पंचांग · मंगलवार, 2 जुलाई 2030बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया06:03, 3 जुल॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु15:25 तक
- पुष्यस्वामी शनि17:08, 3 जुल॰ तक
- व्याघात22:04 तक
- हर्षण21:53, 3 जुल॰ तक
- बालव17:28 तक
- कौलव06:03, 3 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:57बिंब मध्य 06:01
- सूर्यास्त
- 18:50बिंब मध्य 18:46
- चंद्रोदय
- 07:00
- चंद्रास्त
- 19:57
- दिनमान
- 12h 53m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मिथुन08:55 तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:13
- प्रातः संध्या04:51 –05:57
- अभिजित मुहूर्त11:58 –12:49
- विजय मुहूर्त14:32 –15:24
- गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:12
- सायाह्न संध्या18:50 –19:57
- निशीथ मुहूर्त00:02 –00:46, 3 जुल॰
- अमृत काल12:48 –14:32
- राहु काल15:37 –17:13
- यमगंड09:11 –10:47
- गुलिक काल12:24 –14:00
- दुर्मुहूर्त08:32 –09:23
- दुर्मुहूर्त23:17 –00:02, 3 जुल॰
- वर्ज्य23:59 –01:42, 3 जुल॰
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:57 – 07:34
- उद्वेगअशुभ07:34 – 09:11
- चरसम09:11 – 10:47
- लाभलाभ10:47 – 12:24
- अमृतश्रेष्ठ12:24 – 14:00
- कालहानि14:00 – 15:37
- शुभशुभ15:37 – 17:13
- रोगअनिष्ट17:13 – 18:50
- कालहानि18:50 – 20:13
- लाभलाभ20:13 – 21:37
- उद्वेगअशुभ21:37 – 23:00
- शुभशुभ23:00 – 00:24
- अमृतश्रेष्ठ00:24 – 01:47
- चरसम01:47 – 03:11
- रोगअनिष्ट03:11 – 04:34
- कालहानि04:34 – 05:58
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:57–07:02 |
| सूर्य | 07:02–08:06 |
| शुक्र | 08:06–09:11 |
| बुध | 09:11–10:15 |
| चन्द्र | 10:15–11:19 |
| शनि | 11:19–12:24 |
| गुरु | 12:24–13:28 |
| मंगल | 13:28–14:32 |
| सूर्य | 14:32–15:37 |
| शुक्र | 15:37–16:41 |
| बुध | 16:41–17:46 |
| चन्द्र | 17:46–18:50 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:50–19:46 |
| गुरु | 19:46–20:41 |
| मंगल | 20:41–21:37 |
| सूर्य | 21:37–22:33 |
| शुक्र | 22:33–23:28 |
| बुध | 23:28–00:24 |
| चन्द्र | 00:24–01:19 |
| शनि | 01:19–02:15 |
| गुरु | 02:15–03:11 |
| मंगल | 03:11–04:06 |
| सूर्य | 04:06–05:02 |
| शुक्र | 05:02–05:58 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 3 पद08:55 तक
- पुनर्वसु 4 पद15:25 तक
- पुष्य 1 पद21:53 तक
- पुष्य 2 पद04:20, 3 जुल॰ तक
- पुष्य 3 पद10:45, 3 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 53m
- रात्रिमान
- 11h 8m
- मध्याह्न
- 12:24
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 08:55 तकउत्तर
- अग्निवास
- पाताल
- शिववास
- गौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:57 –07:03
- शुभ मुहूर्त07:03 –09:12
- रोग पंचक09:12 –11:15
- शुभ मुहूर्त11:15 –13:16
- मृत्यु पंचक13:16 –15:23
- अग्नि पंचक15:23 –15:25
- शुभ मुहूर्त15:25 –17:35
- राज पंचक17:35 –19:42
- शुभ मुहूर्त19:42 –21:35
- चोर पंचक21:35 –23:17
- शुभ मुहूर्त23:17 –02:45, 3 जुल॰
- चोर पंचक02:45 –04:47, 3 जुल॰
- शुभ मुहूर्त04:47 –05:58, 3 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:51 –07:03
- कर्क07:03 –09:12
- सिंह09:12 –11:15
- कन्या11:15 –13:16
- तुला13:16 –15:23
- वृश्चिक15:23 –17:35
- धनु17:35 –19:42
- मकर19:42 –21:35
- कुम्भ21:35 –23:17
- मीन23:17 –00:57, 3 जुल॰
- मेष00:57 –02:45, 3 जुल॰
- वृषभ02:45 –04:47, 3 जुल॰
- मिथुन04:47 –06:59, 3 जुल॰
पंचांग · बेंगलुरु, 2 जुलाई 2030
मंगलवार, 2 जुलाई 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय 05:57 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 3 जुलाई 06:03 तक; नक्षत्र पुनर्वसु 15:25 तक, फिर पुष्य; योग व्याघात 22:04 तक, फिर हर्षण; करण बालव 17:28 तक, फिर कौलव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 15:37–17:13, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:49। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 2 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 3 जुलाई 06:03 तक (सूर्योदय 05:57, बेंगलुरु)।
2 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 15:25 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 08:55 तक।
बेंगलुरु में 2 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:37–17:13, यमगण्ड 09:11–10:47, गुलिक काल 12:24–14:00।
बेंगलुरु में 2 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 07:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
2 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:58–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
2 जुलाई 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
जगन्नाथ रथयात्रा।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2831° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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