पंचांग · सोमवार, 13 मई 2030अयोध्या

वैशाख · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2087मोहिनी एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:15सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 08:33 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
06:00 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:1518:40
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
06:56 –08:36
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:15दिन18:40
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
06:0008:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात05:14
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
21:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    08:33 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    06:21, 14 मई तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    06:00 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    04:39, 14 मई तक
  3. हस्तस्वामी चन्द्र
    02:40, 15 मई तक
योग
  1. हर्षण
    01:03, 14 मई तक
  2. वज्र
    21:48, 14 मई तक
करण
  1. गर
    08:33 तक
  2. वणिज
    19:32 तक
  3. विष्टि
    06:21, 14 मई तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:15
बिंब मध्य 05:19
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
14:19
चंद्रास्त
01:47
दिनमान
13h 25m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
सिंह
11:44 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:50 –04:33
  • प्रातः संध्या04:12 –05:15
  • अभिजित मुहूर्त11:31 –12:25
  • विजय मुहूर्त14:12 –15:06
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:02
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:44
  • निशीथ मुहूर्त23:36 –00:19, 14 मई
  • अमृत काल21:51 –23:22
इन समयों से बचें
  • राहु काल06:56 –08:36
  • यमगंड10:17 –11:58
  • गुलिक काल13:38 –15:19
  • दुर्मुहूर्त12:25 –13:18
  • दुर्मुहूर्त15:06 –15:59
  • वर्ज्य12:48 –14:18
  • भद्रा19:32 –05:14, 14 मई

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:15 – 06:56
  • कालहानि06:56 – 08:36
  • शुभशुभ08:36 – 10:17
  • रोगअनिष्ट10:17 – 11:58
  • उद्वेगअशुभ11:58 – 13:38
  • चरसम13:38 – 15:19
  • लाभलाभ15:19 – 17:00
  • अमृतश्रेष्ठ17:00 – 18:40
रात
  • चरसम18:40 – 20:00
  • रोगअनिष्ट20:00 – 21:19
  • कालहानि21:19 – 22:38
  • लाभलाभ22:38 – 23:57
  • उद्वेगअशुभ23:57 – 01:17
  • शुभशुभ01:17 – 02:36
  • अमृतश्रेष्ठ02:36 – 03:55
  • चरसम03:55 – 05:14

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:15–06:22
शनि06:22–07:29
गुरु07:29–08:36
मंगल08:36–09:43
सूर्य09:43–10:51
शुक्र10:51–11:58
बुध11:58–13:05
चन्द्र13:05–14:12
शनि14:12–15:19
गुरु15:19–16:26
मंगल16:26–17:33
सूर्य17:33–18:40
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:40–19:33
बुध19:33–20:26
चन्द्र20:26–21:19
शनि21:19–22:12
गुरु22:12–23:05
मंगल23:05–23:57
सूर्य23:57–00:50
शुक्र00:50–01:43
बुध01:43–02:36
चन्द्र02:36–03:29
शनि03:29–04:22
गुरु04:22–05:14

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद06:00 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद11:44 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद17:25 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 3 पद23:03 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद04:39, 14 मई तक
  • हस्त 1 पद10:12, 14 मई तक
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका 1 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 25m
रात्रिमान
10h 34m
मध्याह्न
11:58

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 11:44 तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 06:00 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · 04:39, 14 मई तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
हस्त · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 11:44 तकदक्षिण
अग्निवास
आकाश · 08:33 तकपाताल
शिववास
सभा में · 08:33 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:15 –05:26
  • शुभ मुहूर्त05:26 –06:00
  • रोग पंचक06:00 –07:22
  • शुभ मुहूर्त07:22 –08:33
  • मृत्यु पंचक08:33 –09:36
  • अग्नि पंचक09:36 –11:55
  • शुभ मुहूर्त11:55 –14:11
  • राज पंचक14:11 –16:25
  • शुभ मुहूर्त16:25 –18:43
  • चोर पंचक18:43 –21:00
  • शुभ मुहूर्त21:00 –23:05
  • रोग पंचक23:05 –00:48, 14 मई
  • शुभ मुहूर्त00:48 –02:18, 14 मई
  • मृत्यु पंचक02:18 –03:45, 14 मई
  • रोग पंचक03:45 –04:39, 14 मई
  • शुभ मुहूर्त04:39 –05:14, 14 मई

उदय लग्न

  • मेष03:49 –05:26
  • वृषभ05:26 –07:22
  • मिथुन07:22 –09:36
  • कर्क09:36 –11:55
  • सिंह11:55 –14:11
  • कन्या14:11 –16:25
  • तुला16:25 –18:43
  • वृश्चिक18:43 –21:00
  • धनु21:00 –23:05
  • मकर23:05 –00:48, 14 मई
  • कुम्भ00:48 –02:18, 14 मई
  • मीन02:18 –03:45, 14 मई
  • मेष03:45 –05:22, 14 मई

पंचांग · अयोध्या, 13 मई 2030

सोमवार, 13 मई 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:15 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 08:33 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 06:00 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग हर्षण 14 मई 01:03 तक, फिर वज्र; करण गर 08:33 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 06:56–08:36, अभिजित मुहूर्त 11:31–12:25। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 13 मई 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 08:33 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 05:15, अयोध्या)।

13 मई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 06:00 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 11:44 तक।

अयोध्या में 13 मई 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 06:56–08:36, यमगण्ड 10:17–11:58, गुलिक काल 13:38–15:19।

अयोध्या में 13 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:15, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 14:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

13 मई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:31–12:25, ब्रह्म मुहूर्त 03:50–04:33। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

13 मई 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

मोहिनी एकादशी।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर मई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2812° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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