पंचांग · शुक्रवार, 5 अप्रैल 2030अयोध्या

चैत्र · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:48सूर्योदय18:20सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 07:27 तक
नक्षत्र
भरणी
06:55, 6 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4818:20
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:30 –12:04
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:48दिन18:20
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:20रात05:47
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    07:27 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    09:56, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:55, 6 अप्रैल तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    20:54 तक
  2. प्रीति
    21:53, 6 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    07:27 तक
  2. तैतिल
    20:40 तक
  3. गर
    09:56, 6 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:48
बिंब मध्य 05:51
सूर्यास्त
18:20
बिंब मध्य 18:16
चंद्रोदय
06:53
चंद्रास्त
20:35
दिनमान
12h 32m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मेष
13:42, 6 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:16 –05:02
  • प्रातः संध्या04:39 –05:48
  • अभिजित मुहूर्त11:39 –12:29
  • विजय मुहूर्त14:10 –15:00
  • गोधूलि मुहूर्त18:20 –18:43
  • सायाह्न संध्या18:20 –19:29
  • निशीथ मुहूर्त23:41 –00:27, 6 अप्रैल
  • अमृत काल01:32 –03:20, 6 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:30 –12:04
  • यमगंड15:12 –16:46
  • गुलिक काल07:22 –08:56
  • दुर्मुहूर्त08:18 –09:09
  • दुर्मुहूर्त12:29 –13:19
  • वर्ज्य14:46 –16:33

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:48 – 07:22
  • लाभलाभ07:22 – 08:56
  • अमृतश्रेष्ठ08:56 – 10:30
  • कालहानि10:30 – 12:04
  • शुभशुभ12:04 – 13:38
  • रोगअनिष्ट13:38 – 15:12
  • उद्वेगअशुभ15:12 – 16:46
  • चरसम16:46 – 18:20
रात
  • रोगअनिष्ट18:20 – 19:46
  • कालहानि19:46 – 21:12
  • लाभलाभ21:12 – 22:38
  • उद्वेगअशुभ22:38 – 00:04
  • शुभशुभ00:04 – 01:29
  • अमृतश्रेष्ठ01:29 – 02:55
  • चरसम02:55 – 04:21
  • रोगअनिष्ट04:21 – 05:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:48–06:51
बुध06:51–07:53
चन्द्र07:53–08:56
शनि08:56–09:59
गुरु09:59–11:01
मंगल11:01–12:04
सूर्य12:04–13:07
शुक्र13:07–14:10
बुध14:10–15:12
चन्द्र15:12–16:15
शनि16:15–17:18
गुरु17:18–18:20
रात
ग्रहसमय
मंगल18:20–19:17
सूर्य19:17–20:15
शुक्र20:15–21:12
बुध21:12–22:09
चन्द्र22:09–23:06
शनि23:06–00:04
गुरु00:04–01:01
मंगल01:01–01:58
सूर्य01:58–02:55
शुक्र02:55–03:53
बुध03:53–04:50
चन्द्र04:50–05:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 1 पद10:42 तक
  • भरणी 2 पद17:25 तक
  • भरणी 3 पद00:10, 6 अप्रैल तक
  • भरणी 4 पद06:55, 6 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 32m
रात्रिमान
11h 27m
मध्याह्न
12:04

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
आकाश · 07:27 तकपाताल
शिववास
गौरी के साथ · 07:27 तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक05:48 –06:18
  • अग्नि पंचक06:18 –07:27
  • शुभ मुहूर्त07:27 –07:55
  • राज पंचक07:55 –09:51
  • शुभ मुहूर्त09:51 –12:06
  • चोर पंचक12:06 –14:25
  • शुभ मुहूर्त14:25 –16:40
  • रोग पंचक16:40 –18:54
  • शुभ मुहूर्त18:54 –21:12
  • मृत्यु पंचक21:12 –23:30
  • अग्नि पंचक23:30 –01:34, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:34 –03:18, 6 अप्रैल
  • राज पंचक03:18 –04:47, 6 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:47 –05:47, 6 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:51 –06:18
  • मेष06:18 –07:55
  • वृषभ07:55 –09:51
  • मिथुन09:51 –12:06
  • कर्क12:06 –14:25
  • सिंह14:25 –16:40
  • कन्या16:40 –18:54
  • तुला18:54 –21:12
  • वृश्चिक21:12 –23:30
  • धनु23:30 –01:34, 6 अप्रैल
  • मकर01:34 –03:18, 6 अप्रैल
  • कुम्भ03:18 –04:47, 6 अप्रैल
  • मीन04:47 –06:14, 6 अप्रैल

पंचांग · अयोध्या, 5 अप्रैल 2030

शुक्रवार, 5 अप्रैल 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 05:48 और सूर्यास्त 18:20 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 07:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र भरणी 6 अप्रैल 06:55 तक; योग विष्कुम्भ 20:54 तक, फिर प्रीति; करण कौलव 07:27 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:30–12:04, अभिजित मुहूर्त 11:39–12:29। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 5 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 07:27 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:48, अयोध्या)।

5 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 6 अप्रैल 06:55 तक। चंद्रमा मेष राशि में 6 अप्रैल 13:42 तक।

अयोध्या में 5 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:30–12:04, यमगण्ड 15:12–16:46, गुलिक काल 07:22–08:56।

अयोध्या में 5 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 18:20, चंद्रोदय 06:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:39–12:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:16–05:02। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2798° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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