गौरी पंचांगम · जयपुर
सोमवार, 31 अगस्त 202606:0618:48
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:06
- अमिर्दाश्रेष्ठ06:06 –07:41
- विषम्अशुभ07:41 –09:16राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:16 –10:52
- लाभम्लाभ10:52 –12:27
- धनम्धन12:27 –14:02
- सुगम्शुभ14:02 –15:38
- सोरम्अशुभ15:38 –17:13
- उथिशुभ17:13 –18:48
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:48
- सुगम्शुभ18:48 –20:13
- सोरम्अशुभ20:13 –21:38
- उथिशुभ21:38 –23:03
- अमिर्दाश्रेष्ठ23:03 –00:27, 1 सित॰
- विषम्अशुभ00:27, 1 सित॰ –01:52, 1 सित॰
- रोगम्अनिष्ट01:52, 1 सित॰ –03:17, 1 सित॰
- लाभम्लाभ03:17, 1 सित॰ –04:41, 1 सित॰
- धनम्धन04:41, 1 सित॰ –06:06, 1 सित॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 31 अगस्त 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:48।