संक्रांति 2047
संक्रांति सूर्य का नई राशि में प्रवेश है — वर्ष में बारह, जिनमें जनवरी की मकर संक्रांति सबसे प्रसिद्ध। प्रवेश सूर्यास्त के बाद हो तो संक्रांति अगले दिन मानी जाती है।
- 15जन॰मकर संक्रांतिमंगलवार
- 13फ़र॰कुम्भ संक्रांतिबुधवार
- 15मार्चमीन संक्रांतिशुक्रवार
- 14अप्रैलमेष संक्रांतिरविवार
- 15मईवृषभ संक्रांतिबुधवार
- 16जूनमिथुन संक्रांतिरविवार
- 17जुल॰कर्क संक्रांतिबुधवार
- 17अग॰सिंह संक्रांतिशनिवार
- 17सित॰कन्या संक्रांतिमंगलवार
- 18अक्टू॰तुला संक्रांतिशुक्रवार
- 17नव॰वृश्चिक संक्रांतिरविवार
- 17दिस॰धनु संक्रांतिमंगलवार
प्रश्न-उत्तर
2047 में कितनी संक्रांति हैं?
12 — पहली मकर संक्रांति (मंगलवार, 15 जनवरी 2047), अंतिम धनु संक्रांति (17 दिसंबर 2047)।
संक्रांति की तारीख अलग-अलग शहरों में अलग क्यों हो सकती है?
हिन्दू दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है, और सूर्योदय के समय की तिथि (या व्रत के अनुसार चन्द्रोदय, प्रदोष काल अथवा संक्रांति के क्षण की स्थिति) से दिन तय होता है। सूर्योदय हर स्थान पर अलग समय होता है, इसलिए दिल्ली से दूर का शहर व्रत एक दिन आगे-पीछे रख सकता है; अपने शहर की तारीखें मासिक कैलेंडर में देखें।