शुभ होरा · वाराणसी

बुधवार, 30 अक्टूबर 202406:0517:18

दिनसूर्योदय से · 06:05
ग्रहसमय
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:05 –07:01
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:01 –07:57
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें07:57 –08:53
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ08:53 –09:49
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें09:49 –10:45
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि10:45 –11:42
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद11:42 –12:38
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद12:38 –13:34
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य13:34 –14:30
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें14:30 –15:26
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ15:26 –16:22
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें16:22 –17:18
रातसूर्यास्त से · 17:18
ग्रहसमय
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि17:18 –18:22
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद18:22 –19:26
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद19:26 –20:30
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य20:30 –21:34
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें21:34 –22:38
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ22:38 –23:42
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें23:42 –00:46, 31 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि00:46, 31 अक्टू॰ –01:50, 31 अक्टू॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद01:50, 31 अक्टू॰ –02:54, 31 अक्टू॰
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद02:54, 31 अक्टू॰ –03:58, 31 अक्टू॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य03:58, 31 अक्टू॰ –05:01, 31 अक्टू॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें05:01, 31 अक्टू॰ –06:05, 31 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 30 अक्टूबर 2024 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 06:05 पर पहली होरा बुध की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर