पंचांग · सोमवार, 15 अप्रैल 2030अयोध्या

चैत्र · शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2087सोम प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:38सूर्योदय18:25सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वादशी
शुक्ल · 18:04 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
20:20 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3818:25
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:14 –08:50
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:38दिन18:25
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:25रात05:37
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वादशी
    18:04 तक
  2. शुक्ल त्रयोदशी
    15:26, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    20:20 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    18:24, 16 अप्रैल तक
योग
  1. वृद्धि
    18:07 तक
  2. ध्रुव
    14:52, 16 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    07:09 तक
  2. बालव
    18:04 तक
  3. कौलव
    04:49, 16 अप्रैल तक
  4. तैतिल
    15:26, 16 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:38
बिंब मध्य 05:41
सूर्यास्त
18:25
बिंब मध्य 18:21
चंद्रोदय
15:35
चंद्रास्त
03:15
दिनमान
12h 47m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
सिंह
01:54, 16 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:08 –04:53
  • प्रातः संध्या04:30 –05:38
  • अभिजित मुहूर्त11:36 –12:27
  • विजय मुहूर्त14:09 –15:01
  • गोधूलि मुहूर्त18:25 –18:48
  • सायाह्न संध्या18:25 –19:32
  • निशीथ मुहूर्त23:39 –00:23, 16 अप्रैल
  • अमृत काल14:17 –15:48
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:14 –08:50
  • यमगंड10:26 –12:01
  • गुलिक काल13:37 –15:13
  • दुर्मुहूर्त12:27 –13:18
  • दुर्मुहूर्त15:01 –15:52
  • वर्ज्य05:12 –06:43
  • वर्ज्य02:57 –04:26, 16 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:38 – 07:14
  • कालहानि07:14 – 08:50
  • शुभशुभ08:50 – 10:26
  • रोगअनिष्ट10:26 – 12:01
  • उद्वेगअशुभ12:01 – 13:37
  • चरसम13:37 – 15:13
  • लाभलाभ15:13 – 16:49
  • अमृतश्रेष्ठ16:49 – 18:25
रात
  • चरसम18:25 – 19:49
  • रोगअनिष्ट19:49 – 21:13
  • कालहानि21:13 – 22:37
  • लाभलाभ22:37 – 00:01
  • उद्वेगअशुभ00:01 – 01:25
  • शुभशुभ01:25 – 02:49
  • अमृतश्रेष्ठ02:49 – 04:13
  • चरसम04:13 – 05:37

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:38–06:42
शनि06:42–07:46
गुरु07:46–08:50
मंगल08:50–09:54
सूर्य09:54–10:58
शुक्र10:58–12:01
बुध12:01–13:05
चन्द्र13:05–14:09
शनि14:09–15:13
गुरु15:13–16:17
मंगल16:17–17:21
सूर्य17:21–18:25
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:25–19:21
बुध19:21–20:17
चन्द्र20:17–21:13
शनि21:13–22:09
गुरु22:09–23:05
मंगल23:05–00:01
सूर्य00:01–00:57
शुक्र00:57–01:53
बुध01:53–02:49
चन्द्र02:49–03:45
शनि03:45–04:41
गुरु04:41–05:37

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद09:04 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद14:43 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद20:20 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद01:54, 16 अप्रैल तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद07:26, 16 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 47m
रात्रिमान
11h 12m
मध्याह्न
12:01

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 01:54, 16 अप्रैल तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 20:20 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 01:54, 16 अप्रैल तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:04 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 18:04 तकनंदी पर
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:38 –05:39
  • रोग पंचक05:39 –07:16
  • शुभ मुहूर्त07:16 –09:12
  • मृत्यु पंचक09:12 –11:26
  • अग्नि पंचक11:26 –13:45
  • शुभ मुहूर्त13:45 –16:01
  • राज पंचक16:01 –18:04
  • शुभ मुहूर्त18:04 –18:15
  • चोर पंचक18:15 –20:20
  • शुभ मुहूर्त20:20 –20:33
  • रोग पंचक20:33 –22:50
  • शुभ मुहूर्त22:50 –00:55, 16 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक00:55 –02:38, 16 अप्रैल
  • अग्नि पंचक02:38 –04:08, 16 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:08 –05:35, 16 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:35 –05:37, 16 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:12 –05:39
  • मेष05:39 –07:16
  • वृषभ07:16 –09:12
  • मिथुन09:12 –11:26
  • कर्क11:26 –13:45
  • सिंह13:45 –16:01
  • कन्या16:01 –18:15
  • तुला18:15 –20:33
  • वृश्चिक20:33 –22:50
  • धनु22:50 –00:55, 16 अप्रैल
  • मकर00:55 –02:38, 16 अप्रैल
  • कुम्भ02:38 –04:08, 16 अप्रैल
  • मीन04:08 –05:35, 16 अप्रैल
  • मेष05:35 –07:12, 16 अप्रैल

पंचांग · अयोध्या, 15 अप्रैल 2030

सोमवार, 15 अप्रैल 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 18:25 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 18:04 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 20:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग वृद्धि 18:07 तक, फिर ध्रुव; करण बव 07:09 तक, फिर बालव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:14–08:50, अभिजित मुहूर्त 11:36–12:27। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 15 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वादशी 18:04 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:38, अयोध्या)।

15 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 20:20 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 16 अप्रैल 01:54 तक।

अयोध्या में 15 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:14–08:50, यमगण्ड 10:26–12:01, गुलिक काल 13:37–15:13।

अयोध्या में 15 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 18:25, चंद्रोदय 15:35 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:36–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:08–04:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

15 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

सोम प्रदोष।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2802° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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