पंचांग · बुधवार, 17 जुलाई 2030अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया00:38, 18 जुल॰ तक
- कृष्ण चतुर्थी23:29, 18 जुल॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल00:06, 18 जुल॰ तक
- शतभिषास्वामी राहु23:42, 18 जुल॰ तक
- प्रीति06:25 तक
- आयुष्मान्03:59, 18 जुल॰ तक
- सौभाग्य02:07, 19 जुल॰ तक
- वणिज13:28 तक
- विष्टि00:38, 18 जुल॰ तक
- बव11:58, 18 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:18बिंब मध्य 05:22
- सूर्यास्त
- 18:57बिंब मध्य 18:52
- चंद्रोदय
- 20:31
- चंद्रास्त
- 07:29
- दिनमान
- 13h 39m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मकर12:33 तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:55 –04:37
- प्रातः संध्या04:16 –05:18
- अभिजित मुहूर्त11:40 –12:35
- विजय मुहूर्त14:24 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:57 –19:17
- सायाह्न संध्या18:57 –19:59
- निशीथ मुहूर्त23:47 –00:28, 18 जुल॰
- अमृत काल14:10 –15:42
- राहु काल12:07 –13:50
- यमगंड07:00 –08:43
- गुलिक काल10:25 –12:07
- दुर्मुहूर्त11:40 –12:35
- वर्ज्य05:00 –06:31
- भद्रा13:28 –00:38, 18 जुल॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:18 – 07:00
- अमृतश्रेष्ठ07:00 – 08:43
- कालहानि08:43 – 10:25
- शुभशुभ10:25 – 12:07
- रोगअनिष्ट12:07 – 13:50
- उद्वेगअशुभ13:50 – 15:32
- चरसम15:32 – 17:14
- लाभलाभ17:14 – 18:57
- उद्वेगअशुभ18:57 – 20:14
- शुभशुभ20:14 – 21:32
- अमृतश्रेष्ठ21:32 – 22:50
- चरसम22:50 – 00:08
- रोगअनिष्ट00:08 – 01:25
- कालहानि01:25 – 02:43
- लाभलाभ02:43 – 04:01
- उद्वेगअशुभ04:01 – 05:19
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:18–06:26 |
| चन्द्र | 06:26–07:34 |
| शनि | 07:34–08:43 |
| गुरु | 08:43–09:51 |
| मंगल | 09:51–10:59 |
| सूर्य | 10:59–12:07 |
| शुक्र | 12:07–13:15 |
| बुध | 13:15–14:24 |
| चन्द्र | 14:24–15:32 |
| शनि | 15:32–16:40 |
| गुरु | 16:40–17:48 |
| मंगल | 17:48–18:57 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:57–19:48 |
| शुक्र | 19:48–20:40 |
| बुध | 20:40–21:32 |
| चन्द्र | 21:32–22:24 |
| शनि | 22:24–23:16 |
| गुरु | 23:16–00:08 |
| मंगल | 00:08–00:59 |
| सूर्य | 00:59–01:51 |
| शुक्र | 01:51–02:43 |
| बुध | 02:43–03:35 |
| चन्द्र | 03:35–04:27 |
| शनि | 04:27–05:19 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- धनिष्ठा 1 पद06:51 तक
- धनिष्ठा 2 पद12:33 तक
- धनिष्ठा 3 पद18:18 तक
- धनिष्ठा 4 पद00:06, 18 जुल॰ तक
- शतभिषा 1 पद05:56, 18 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- पुनर्वसु 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 13h 39m
- रात्रिमान
- 10h 22m
- मध्याह्न
- 12:07
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 12:33 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:38, 18 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 00:38, 18 जुल॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:18 –05:21
- राज पंचक05:21 –07:40
- शुभ मुहूर्त07:40 –09:55
- चोर पंचक09:55 –12:09
- शुभ मुहूर्त12:09 –14:27
- रोग पंचक14:27 –16:45
- शुभ मुहूर्त16:45 –18:49
- मृत्यु पंचक18:49 –20:33
- अग्नि पंचक20:33 –22:02
- शुभ मुहूर्त22:02 –23:29
- मृत्यु पंचक23:29 –00:06, 18 जुल॰
- अग्नि पंचक00:06 –00:38, 18 जुल॰
- शुभ मुहूर्त00:38 –01:06, 18 जुल॰
- राज पंचक01:06 –03:03, 18 जुल॰
- शुभ मुहूर्त03:03 –05:17, 18 जुल॰
- चोर पंचक05:17 –05:19, 18 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन03:06 –05:21
- कर्क05:21 –07:40
- सिंह07:40 –09:55
- कन्या09:55 –12:09
- तुला12:09 –14:27
- वृश्चिक14:27 –16:45
- धनु16:45 –18:49
- मकर18:49 –20:33
- कुम्भ20:33 –22:02
- मीन22:02 –23:29
- मेष23:29 –01:06, 18 जुल॰
- वृषभ01:06 –03:03, 18 जुल॰
- मिथुन03:03 –05:17, 18 जुल॰
- कर्क05:17 –07:36, 18 जुल॰
पंचांग · अयोध्या, 17 जुलाई 2030
बुधवार, 17 जुलाई 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:18 और सूर्यास्त 18:57 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 18 जुलाई 00:38 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र धनिष्ठा 18 जुलाई 00:06 तक, फिर शतभिषा; योग प्रीति 06:25 तक, फिर आयुष्मान्; करण वणिज 13:28 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 12:07–13:50, अभिजित मुहूर्त 11:40–12:35। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 17 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 18 जुलाई 00:38 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:18, अयोध्या)।
17 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
धनिष्ठा 18 जुलाई 00:06 तक, फिर शतभिषा। चंद्रमा मकर राशि में 12:33 तक।
अयोध्या में 17 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:07–13:50, यमगण्ड 07:00–08:43, गुलिक काल 10:25–12:07।
अयोध्या में 17 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:18, सूर्यास्त 18:57, चंद्रोदय 20:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
17 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:40–12:35, ब्रह्म मुहूर्त 03:55–04:37। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2837° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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