पंचांग · रविवार, 19 अप्रैल 2026अमृतसर

वैशाख · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2083अक्षय तृतीया

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:58सूर्योदय19:02सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 10:49 तक
नक्षत्र
भरणी
07:09 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5819:02
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:24 –19:02
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:58दिन19:02
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:02रात05:57
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    10:49 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    07:28, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    07:09 तक
  2. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    04:35, 20 अप्रैल तक
  3. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    02:08, 21 अप्रैल तक
योग
  1. आयुष्मान्
    20:01 तक
  2. सौभाग्य
    16:11, 20 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    10:49 तक
  2. तैतिल
    21:08 तक
  3. गर
    07:28, 20 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:58
बिंब मध्य 06:01
सूर्यास्त
19:02
बिंब मध्य 18:57
चंद्रोदय
06:50
चंद्रास्त
21:31
दिनमान
13h 4m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मेष
12:31 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:14
  • प्रातः संध्या04:52 –05:58
  • अभिजित मुहूर्त12:04 –12:56
  • विजय मुहूर्त14:41 –15:33
  • गोधूलि मुहूर्त19:02 –19:24
  • सायाह्न संध्या19:02 –20:07
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:51, 20 अप्रैल
  • अमृत काल02:26 –03:52, 20 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:24 –19:02
  • यमगंड12:30 –14:08
  • गुलिक काल15:46 –17:24
  • दुर्मुहूर्त17:17 –18:10
  • वर्ज्य17:52 –19:18

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ05:58 – 07:36
  • चरसम07:36 – 09:14
  • लाभलाभ09:14 – 10:52
  • अमृतश्रेष्ठ10:52 – 12:30
  • कालहानि12:30 – 14:08
  • शुभशुभ14:08 – 15:46
  • रोगअनिष्ट15:46 – 17:24
  • उद्वेगअशुभ17:24 – 19:02
रात
  • शुभशुभ19:02 – 20:24
  • अमृतश्रेष्ठ20:24 – 21:46
  • चरसम21:46 – 23:07
  • रोगअनिष्ट23:07 – 00:29
  • कालहानि00:29 – 01:51
  • लाभलाभ01:51 – 03:13
  • उद्वेगअशुभ03:13 – 04:35
  • शुभशुभ04:35 – 05:57

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य05:58–07:03
शुक्र07:03–08:09
बुध08:09–09:14
चन्द्र09:14–10:19
शनि10:19–11:25
गुरु11:25–12:30
मंगल12:30–13:35
सूर्य13:35–14:41
शुक्र14:41–15:46
बुध15:46–16:51
चन्द्र16:51–17:57
शनि17:57–19:02
रात
ग्रहसमय
गुरु19:02–19:56
मंगल19:56–20:51
सूर्य20:51–21:46
शुक्र21:46–22:40
बुध22:40–23:35
चन्द्र23:35–00:29
शनि00:29–01:24
गुरु01:24–02:18
मंगल02:18–03:13
सूर्य03:13–04:08
शुक्र04:08–05:02
बुध05:02–05:57

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 4 पद07:09 तक
  • कृत्तिका 1 पद12:31 तक
  • कृत्तिका 2 पद17:52 तक
  • कृत्तिका 3 पद23:13 तक
  • कृत्तिका 4 पद04:35, 20 अप्रैल तक
  • रोहिणी 1 पद09:57, 20 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 4m
रात्रिमान
10h 55m
मध्याह्न
12:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · 12:31 तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · 07:09 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · 04:35, 20 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व · 12:31 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 10:49 तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 10:49 तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:58 –07:09
  • शुभ मुहूर्त07:09 –07:20
  • रोग पंचक07:20 –09:14
  • शुभ मुहूर्त09:14 –10:49
  • मृत्यु पंचक10:49 –11:30
  • अग्नि पंचक11:30 –13:52
  • शुभ मुहूर्त13:52 –16:13
  • राज पंचक16:13 –18:33
  • शुभ मुहूर्त18:33 –20:55
  • चोर पंचक20:55 –23:15
  • शुभ मुहूर्त23:15 –01:18, 20 अप्रैल
  • रोग पंचक01:18 –02:58, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:58 –04:22, 20 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक04:22 –04:35, 20 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:35 –05:44, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:44 –05:57, 20 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:48 –07:20
  • वृषभ07:20 –09:14
  • मिथुन09:14 –11:30
  • कर्क11:30 –13:52
  • सिंह13:52 –16:13
  • कन्या16:13 –18:33
  • तुला18:33 –20:55
  • वृश्चिक20:55 –23:15
  • धनु23:15 –01:18, 20 अप्रैल
  • मकर01:18 –02:58, 20 अप्रैल
  • कुम्भ02:58 –04:22, 20 अप्रैल
  • मीन04:22 –05:44, 20 अप्रैल
  • मेष05:44 –07:16, 20 अप्रैल

पंचांग · अमृतसर, 19 अप्रैल 2026

रविवार, 19 अप्रैल 2026 को अमृतसर में सूर्योदय 05:58 और सूर्यास्त 19:02 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 10:49 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र भरणी 07:09 तक, फिर कृत्तिका; योग आयुष्मान् 20:01 तक, फिर सौभाग्य; करण कौलव 10:49 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 17:24–19:02, अभिजित मुहूर्त 12:04–12:56। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

अमृतसर में 19 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 10:49 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:58, अमृतसर)।

19 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 07:09 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 12:31 तक।

अमृतसर में 19 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:24–19:02, यमगण्ड 12:30–14:08, गुलिक काल 15:46–17:24।

अमृतसर में 19 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:58, सूर्यास्त 19:02, चंद्रोदय 06:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:04–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

19 अप्रैल 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अक्षय तृतीया।

अमृतसर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2244° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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