पंचांग · शनिवार, 4 मई 2030अयोध्या

वैशाख · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:21सूर्योदय18:35सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 00:50, 5 मई तक
नक्षत्र
कृत्तिका
16:30 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2118:35
शनिवार · शनि
राहु काल
08:40 –10:19
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:21दिन18:35
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
अमृत काल
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
06:0008:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:35रात05:20
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
21:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    00:50, 5 मई तक
  2. शुक्ल तृतीया
    03:27, 6 मई तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    16:30 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    19:39, 5 मई तक
योग
  1. शोभन
    05:30, 5 मई तक
करण
  1. बालव
    11:31 तक
  2. कौलव
    00:50, 5 मई तक
  3. तैतिल
    14:09, 5 मई तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:21
बिंब मध्य 05:24
सूर्यास्त
18:35
बिंब मध्य 18:31
चंद्रोदय
06:14
चंद्रास्त
20:14
दिनमान
13h 14m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृषभ
09:12, 6 मई तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:55 –04:38
  • प्रातः संध्या04:16 –05:21
  • अभिजित मुहूर्त11:32 –12:25
  • विजय मुहूर्त14:11 –15:04
  • गोधूलि मुहूर्त18:35 –18:57
  • सायाह्न संध्या18:35 –19:40
  • निशीथ मुहूर्त23:36 –00:19, 5 मई
  • अमृत काल13:47 –15:35
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:40 –10:19
  • यमगंड13:37 –15:17
  • गुलिक काल05:21 –07:00
  • दुर्मुहूर्त05:21 –06:14
  • दुर्मुहूर्त06:14 –07:07

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:21 – 07:00
  • शुभशुभ07:00 – 08:40
  • रोगअनिष्ट08:40 – 10:19
  • उद्वेगअशुभ10:19 – 11:58
  • चरसम11:58 – 13:37
  • लाभलाभ13:37 – 15:17
  • अमृतश्रेष्ठ15:17 – 16:56
  • कालहानि16:56 – 18:35
रात
  • लाभलाभ18:35 – 19:56
  • उद्वेगअशुभ19:56 – 21:17
  • शुभशुभ21:17 – 22:37
  • अमृतश्रेष्ठ22:37 – 23:58
  • चरसम23:58 – 01:18
  • रोगअनिष्ट01:18 – 02:39
  • कालहानि02:39 – 04:00
  • लाभलाभ04:00 – 05:20

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:21–06:27
गुरु06:27–07:33
मंगल07:33–08:40
सूर्य08:40–09:46
शुक्र09:46–10:52
बुध10:52–11:58
चन्द्र11:58–13:04
शनि13:04–14:11
गुरु14:11–15:17
मंगल15:17–16:23
सूर्य16:23–17:29
शुक्र17:29–18:35
रात
ग्रहसमय
बुध18:35–19:29
चन्द्र19:29–20:23
शनि20:23–21:17
गुरु21:17–22:10
मंगल22:10–23:04
सूर्य23:04–23:58
शुक्र23:58–00:52
बुध00:52–01:45
चन्द्र01:45–02:39
शनि02:39–03:33
गुरु03:33–04:27
मंगल04:27–05:20

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 3 पद09:42 तक
  • कृत्तिका 4 पद16:30 तक
  • रोहिणी 1 पद23:17 तक
  • रोहिणी 2 पद06:05, 5 मई तक
सूर्य नक्षत्र
भरणी 2 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 14m
रात्रिमान
10h 45m
मध्याह्न
11:58

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 16:30 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 00:50, 5 मई तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 00:50, 5 मई तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:21 –06:01
  • शुभ मुहूर्त06:01 –07:57
  • चोर पंचक07:57 –10:12
  • शुभ मुहूर्त10:12 –12:31
  • रोग पंचक12:31 –14:46
  • शुभ मुहूर्त14:46 –16:30
  • मृत्यु पंचक16:30 –17:00
  • अग्नि पंचक17:00 –19:18
  • शुभ मुहूर्त19:18 –21:36
  • राज पंचक21:36 –23:40
  • शुभ मुहूर्त23:40 –00:50, 5 मई
  • चोर पंचक00:50 –01:24, 5 मई
  • शुभ मुहूर्त01:24 –02:53, 5 मई
  • रोग पंचक02:53 –04:20, 5 मई
  • चोर पंचक04:20 –05:20, 5 मई

उदय लग्न

  • मेष04:24 –06:01
  • वृषभ06:01 –07:57
  • मिथुन07:57 –10:12
  • कर्क10:12 –12:31
  • सिंह12:31 –14:46
  • कन्या14:46 –17:00
  • तुला17:00 –19:18
  • वृश्चिक19:18 –21:36
  • धनु21:36 –23:40
  • मकर23:40 –01:24, 5 मई
  • कुम्भ01:24 –02:53, 5 मई
  • मीन02:53 –04:20, 5 मई
  • मेष04:20 –05:57, 5 मई

पंचांग · अयोध्या, 4 मई 2030

शनिवार, 4 मई 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:21 और सूर्यास्त 18:35 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 5 मई 00:50 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र कृत्तिका 16:30 तक, फिर रोहिणी; योग शोभन 5 मई 05:30 तक; करण बालव 11:31 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 08:40–10:19, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:25। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 4 मई 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 5 मई 00:50 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:21, अयोध्या)।

4 मई 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 16:30 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 6 मई 09:12 तक।

अयोध्या में 4 मई 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:40–10:19, यमगण्ड 13:37–15:17, गुलिक काल 05:21–07:00।

अयोध्या में 4 मई 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:21, सूर्यास्त 18:35, चंद्रोदय 06:14 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 मई 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:32–12:25, ब्रह्म मुहूर्त 03:55–04:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर मई 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2809° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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