पंचांग · शनिवार, 30 मार्च 2030बेंगलुरु
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वादशी00:42, 31 मार्च तक
- कृष्ण त्रयोदशी01:14, 1 अप्रैल तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल18:46 तक
- शतभिषास्वामी राहु19:49, 31 मार्च तक
- साध्य20:36 तक
- शुभ19:52, 31 मार्च तक
- कौलव12:35 तक
- तैतिल00:42, 31 मार्च तक
- गर12:55, 31 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:17बिंब मध्य 06:20
- सूर्यास्त
- 18:31बिंब मध्य 18:27
- चंद्रोदय
- 03:33
- चंद्रास्त
- 15:40
- दिनमान
- 12h 14m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मकर06:23 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:30
- प्रातः संध्या05:07 –06:17
- अभिजित मुहूर्त12:00 –12:49
- विजय मुहूर्त14:27 –15:15
- गोधूलि मुहूर्त18:31 –18:55
- सायाह्न संध्या18:31 –19:42
- निशीथ मुहूर्त00:00 –00:47, 31 मार्च
- अमृत काल08:04 –09:43
- राहु काल09:21 –10:52
- यमगंड13:56 –15:28
- गुलिक काल06:17 –07:49
- दुर्मुहूर्त06:17 –07:06
- दुर्मुहूर्त07:06 –07:55
- वर्ज्य02:17 –03:57, 31 मार्च
चौघड़िया
- कालहानि06:17 – 07:49
- शुभशुभ07:49 – 09:21
- रोगअनिष्ट09:21 – 10:52
- उद्वेगअशुभ10:52 – 12:24
- चरसम12:24 – 13:56
- लाभलाभ13:56 – 15:28
- अमृतश्रेष्ठ15:28 – 16:59
- कालहानि16:59 – 18:31
- लाभलाभ18:31 – 19:59
- उद्वेगअशुभ19:59 – 21:27
- शुभशुभ21:27 – 22:56
- अमृतश्रेष्ठ22:56 – 00:24
- चरसम00:24 – 01:52
- रोगअनिष्ट01:52 – 03:20
- कालहानि03:20 – 04:48
- लाभलाभ04:48 – 06:17
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:17–07:18 |
| गुरु | 07:18–08:20 |
| मंगल | 08:20–09:21 |
| सूर्य | 09:21–10:22 |
| शुक्र | 10:22–11:23 |
| बुध | 11:23–12:24 |
| चन्द्र | 12:24–13:25 |
| शनि | 13:25–14:27 |
| गुरु | 14:27–15:28 |
| मंगल | 15:28–16:29 |
| सूर्य | 16:29–17:30 |
| शुक्र | 17:30–18:31 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:31–19:30 |
| चन्द्र | 19:30–20:29 |
| शनि | 20:29–21:27 |
| गुरु | 21:27–22:26 |
| मंगल | 22:26–23:25 |
| सूर्य | 23:25–00:24 |
| शुक्र | 00:24–01:23 |
| बुध | 01:23–02:21 |
| चन्द्र | 02:21–03:20 |
| शनि | 03:20–04:19 |
| गुरु | 04:19–05:18 |
| मंगल | 05:18–06:17 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- धनिष्ठा 2 पद06:23 तक
- धनिष्ठा 3 पद12:34 तक
- धनिष्ठा 4 पद18:46 तक
- शतभिषा 1 पद00:59, 31 मार्च तक
- शतभिषा 2 पद07:14, 31 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तरभाद्रपद 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 14m
- रात्रिमान
- 11h 46m
- मध्याह्न
- 12:24
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण · 06:23 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:42, 31 मार्च तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- नंदी पर · 00:42, 31 मार्च तकभोजन में
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:17 –07:10
- राज पंचक07:10 –08:58
- शुभ मुहूर्त08:58 –11:01
- चोर पंचक11:01 –13:12
- शुभ मुहूर्त13:12 –15:22
- रोग पंचक15:22 –17:24
- शुभ मुहूर्त17:24 –18:46
- मृत्यु पंचक18:46 –19:26
- अग्नि पंचक19:26 –21:32
- शुभ मुहूर्त21:32 –23:44
- राज पंचक23:44 –00:42, 31 मार्च
- शुभ मुहूर्त00:42 –01:51, 31 मार्च
- चोर पंचक01:51 –03:45, 31 मार्च
- शुभ मुहूर्त03:45 –05:27, 31 मार्च
- रोग पंचक05:27 –06:17, 31 मार्च
उदय लग्न
- मीन05:31 –07:10
- मेष07:10 –08:58
- वृषभ08:58 –11:01
- मिथुन11:01 –13:12
- कर्क13:12 –15:22
- सिंह15:22 –17:24
- कन्या17:24 –19:26
- तुला19:26 –21:32
- वृश्चिक21:32 –23:44
- धनु23:44 –01:51, 31 मार्च
- मकर01:51 –03:45, 31 मार्च
- कुम्भ03:45 –05:27, 31 मार्च
- मीन05:27 –07:06, 31 मार्च
पंचांग · बेंगलुरु, 30 मार्च 2030
शनिवार, 30 मार्च 2030 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:17 और सूर्यास्त 18:31 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 31 मार्च 00:42 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र धनिष्ठा 18:46 तक, फिर शतभिषा; योग साध्य 20:36 तक, फिर शुभ; करण कौलव 12:35 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 09:21–10:52, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:49। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
बेंगलुरु में 30 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वादशी 31 मार्च 00:42 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 06:17, बेंगलुरु)।
30 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
धनिष्ठा 18:46 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा मकर राशि में 06:23 तक।
बेंगलुरु में 30 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:21–10:52, यमगण्ड 13:56–15:28, गुलिक काल 06:17–07:49।
बेंगलुरु में 30 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:31, चंद्रोदय 03:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:00–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2796° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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