पंचांग · मंगलवार, 30 अप्रैल 2030अयोध्या

चैत्र · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:24सूर्योदय18:33सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 15:22 तक
नक्षत्र
रेवती
07:37, 1 मई तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2418:33
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:16 –16:55
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:24दिन18:33
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
भद्रा
06:0008:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:33रात05:23
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    15:22 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    17:23, 1 मई तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    07:37, 1 मई तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    01:48, 1 मई तक
  2. प्रीति
    02:29, 2 मई तक
करण
  1. वणिज
    15:22 तक
  2. विष्टि
    04:20, 1 मई तक
  3. शकुनि
    17:23, 1 मई तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:24
बिंब मध्य 05:28
सूर्यास्त
18:33
बिंब मध्य 18:29
चंद्रोदय
03:42
चंद्रास्त
16:44
दिनमान
13h 9m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
मीन
07:37, 1 मई तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:57 –04:41
  • प्रातः संध्या04:19 –05:24
  • अभिजित मुहूर्त11:32 –12:25
  • विजय मुहूर्त14:10 –15:03
  • गोधूलि मुहूर्त18:33 –18:55
  • सायाह्न संध्या18:33 –19:38
  • निशीथ मुहूर्त23:37 –00:20, 1 मई
  • अमृत काल04:58 –06:44, 1 मई
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:16 –16:55
  • यमगंड08:41 –10:20
  • गुलिक काल11:59 –13:37
  • दुर्मुहूर्त08:02 –08:55
  • दुर्मुहूर्त22:53 –23:37
  • वर्ज्य18:23 –20:09
  • गंड मूल05:24 –05:23, 1 मई
  • भद्रा15:22 –04:20, 1 मई

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट05:24 – 07:03
  • उद्वेगअशुभ07:03 – 08:41
  • चरसम08:41 – 10:20
  • लाभलाभ10:20 – 11:59
  • अमृतश्रेष्ठ11:59 – 13:37
  • कालहानि13:37 – 15:16
  • शुभशुभ15:16 – 16:55
  • रोगअनिष्ट16:55 – 18:33
रात
  • कालहानि18:33 – 19:54
  • लाभलाभ19:54 – 21:16
  • उद्वेगअशुभ21:16 – 22:37
  • शुभशुभ22:37 – 23:58
  • अमृतश्रेष्ठ23:58 – 01:19
  • चरसम01:19 – 02:41
  • रोगअनिष्ट02:41 – 04:02
  • कालहानि04:02 – 05:23

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल05:24–06:30
सूर्य06:30–07:36
शुक्र07:36–08:41
बुध08:41–09:47
चन्द्र09:47–10:53
शनि10:53–11:59
गुरु11:59–13:04
मंगल13:04–14:10
सूर्य14:10–15:16
शुक्र15:16–16:22
बुध16:22–17:27
चन्द्र17:27–18:33
रात
ग्रहसमय
शनि18:33–19:27
गुरु19:27–20:22
मंगल20:22–21:16
सूर्य21:16–22:10
शुक्र22:10–23:04
बुध23:04–23:58
चन्द्र23:58–00:52
शनि00:52–01:47
गुरु01:47–02:41
मंगल02:41–03:35
सूर्य03:35–04:29
शुक्र04:29–05:23

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 1 पद11:45 तक
  • रेवती 2 पद18:21 तक
  • रेवती 3 पद00:58, 1 मई तक
  • रेवती 4 पद07:37, 1 मई तक
सूर्य नक्षत्र
भरणी 1 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 9m
रात्रिमान
10h 50m
मध्याह्न
11:59

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 15:22 तकआकाश
शिववास
भोजन में · 15:22 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:24 –06:17
  • चोर पंचक06:17 –08:13
  • शुभ मुहूर्त08:13 –10:27
  • रोग पंचक10:27 –12:46
  • शुभ मुहूर्त12:46 –15:02
  • मृत्यु पंचक15:02 –15:22
  • अग्नि पंचक15:22 –17:16
  • शुभ मुहूर्त17:16 –19:34
  • राज पंचक19:34 –21:51
  • शुभ मुहूर्त21:51 –23:56
  • चोर पंचक23:56 –01:39, 1 मई
  • शुभ मुहूर्त01:39 –03:09, 1 मई
  • रोग पंचक03:09 –04:36, 1 मई
  • चोर पंचक04:36 –05:23, 1 मई

उदय लग्न

  • मेष04:40 –06:17
  • वृषभ06:17 –08:13
  • मिथुन08:13 –10:27
  • कर्क10:27 –12:46
  • सिंह12:46 –15:02
  • कन्या15:02 –17:16
  • तुला17:16 –19:34
  • वृश्चिक19:34 –21:51
  • धनु21:51 –23:56
  • मकर23:56 –01:39, 1 मई
  • कुम्भ01:39 –03:09, 1 मई
  • मीन03:09 –04:36, 1 मई
  • मेष04:36 –06:13, 1 मई

पंचांग · अयोध्या, 30 अप्रैल 2030

मंगलवार, 30 अप्रैल 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:24 और सूर्यास्त 18:33 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 15:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र रेवती 1 मई 07:37 तक; योग विष्कुम्भ 1 मई 01:48 तक, फिर प्रीति; करण वणिज 15:22 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:16–16:55, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:25। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 30 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 15:22 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:24, अयोध्या)।

30 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 1 मई 07:37 तक। चंद्रमा मीन राशि में 1 मई 07:37 तक।

अयोध्या में 30 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:16–16:55, यमगण्ड 08:41–10:20, गुलिक काल 11:59–13:37।

अयोध्या में 30 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:24, सूर्यास्त 18:33, चंद्रोदय 03:42 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:32–12:25, ब्रह्म मुहूर्त 03:57–04:41। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2807° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP