पंचांग · मंगलवार, 11 मार्च 2025बेंगलुरु

फाल्गुन · शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2081भौम प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:30सूर्योदय18:30सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वादशी
शुक्ल · 08:14 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
02:15, 12 मार्च तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3018:30
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:30 –17:00
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:30दिन18:30
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
यमगंड
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:30रात06:29
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वादशी
    08:14 तक
  2. शुक्ल त्रयोदशी
    09:12, 12 मार्च तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    02:15, 12 मार्च तक
  2. मघास्वामी केतु
    04:05, 13 मार्च तक
योग
  1. अतिगण्ड
    13:17 तक
  2. सुकर्मा
    12:59, 12 मार्च तक
करण
  1. बालव
    08:14 तक
  2. कौलव
    20:39 तक
  3. तैतिल
    09:12, 12 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:30
बिंब मध्य 06:33
सूर्यास्त
18:30
बिंब मध्य 18:26
चंद्रोदय
16:15
चंद्रास्त
04:29
दिनमान
12h 0m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
कर्क
02:15, 12 मार्च तक
सूर्य राशि
कुम्भ

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
फाल्गुन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:54 –05:42
  • प्रातः संध्या05:18 –06:30
  • अभिजित मुहूर्त12:06 –12:54
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:18
  • गोधूलि मुहूर्त18:30 –18:54
  • सायाह्न संध्या18:30 –19:42
  • निशीथ मुहूर्त00:05 –00:53, 12 मार्च
  • अमृत काल00:33 –02:15, 12 मार्च
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:30 –17:00
  • यमगंड09:30 –11:00
  • गुलिक काल12:30 –14:00
  • दुर्मुहूर्त08:54 –09:42
  • दुर्मुहूर्त23:17 –00:05, 12 मार्च
  • वर्ज्य14:24 –16:05
  • गंड मूल06:30 –02:15, 12 मार्च
  • गंड मूल02:15 –06:29, 12 मार्च

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट06:30 – 08:00
  • उद्वेगअशुभ08:00 – 09:30
  • चरसम09:30 – 11:00
  • लाभलाभ11:00 – 12:30
  • अमृतश्रेष्ठ12:30 – 14:00
  • कालहानि14:00 – 15:30
  • शुभशुभ15:30 – 17:00
  • रोगअनिष्ट17:00 – 18:30
रात
  • कालहानि18:30 – 20:00
  • लाभलाभ20:00 – 21:30
  • उद्वेगअशुभ21:30 – 22:59
  • शुभशुभ22:59 – 00:29
  • अमृतश्रेष्ठ00:29 – 01:59
  • चरसम01:59 – 03:29
  • रोगअनिष्ट03:29 – 04:59
  • कालहानि04:59 – 06:29

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल06:30–07:30
सूर्य07:30–08:30
शुक्र08:30–09:30
बुध09:30–10:30
चन्द्र10:30–11:30
शनि11:30–12:30
गुरु12:30–13:30
मंगल13:30–14:30
सूर्य14:30–15:30
शुक्र15:30–16:30
बुध16:30–17:30
चन्द्र17:30–18:30
रात
ग्रहसमय
शनि18:30–19:30
गुरु19:30–20:30
मंगल20:30–21:30
सूर्य21:30–22:29
शुक्र22:29–23:29
बुध23:29–00:29
चन्द्र00:29–01:29
शनि01:29–02:29
गुरु02:29–03:29
मंगल03:29–04:29
सूर्य04:29–05:29
शुक्र05:29–06:29

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद07:09 तक
  • अश्लेषा 2 पद13:30 तक
  • अश्लेषा 3 पद19:51 तक
  • अश्लेषा 4 पद02:15, 12 मार्च तक
  • मघा 1 पद08:40, 12 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 0m
रात्रिमान
11h 59m
मध्याह्न
12:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 02:15, 12 मार्च तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · 02:15, 12 मार्च तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर · 02:15, 12 मार्च तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:14 तकआकाश
शिववास
कैलाश पर · 08:14 तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:30 –06:44
  • शुभ मुहूर्त06:44 –08:14
  • मृत्यु पंचक08:14 –08:24
  • रोग पंचक08:24 –10:12
  • शुभ मुहूर्त10:12 –12:14
  • मृत्यु पंचक12:14 –14:26
  • अग्नि पंचक14:26 –16:35
  • शुभ मुहूर्त16:35 –18:38
  • राज पंचक18:38 –20:39
  • शुभ मुहूर्त20:39 –22:46
  • चोर पंचक22:46 –00:58, 12 मार्च
  • शुभ मुहूर्त00:58 –02:15, 12 मार्च
  • रोग पंचक02:15 –03:05, 12 मार्च
  • शुभ मुहूर्त03:05 –04:58, 12 मार्च
  • मृत्यु पंचक04:58 –06:29, 12 मार्च

उदय लग्न

  • कुम्भ05:02 –06:44
  • मीन06:44 –08:24
  • मेष08:24 –10:12
  • वृषभ10:12 –12:14
  • मिथुन12:14 –14:26
  • कर्क14:26 –16:35
  • सिंह16:35 –18:38
  • कन्या18:38 –20:39
  • तुला20:39 –22:46
  • वृश्चिक22:46 –00:58, 12 मार्च
  • धनु00:58 –03:05, 12 मार्च
  • मकर03:05 –04:58, 12 मार्च
  • कुम्भ04:58 –06:40, 12 मार्च

पंचांग · बेंगलुरु, 11 मार्च 2025

मंगलवार, 11 मार्च 2025 को बेंगलुरु में सूर्योदय 06:30 और सूर्यास्त 18:30 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 08:14 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र अश्लेषा 12 मार्च 02:15 तक, फिर मघा; योग अतिगण्ड 13:17 तक, फिर सुकर्मा; करण बालव 08:14 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कुम्भ राशि में। राहुकाल 15:30–17:00, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:54। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

बेंगलुरु में 11 मार्च 2025 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वादशी 08:14 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 06:30, बेंगलुरु)।

11 मार्च 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 12 मार्च 02:15 तक, फिर मघा। चंद्रमा कर्क राशि में 12 मार्च 02:15 तक।

बेंगलुरु में 11 मार्च 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:30–17:00, यमगण्ड 09:30–11:00, गुलिक काल 12:30–14:00।

बेंगलुरु में 11 मार्च 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:30, सूर्यास्त 18:30, चंद्रोदय 16:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

11 मार्च 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:06–12:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:54–05:42। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

11 मार्च 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

भौम प्रदोष।

बेंगलुरु हिन्दू कैलेंडर मार्च 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2090° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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