पंचांग · बुधवार, 3 जुलाई 2030अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया06:03 तक
- शुक्ल तृतीया06:52, 4 जुल॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि17:08 तक
- अश्लेषास्वामी बुध18:25, 4 जुल॰ तक
- हर्षण21:53 तक
- वज्र21:20, 4 जुल॰ तक
- कौलव06:03 तक
- तैतिल18:31 तक
- गर06:52, 4 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:12बिंब मध्य 05:15
- सूर्यास्त
- 18:59बिंब मध्य 18:54
- चंद्रोदय
- 07:14
- चंद्रास्त
- 20:36
- दिनमान
- 13h 47m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- कर्क18:25, 4 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त03:50 –04:31
- प्रातः संध्या04:11 –05:12
- अभिजित मुहूर्त11:38 –12:33
- विजय मुहूर्त14:23 –15:18
- गोधूलि मुहूर्त18:59 –19:19
- सायाह्न संध्या18:59 –20:00
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:26, 4 जुल॰
- अमृत काल10:17 –12:00
- राहु काल12:05 –13:49
- यमगंड06:55 –08:39
- गुलिक काल10:22 –12:05
- दुर्मुहूर्त11:38 –12:33
- गंड मूल17:08 –05:12, 4 जुल॰
चौघड़िया
- लाभलाभ05:12 – 06:55
- अमृतश्रेष्ठ06:55 – 08:39
- कालहानि08:39 – 10:22
- शुभशुभ10:22 – 12:05
- रोगअनिष्ट12:05 – 13:49
- उद्वेगअशुभ13:49 – 15:32
- चरसम15:32 – 17:16
- लाभलाभ17:16 – 18:59
- उद्वेगअशुभ18:59 – 20:16
- शुभशुभ20:16 – 21:32
- अमृतश्रेष्ठ21:32 – 22:49
- चरसम22:49 – 00:06
- रोगअनिष्ट00:06 – 01:22
- कालहानि01:22 – 02:39
- लाभलाभ02:39 – 03:56
- उद्वेगअशुभ03:56 – 05:12
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:12–06:21 |
| चन्द्र | 06:21–07:30 |
| शनि | 07:30–08:39 |
| गुरु | 08:39–09:48 |
| मंगल | 09:48–10:56 |
| सूर्य | 10:56–12:05 |
| शुक्र | 12:05–13:14 |
| बुध | 13:14–14:23 |
| चन्द्र | 14:23–15:32 |
| शनि | 15:32–16:41 |
| गुरु | 16:41–17:50 |
| मंगल | 17:50–18:59 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:59–19:50 |
| शुक्र | 19:50–20:41 |
| बुध | 20:41–21:32 |
| चन्द्र | 21:32–22:23 |
| शनि | 22:23–23:14 |
| गुरु | 23:14–00:06 |
| मंगल | 00:06–00:57 |
| सूर्य | 00:57–01:48 |
| शुक्र | 01:48–02:39 |
| बुध | 02:39–03:30 |
| चन्द्र | 03:30–04:21 |
| शनि | 04:21–05:12 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुष्य 3 पद10:45 तक
- पुष्य 4 पद17:08 तक
- अश्लेषा 1 पद23:30 तक
- अश्लेषा 2 पद05:50, 4 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 47m
- रात्रिमान
- 10h 13m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:03 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- गौरी के साथ · 06:03 तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:12 –06:03
- शुभ मुहूर्त06:03 –06:16
- मृत्यु पंचक06:16 –08:35
- अग्नि पंचक08:35 –10:50
- शुभ मुहूर्त10:50 –13:04
- राज पंचक13:04 –15:22
- शुभ मुहूर्त15:22 –17:08
- चोर पंचक17:08 –17:40
- शुभ मुहूर्त17:40 –19:44
- रोग पंचक19:44 –21:28
- शुभ मुहूर्त21:28 –22:57
- मृत्यु पंचक22:57 –00:24, 4 जुल॰
- रोग पंचक00:24 –02:01, 4 जुल॰
- शुभ मुहूर्त02:01 –03:58, 4 जुल॰
- मृत्यु पंचक03:58 –05:12, 4 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:02 –06:16
- कर्क06:16 –08:35
- सिंह08:35 –10:50
- कन्या10:50 –13:04
- तुला13:04 –15:22
- वृश्चिक15:22 –17:40
- धनु17:40 –19:44
- मकर19:44 –21:28
- कुम्भ21:28 –22:57
- मीन22:57 –00:24, 4 जुल॰
- मेष00:24 –02:01, 4 जुल॰
- वृषभ02:01 –03:58, 4 जुल॰
- मिथुन03:58 –06:12, 4 जुल॰
पंचांग · अयोध्या, 3 जुलाई 2030
बुधवार, 3 जुलाई 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:12 और सूर्यास्त 18:59 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 06:03 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र पुष्य 17:08 तक, फिर अश्लेषा; योग हर्षण 21:53 तक, फिर वज्र; करण कौलव 06:03 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 12:05–13:49, अभिजित मुहूर्त 11:38–12:33। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 3 जुलाई 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 06:03 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:12, अयोध्या)।
3 जुलाई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुष्य 17:08 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 4 जुलाई 18:25 तक।
अयोध्या में 3 जुलाई 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:05–13:49, यमगण्ड 06:55–08:39, गुलिक काल 10:22–12:05।
अयोध्या में 3 जुलाई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:12, सूर्यास्त 18:59, चंद्रोदय 07:14 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 जुलाई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:38–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 03:50–04:31। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2832° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP