशमी17:33 तक
- शुक्ल एकादशी16:31, 7 अक्टू॰ तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र01:12, 7 अक्टू॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल00:59, 8 अक्टू॰ तक
- सुकर्मा09:54 तक
- धृति07:51, 7 अक्टू॰ तक
- तैतिल06:11 तक
- गर17:33 तक
- वणिज05:00, 7 अक्टू॰ तक
- विष्टि16:31, 7 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:09बिंब मध्य 06:12
- सूर्यास्त
- 18:06बिंब मध्य 18:02
- चंद्रोदय
- 14:22
- चंद्रास्त
- 01:28
- दिनमान
- 11h 57m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मकर13:03, 7 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:21
- प्रातः संध्या04:57 –06:09
- अभिजित मुहूर्त11:44 –12:32
- विजय मुहूर्त14:07 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:06 –18:30
- सायाह्न संध्या18:06 –19:19
- निशीथ मुहूर्त23:44 –00:32, 7 अक्टू॰
- अमृत काल15:03 –16:36
- राहु काल16:37 –18:06
- यमगंड12:08 –13:37
- गुलिक काल15:07 –16:37
- दुर्मुहूर्त16:31 –17:18
- वर्ज्य05:39 –07:13
- वर्ज्य05:10 –06:45, 7 अक्टू॰
- भद्रा05:00 –06:09, 7 अक्टू॰
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:09 – 07:39
- चरसम07:39 – 09:08
- लाभलाभ09:08 – 10:38
- अमृतश्रेष्ठ10:38 – 12:08
- कालहानि12:08 – 13:37
- शुभशुभ13:37 – 15:07
- रोगअनिष्ट15:07 – 16:37
- उद्वेगअशुभ16:37 – 18:06
- शुभशुभ18:06 – 19:37
- अमृतश्रेष्ठ19:37 – 21:07
- चरसम21:07 – 22:37
- रोगअनिष्ट22:37 – 00:08
- कालहानि00:08 – 01:38
- लाभलाभ01:38 – 03:08
- उद्वेगअशुभ03:08 – 04:39
- शुभशुभ04:39 – 06:09
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:09–07:09 |
| शुक्र | 07:09–08:09 |
| बुध | 08:09–09:08 |
| चन्द्र | 09:08–10:08 |
| शनि | 10:08–11:08 |
| गुरु | 11:08–12:08 |
| मंगल | 12:08–13:07 |
| सूर्य | 13:07–14:07 |
| शुक्र | 14:07–15:07 |
| बुध | 15:07–16:07 |
| चन्द्र | 16:07–17:07 |
| शनि | 17:07–18:06 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:06–19:07 |
| मंगल | 19:07–20:07 |
| सूर्य | 20:07–21:07 |
| शुक्र | 21:07–22:07 |
| बुध | 22:07–23:07 |
| चन्द्र | 23:07–00:08 |
| शनि | 00:08–01:08 |
| गुरु | 01:08–02:08 |
| मंगल | 02:08–03:08 |
| सूर्य | 03:08–04:09 |
| शुक्र | 04:09–05:09 |
| बुध | 05:09–06:09 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- श्रवण 1 पद07:35 तक
- श्रवण 2 पद13:26 तक
- श्रवण 3 पद19:19 तक
- श्रवण 4 पद01:12, 7 अक्टू॰ तक
- धनिष्ठा 1 पद07:07, 7 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 57m
- रात्रिमान
- 12h 3m
- मध्याह्न
- 12:08
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 17:33 तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 17:33 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:09 –06:59
- राज पंचक06:59 –09:05
- शुभ मुहूर्त09:05 –11:17
- चोर पंचक11:17 –13:24
- शुभ मुहूर्त13:24 –15:18
- रोग पंचक15:18 –17:00
- शुभ मुहूर्त17:00 –17:33
- मृत्यु पंचक17:33 –18:39
- रोग पंचक18:39 –20:28
- शुभ मुहूर्त20:28 –22:30
- मृत्यु पंचक22:30 –00:41, 7 अक्टू॰
- अग्नि पंचक00:41 –01:12, 7 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:12 –02:51, 7 अक्टू॰
- राज पंचक02:51 –04:53, 7 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त04:53 –06:09, 7 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:57 –06:59
- तुला06:59 –09:05
- वृश्चिक09:05 –11:17
- धनु11:17 –13:24
- मकर13:24 –15:18
- कुम्भ15:18 –17:00
- मीन17:00 –18:39
- मेष18:39 –20:28
- वृषभ20:28 –22:30
- मिथुन22:30 –00:41, 7 अक्टू॰
- कर्क00:41 –02:51, 7 अक्टू॰
- सिंह02:51 –04:53, 7 अक्टू॰
- कन्या04:53 –06:55, 7 अक्टू॰
पंचांग · बेंगलुरु, 6 अक्टूबर 2030
रविवार, 6 अक्टूबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:06 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 17:33 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र श्रवण 7 अक्टूबर 01:12 तक, फिर धनिष्ठा; योग सुकर्मा 09:54 तक, फिर धृति; करण तैतिल 06:11 तक, फिर गर। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:37–18:06, अभिजित मुहूर्त 11:44–12:32। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 6 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल दशमी 17:33 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:09, बेंगलुरु)।
6 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
श्रवण 7 अक्टूबर 01:12 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 7 अक्टूबर 13:03 तक।
बेंगलुरु में 6 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:37–18:06, यमगण्ड 12:08–13:37, गुलिक काल 15:07–16:37।
बेंगलुरु में 6 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:06, चंद्रोदय 14:22 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
6 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:44–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
6 अक्टूबर 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दशहरा (विजयादशमी)।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2868° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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