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ग्रहण 2045: सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण और चन्द्र ग्रहण 2045 · Grahan 2045
2045 में 4 ग्रहण; भारत में कोई दिखाई नहीं देगा। हर ग्रहण की तिथि, विश्व में समय, नई दिल्ली में दिखेगा या नहीं और कब, सूतक काल, और ग्रहण किस राशि व नक्षत्र में है।
सूर्य ग्रहण (वलयाकार (कंकणाकृति))
शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2045भारत में दिखाई नहीं देगा
सूतक: सूतक नहीं — ग्रहण यहाँ दिखाई नहीं देगा।
विश्व में: आरम्भ 02:23 · मध्य 05:25 · समाप्ति 08:27 (IST) · राशि: कुम्भ · नक्षत्र: धनिष्ठा (चरण 4)
चन्द्र ग्रहण (उपच्छाया)
शुक्रवार, 3 मार्च 2045भारत में दिखाई नहीं देगा
सूतक: सूतक नहीं — ग्रहण यहाँ दिखाई नहीं देगा।
विश्व में: आरम्भ 11:12 · मध्य 13:12 · समाप्ति 15:13 (IST) · राशि: सिंह · नक्षत्र: पूर्व फाल्गुनी (चरण 2)
सूर्य ग्रहण (पूर्ण)
शनिवार, 12 अगस्त 2045भारत में दिखाई नहीं देगा
सूतक: सूतक नहीं — ग्रहण यहाँ दिखाई नहीं देगा।
विश्व में: आरम्भ 20:36 · मध्य 23:11 · समाप्ति 01:47 (13 अगस्त 2045) (IST) · राशि: कर्क · नक्षत्र: अश्लेषा (चरण 3)
चन्द्र ग्रहण (उपच्छाया)
रविवार, 27 अगस्त 2045केवल उपच्छाया — धार्मिक रूप से मान्य नहीं (सूतक नहीं)
- स्पर्श
- 18:43
- मध्य
- 19:24
- मोक्ष
- 21:23
- अवधि
- 2 घण्टे 39 मिनट
चन्द्रोदय के साथ आरम्भ
सूतक: सूतक नहीं — उपच्छाया ग्रहण धार्मिक रूप से मान्य नहीं।
विश्व में: आरम्भ 17:25 · मध्य 19:24 · समाप्ति 21:23 (IST) · राशि: कुम्भ · नक्षत्र: शतभिषा (चरण 2)
गणना कैसे हुई
ग्रहण के समय स्विस एफ़ेमेरिस से; चन्द्र ग्रहण के स्पर्श-मोक्ष भारतीय पंचांगों की छाया-गणना से। उपच्छाया चन्द्र ग्रहण सूची में है पर धार्मिक रूप से मान्य नहीं: न सूतक, न कर्म। सूतक स्थानीय स्पर्श से पहले के पूरे प्रहरों से गिना जाता है: सूर्य ग्रहण में चार, चन्द्र ग्रहण में तीन, और मोक्ष पर समाप्त। समय नई दिल्ली, भारतीय मानक समय।
अन्य वर्ष: 20442046त्योहार 2045
प्रश्न
2045 में कितने ग्रहण हैं?
4: सूर्य ग्रहण (वलयाकार (कंकणाकृति)) — 17 फ़रवरी 2045; चन्द्र ग्रहण (उपच्छाया) — 3 मार्च 2045; सूर्य ग्रहण (पूर्ण) — 12 अगस्त 2045; चन्द्र ग्रहण (उपच्छाया) — 27 अगस्त 2045।
2045 में भारत में कौन सा ग्रहण दिखाई देगा?
2045 में भारत में कोई ग्रहण दिखाई नहीं देगा।