राहुकाल · नई दिल्ली

शुक्रवार, 3 अप्रैल 203706:0918:40

राहु काल

1 घं. 34 मि.
10:51 –12:25

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 34 मि.
15:32 –17:06

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
07:43 –09:17

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:09
—
2
07:43
गुलिक काल
3
09:17
—
4
10:51
राहु काल
5
12:25
—
6
13:59
—
7
15:32
यमगंड
8
17:06
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:39 –09:29
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।12:50 –13:40
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।00:08, 4 अप्रैल –01:42, 4 अप्रैल
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।06:09 –06:24

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2037 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 10:51–12:25, यमगण्ड 15:32–17:06, गुलिक काल 07:43–09:17; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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