पंचांग · सोमवार, 4 फ़रवरी 2030अयोध्या
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल द्वितीया20:25 तक
- शुक्ल तृतीया20:43, 5 फ़र॰ तक
- शतभिषास्वामी राहु04:38, 5 फ़र॰ तक
- पूर्वभाद्रपदस्वामी गुरु05:44, 6 फ़र॰ तक
- वरीयान्08:19 तक
- परिघ07:06, 5 फ़र॰ तक
- बालव08:31 तक
- कौलव20:25 तक
- तैतिल08:29, 5 फ़र॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:45बिंब मध्य 06:48
- सूर्यास्त
- 17:45बिंब मध्य 17:41
- चंद्रोदय
- 07:28
- चंद्रास्त
- 19:30
- दिनमान
- 11h 0m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- कुम्भ23:24, 5 फ़र॰ तक
- सूर्य राशि
- मकर
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- माघ
- पूर्णिमांत मास
- माघ
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:01 –05:53
- प्रातः संध्या05:27 –06:45
- अभिजित मुहूर्त11:53 –12:37
- विजय मुहूर्त14:05 –14:49
- गोधूलि मुहूर्त17:45 –18:11
- सायाह्न संध्या17:45 –19:03
- निशीथ मुहूर्त23:49 –00:41, 5 फ़र॰
- अमृत काल21:18 –22:56
- राहु काल08:08 –09:30
- यमगंड10:53 –12:15
- गुलिक काल13:38 –15:00
- दुर्मुहूर्त12:37 –13:21
- दुर्मुहूर्त14:49 –15:33
- वर्ज्य11:31 –13:08
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:45 – 08:08
- कालहानि08:08 – 09:30
- शुभशुभ09:30 – 10:53
- रोगअनिष्ट10:53 – 12:15
- उद्वेगअशुभ12:15 – 13:38
- चरसम13:38 – 15:00
- लाभलाभ15:00 – 16:23
- अमृतश्रेष्ठ16:23 – 17:45
- चरसम17:45 – 19:23
- रोगअनिष्ट19:23 – 21:00
- कालहानि21:00 – 22:38
- लाभलाभ22:38 – 00:15
- उद्वेगअशुभ00:15 – 01:52
- शुभशुभ01:52 – 03:30
- अमृतश्रेष्ठ03:30 – 05:07
- चरसम05:07 – 06:44
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:45–07:40 |
| शनि | 07:40–08:35 |
| गुरु | 08:35–09:30 |
| मंगल | 09:30–10:25 |
| सूर्य | 10:25–11:20 |
| शुक्र | 11:20–12:15 |
| बुध | 12:15–13:10 |
| चन्द्र | 13:10–14:05 |
| शनि | 14:05–15:00 |
| गुरु | 15:00–15:55 |
| मंगल | 15:55–16:50 |
| सूर्य | 16:50–17:45 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 17:45–18:50 |
| बुध | 18:50–19:55 |
| चन्द्र | 19:55–21:00 |
| शनि | 21:00–22:05 |
| गुरु | 22:05–23:10 |
| मंगल | 23:10–00:15 |
| सूर्य | 00:15–01:20 |
| शुक्र | 01:20–02:25 |
| बुध | 02:25–03:30 |
| चन्द्र | 03:30–04:35 |
| शनि | 04:35–05:39 |
| गुरु | 05:39–06:44 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- शतभिषा 1 पद10:14 तक
- शतभिषा 2 पद16:20 तक
- शतभिषा 3 पद22:28 तक
- शतभिषा 4 पद04:38, 5 फ़र॰ तक
- पूर्वभाद्रपद 1 पद10:51, 5 फ़र॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- श्रवण 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शिशिर
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 11h 0m
- रात्रिमान
- 12h 59m
- मध्याह्न
- 12:15
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- आकाश · 20:25 तकपाताल
- शिववास
- गौरी के साथ · 20:25 तकसभा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:45 –07:18
- शुभ मुहूर्त07:18 –08:47
- राज पंचक08:47 –10:14
- अग्नि पंचक10:14 –11:51
- शुभ मुहूर्त11:51 –13:47
- राज पंचक13:47 –16:02
- शुभ मुहूर्त16:02 –18:20
- चोर पंचक18:20 –20:25
- शुभ मुहूर्त20:25 –20:36
- रोग पंचक20:36 –22:50
- शुभ मुहूर्त22:50 –01:08, 5 फ़र॰
- मृत्यु पंचक01:08 –03:26, 5 फ़र॰
- अग्नि पंचक03:26 –04:38, 5 फ़र॰
- शुभ मुहूर्त04:38 –05:30, 5 फ़र॰
- राज पंचक05:30 –06:44, 5 फ़र॰
उदय लग्न
- मकर05:34 –07:18
- कुम्भ07:18 –08:47
- मीन08:47 –10:14
- मेष10:14 –11:51
- वृषभ11:51 –13:47
- मिथुन13:47 –16:02
- कर्क16:02 –18:20
- सिंह18:20 –20:36
- कन्या20:36 –22:50
- तुला22:50 –01:08, 5 फ़र॰
- वृश्चिक01:08 –03:26, 5 फ़र॰
- धनु03:26 –05:30, 5 फ़र॰
- मकर05:30 –07:14, 5 फ़र॰
पंचांग · अयोध्या, 4 फ़रवरी 2030
सोमवार, 4 फ़रवरी 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 06:45 और सूर्यास्त 17:45 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 20:25 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र शतभिषा 5 फ़रवरी 04:38 तक, फिर पूर्वभाद्रपद; योग वरीयान् 08:19 तक, फिर परिघ; करण बालव 08:31 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कुम्भ राशि में, सूर्य मकर राशि में। राहुकाल 08:08–09:30, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:37। मास माघ (पूर्णिमांत) / माघ (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
अयोध्या में 4 फ़रवरी 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल द्वितीया 20:25 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 06:45, अयोध्या)।
4 फ़रवरी 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
शतभिषा 5 फ़रवरी 04:38 तक, फिर पूर्वभाद्रपद। चंद्रमा कुम्भ राशि में 5 फ़रवरी 23:24 तक।
अयोध्या में 4 फ़रवरी 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 08:08–09:30, यमगण्ड 10:53–12:15, गुलिक काल 13:38–15:00।
अयोध्या में 4 फ़रवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:45, सूर्यास्त 17:45, चंद्रोदय 07:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 फ़रवरी 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:53–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 05:01–05:53। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
अयोध्या हिन्दू कैलेंडर फ़रवरी 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2775° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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