पंचांग · शनिवार, 14 सितंबर 2030बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया03:31, 15 सित॰ तक
- कृष्ण चतुर्थी05:02, 16 सित॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध20:06 तक
- अश्विनीस्वामी केतु22:02, 15 सित॰ तक
- वृद्धि18:32 तक
- ध्रुव18:31, 15 सित॰ तक
- वणिज15:00 तक
- विष्टि03:31, 15 सित॰ तक
- बव16:12, 15 सित॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:09बिंब मध्य 06:12
- सूर्यास्त
- 18:22बिंब मध्य 18:18
- चंद्रोदय
- 19:57
- चंद्रास्त
- 07:56
- दिनमान
- 12h 13m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मीन20:06 तक
- सूर्य राशि
- सिंह
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:35 –05:22
- प्रातः संध्या04:58 –06:09
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:40
- विजय मुहूर्त14:17 –15:06
- गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:45
- सायाह्न संध्या18:22 –19:32
- निशीथ मुहूर्त23:52 –00:39, 15 सित॰
- अमृत काल17:35 –19:16
- राहु काल09:12 –10:44
- यमगंड13:47 –15:18
- गुलिक काल06:09 –07:40
- दुर्मुहूर्त06:09 –06:58
- दुर्मुहूर्त06:58 –07:46
- वर्ज्य07:27 –09:08
- गंड मूल06:09 –20:06
- गंड मूल20:06 –06:09, 15 सित॰
- भद्रा15:00 –03:31, 15 सित॰
चौघड़िया
- कालहानि06:09 – 07:40
- शुभशुभ07:40 – 09:12
- रोगअनिष्ट09:12 – 10:44
- उद्वेगअशुभ10:44 – 12:15
- चरसम12:15 – 13:47
- लाभलाभ13:47 – 15:18
- अमृतश्रेष्ठ15:18 – 16:50
- कालहानि16:50 – 18:22
- लाभलाभ18:22 – 19:50
- उद्वेगअशुभ19:50 – 21:18
- शुभशुभ21:18 – 22:47
- अमृतश्रेष्ठ22:47 – 00:15
- चरसम00:15 – 01:44
- रोगअनिष्ट01:44 – 03:12
- कालहानि03:12 – 04:40
- लाभलाभ04:40 – 06:09
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:09–07:10 |
| गुरु | 07:10–08:11 |
| मंगल | 08:11–09:12 |
| सूर्य | 09:12–10:13 |
| शुक्र | 10:13–11:14 |
| बुध | 11:14–12:15 |
| चन्द्र | 12:15–13:16 |
| शनि | 13:16–14:17 |
| गुरु | 14:17–15:18 |
| मंगल | 15:18–16:19 |
| सूर्य | 16:19–17:21 |
| शुक्र | 17:21–18:22 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:22–19:21 |
| चन्द्र | 19:21–20:19 |
| शनि | 20:19–21:18 |
| गुरु | 21:18–22:17 |
| मंगल | 22:17–23:16 |
| सूर्य | 23:16–00:15 |
| शुक्र | 00:15–01:14 |
| बुध | 01:14–02:13 |
| चन्द्र | 02:13–03:12 |
| शनि | 03:12–04:11 |
| गुरु | 04:11–05:10 |
| मंगल | 05:10–06:09 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 2 पद07:23 तक
- रेवती 3 पद13:43 तक
- रेवती 4 पद20:06 तक
- अश्विनी 1 पद02:32, 15 सित॰ तक
- अश्विनी 2 पद09:00, 15 सित॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तर फाल्गुनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 13m
- रात्रिमान
- 11h 47m
- मध्याह्न
- 12:15
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- उत्तर · 20:06 तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 03:31, 15 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 03:31, 15 सित॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:09 –06:24
- राज पंचक06:24 –08:25
- शुभ मुहूर्त08:25 –10:32
- चोर पंचक10:32 –12:44
- शुभ मुहूर्त12:44 –14:51
- रोग पंचक14:51 –16:44
- शुभ मुहूर्त16:44 –18:26
- मृत्यु पंचक18:26 –20:06
- रोग पंचक20:06 –20:06
- शुभ मुहूर्त20:06 –21:54
- मृत्यु पंचक21:54 –23:56
- अग्नि पंचक23:56 –02:08, 15 सित॰
- शुभ मुहूर्त02:08 –03:31, 15 सित॰
- राज पंचक03:31 –04:17, 15 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:17 –06:09, 15 सित॰
उदय लग्न
- सिंह04:21 –06:24
- कन्या06:24 –08:25
- तुला08:25 –10:32
- वृश्चिक10:32 –12:44
- धनु12:44 –14:51
- मकर14:51 –16:44
- कुम्भ16:44 –18:26
- मीन18:26 –20:06
- मेष20:06 –21:54
- वृषभ21:54 –23:56
- मिथुन23:56 –02:08, 15 सित॰
- कर्क02:08 –04:17, 15 सित॰
- सिंह04:17 –06:20, 15 सित॰
पंचांग · बेंगलुरु, 14 सितंबर 2030
शनिवार, 14 सितंबर 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 15 सितंबर 03:31 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र रेवती 20:06 तक, फिर अश्विनी; योग वृद्धि 18:32 तक, फिर ध्रुव; करण वणिज 15:00 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 09:12–10:44, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:40। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 14 सितंबर 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 15 सितंबर 03:31 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:09, बेंगलुरु)।
14 सितंबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 20:06 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 20:06 तक।
बेंगलुरु में 14 सितंबर 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:12–10:44, यमगण्ड 13:47–15:18, गुलिक काल 06:09–07:40।
बेंगलुरु में 14 सितंबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 19:57 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
14 सितंबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:40, ब्रह्म मुहूर्त 04:35–05:22। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2860° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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