लग्न सारणी · वाराणसी
बुधवार, 30 अक्टूबर 202406:0517:18
पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.05:10 –07:27
- 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 16 मि.07:27 –09:43
- 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 5 मि.09:43 –11:48
- 10मकरचर1 घं. 45 मि.11:48 –13:33
- 11कुम्भस्थिर1 घं. 31 मि.13:33 –15:04
- 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 28 मि.15:04 –16:32
- 1मेषचर1 घं. 39 मि.16:32 –18:11
- 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.18:11 –20:08
- 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.20:08 –22:22
- 4कर्कचर2 घं. 17 मि.22:22 –00:39, 31 अक्टू॰
- 5सिंहस्थिर2 घं. 14 मि.00:39, 31 अक्टू॰ –02:53, 31 अक्टू॰
- 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 13 मि.02:53, 31 अक्टू॰ –05:06, 31 अक्टू॰
- 7तुलाचर2 घं. 17 मि.05:06, 31 अक्टू॰ –07:23, 31 अक्टू॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
लग्न सारणी
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
इस दिन के लिए और
लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर
लग्न सारणी क्या है?
उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।
वाराणसी में 30 अक्टूबर 2024 की लग्न सारणी क्या है?
सूर्योदय 06:05 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।