लग्न सारणी · जयपुर

सोमवार, 31 अगस्त 202606:0618:48

पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि लगभग हर दो घंटे में बदलती है; स्थायी कार्य के लिए स्थिर राशियाँ (वृषभ, सिंह, वृश्चिक, कुंभ) श्रेष्ठ मानी जाती हैं।
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 15 मि.05:08 –07:23
  • 6कन्याद्विस्वभाव2 घं. 15 मि.07:23 –09:38
  • 7तुलाचर2 घं. 18 मि.09:38 –11:56
  • 8वृश्चिकस्थिर2 घं. 18 मि.11:56 –14:14
  • 9धनुद्विस्वभाव2 घं. 4 मि.14:14 –16:18
  • 10मकरचर1 घं. 44 मि.16:18 –18:02
  • 11कुम्भस्थिर1 घं. 29 मि.18:02 –19:31
  • 12मीनद्विस्वभाव1 घं. 27 मि.19:31 –20:58
  • 1मेषचर1 घं. 36 मि.20:58 –22:34
  • 2वृषभस्थिर1 घं. 57 मि.22:34 –00:31, 1 सित॰
  • 3मिथुनद्विस्वभाव2 घं. 14 मि.00:31, 1 सित॰ –02:45, 1 सित॰
  • 4कर्कचर2 घं. 19 मि.02:45, 1 सित॰ –05:04, 1 सित॰
  • 5सिंहस्थिर2 घं. 16 मि.05:04, 1 सित॰ –07:20, 1 सित॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

लग्न सारणी

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

लग्न सारणी — प्रश्न और उत्तर

लग्न सारणी क्या है?

उदय लग्न पूर्वी क्षितिज पर उदित राशि है। मुहूर्त ग्रंथ दिन जितनी ही सावधानी से लग्न चुनते हैं: गृह प्रवेश जैसे स्थायी कार्य के लिए बलवान स्थिर लग्न, यात्रा के लिए चर लग्न।

जयपुर में 31 अगस्त 2026 की लग्न सारणी क्या है?

सूर्योदय 06:06 से उदय लग्न: हर उदित राशि उसके आरम्भ और समाप्ति समय सहित।

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