पंचांग · शुक्रवार, 4 जनवरी 2030अयोध्या

मार्गशीर्ष · अमावस्या · विक्रम संवत 2086अमावस्या

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:51सूर्योदय17:22सूर्यास्त
तिथि
अमावस्या
कृष्ण · 08:19 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
20:22 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:5117:22
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:47 –12:06
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:51दिन17:22
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
09:0011:0013:0015:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:22रात06:51
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
18:0020:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. अमावस्या
    08:19 तक
  2. शुक्ल प्रतिपदा
    06:09, 5 जन॰ तक
  3. शुक्ल द्वितीया
    04:29, 6 जन॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    20:22 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    19:09, 5 जन॰ तक
योग
  1. ध्रुव
    09:52 तक
  2. व्याघात
    06:54, 5 जन॰ तक
करण
  1. नाग
    08:19 तक
  2. किंस्तुघ्न
    19:11 तक
  3. बव
    06:09, 5 जन॰ तक
  4. बालव
    17:15, 5 जन॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:51
बिंब मध्य 06:54
सूर्यास्त
17:22
बिंब मध्य 17:17
चंद्रोदय
06:47
चंद्रास्त
17:44
दिनमान
10h 31m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
धनु
02:01, 5 जन॰ तक
सूर्य राशि
धनु

चांद्र पंचांग

अमांत मास
मार्गशीर्ष
पूर्णिमांत मास
पौष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
हेमंत
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:03 –05:57
  • प्रातः संध्या05:30 –06:51
  • अभिजित मुहूर्त11:45 –12:27
  • विजय मुहूर्त13:51 –14:33
  • गोधूलि मुहूर्त17:22 –17:49
  • सायाह्न संध्या17:22 –18:43
  • निशीथ मुहूर्त23:39 –00:33, 5 जन॰
  • अमृत काल15:54 –17:23
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:47 –12:06
  • यमगंड14:44 –16:03
  • गुलिक काल08:10 –09:28
  • दुर्मुहूर्त08:57 –09:39
  • दुर्मुहूर्त12:27 –13:09
  • वर्ज्य06:57 –08:27
  • वर्ज्य03:58 –05:29, 5 जन॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:51 – 08:10
  • लाभलाभ08:10 – 09:28
  • अमृतश्रेष्ठ09:28 – 10:47
  • कालहानि10:47 – 12:06
  • शुभशुभ12:06 – 13:25
  • रोगअनिष्ट13:25 – 14:44
  • उद्वेगअशुभ14:44 – 16:03
  • चरसम16:03 – 17:22
रात
  • रोगअनिष्ट17:22 – 19:03
  • कालहानि19:03 – 20:44
  • लाभलाभ20:44 – 22:25
  • उद्वेगअशुभ22:25 – 00:06
  • शुभशुभ00:06 – 01:47
  • अमृतश्रेष्ठ01:47 – 03:29
  • चरसम03:29 – 05:10
  • रोगअनिष्ट05:10 – 06:51

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:51–07:43
बुध07:43–08:36
चन्द्र08:36–09:28
शनि09:28–10:21
गुरु10:21–11:14
मंगल11:14–12:06
सूर्य12:06–12:59
शुक्र12:59–13:51
बुध13:51–14:44
चन्द्र14:44–15:36
शनि15:36–16:29
गुरु16:29–17:22
रात
ग्रहसमय
मंगल17:22–18:29
सूर्य18:29–19:36
शुक्र19:36–20:44
बुध20:44–21:51
चन्द्र21:51–22:59
शनि22:59–00:06
गुरु00:06–01:14
मंगल01:14–02:21
सूर्य02:21–03:29
शुक्र03:29–04:36
बुध04:36–05:43
चन्द्र05:43–06:51

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद09:09 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद14:45 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद20:22 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद02:01, 5 जन॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद07:42, 5 जन॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 2 पद
ऋतु (दृक्)
शिशिर
ऋतु (वैदिक)
हेमंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 31m
रात्रिमान
13h 29m
मध्याह्न
12:06

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 02:01, 5 जन॰ तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 20:22 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व · 02:01, 5 जन॰ तकदक्षिण
अग्निवास
आकाश · 08:19 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:09, 5 जन॰ तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 08:19 तकश्मशान में · 06:09, 5 जन॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:51 –07:36
  • शुभ मुहूर्त07:36 –08:19
  • मृत्यु पंचक08:19 –09:19
  • अग्नि पंचक09:19 –10:49
  • शुभ मुहूर्त10:49 –12:16
  • मृत्यु पंचक12:16 –13:53
  • अग्नि पंचक13:53 –15:49
  • शुभ मुहूर्त15:49 –18:03
  • राज पंचक18:03 –20:22
  • शुभ मुहूर्त20:22 –20:22
  • चोर पंचक20:22 –22:38
  • शुभ मुहूर्त22:38 –00:52, 5 जन॰
  • रोग पंचक00:52 –03:10, 5 जन॰
  • शुभ मुहूर्त03:10 –05:28, 5 जन॰
  • मृत्यु पंचक05:28 –06:09, 5 जन॰
  • अग्नि पंचक06:09 –06:51, 5 जन॰

उदय लग्न

  • धनु05:31 –07:36
  • मकर07:36 –09:19
  • कुम्भ09:19 –10:49
  • मीन10:49 –12:16
  • मेष12:16 –13:53
  • वृषभ13:53 –15:49
  • मिथुन15:49 –18:03
  • कर्क18:03 –20:22
  • सिंह20:22 –22:38
  • कन्या22:38 –00:52, 5 जन॰
  • तुला00:52 –03:10, 5 जन॰
  • वृश्चिक03:10 –05:28, 5 जन॰
  • धनु05:28 –07:32, 5 जन॰

पंचांग · अयोध्या, 4 जनवरी 2030

शुक्रवार, 4 जनवरी 2030 को अयोध्या में सूर्योदय 06:51 और सूर्यास्त 17:22 पर है। तिथि अमावस्या 08:19 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 20:22 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग ध्रुव 09:52 तक, फिर व्याघात; करण नाग 08:19 तक, फिर किंस्तुघ्न। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य धनु राशि में। राहुकाल 10:47–12:06, अभिजित मुहूर्त 11:45–12:27। मास पौष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अयोध्या में 4 जनवरी 2030 को कौन सी तिथि है?

अमावस्या 08:19 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 06:51, अयोध्या)।

4 जनवरी 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 20:22 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 5 जनवरी 02:01 तक।

अयोध्या में 4 जनवरी 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:47–12:06, यमगण्ड 14:44–16:03, गुलिक काल 08:10–09:28।

अयोध्या में 4 जनवरी 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 17:22, चंद्रोदय 06:47 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 जनवरी 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:45–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 05:03–05:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 जनवरी 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अमावस्या।

अयोध्या हिन्दू कैलेंडर जनवरी 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2763° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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