गौरी पंचांगम · हरिद्वार
गुरुवार, 1 अक्टूबर 202606:1018:03
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:10
- धनम्धन06:10 –07:40
- सुगम्शुभ07:40 –09:09
- सोरम्अशुभ09:09 –10:38
- उथिशुभ10:38 –12:07
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:07 –13:36
- विषम्अशुभ13:36 –15:05राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट15:05 –16:34
- लाभम्लाभ16:34 –18:03
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:03
- अमिर्दाश्रेष्ठ18:03 –19:34
- विषम्अशुभ19:34 –21:05
- रोगम्अनिष्ट21:05 –22:36
- लाभम्लाभ22:36 –00:07, 2 अक्टू॰
- धनम्धन00:07, 2 अक्टू॰ –01:38, 2 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:38, 2 अक्टू॰ –03:09, 2 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:09, 2 अक्टू॰ –04:40, 2 अक्टू॰
- उथिशुभ04:40, 2 अक्टू॰ –06:11, 2 अक्टू॰
हरिद्वार के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
हरिद्वार में 1 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:10, सूर्यास्त 18:03।