पंचांग · शुक्रवार, 3 अप्रैल 2037नई दिल्ली

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2094संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:09सूर्योदय18:40सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 06:24 तक
नक्षत्र
विशाखा
20:14 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0918:40
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:51 –12:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:09दिन18:40
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
विजय मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:40रात06:08
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    06:24 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    04:36, 4 अप्रैल तक
  3. कृष्ण पंचमी
    03:36, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    20:14 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    19:39, 4 अप्रैल तक
योग
  1. वज्र
    15:12 तक
  2. सिद्धि
    12:52, 4 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    06:24 तक
  2. बव
    17:24 तक
  3. बालव
    04:36, 4 अप्रैल तक
  4. कौलव
    15:59, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:09
बिंब मध्य 06:12
सूर्यास्त
18:40
बिंब मध्य 18:36
चंद्रोदय
21:56
चंद्रास्त
08:22
दिनमान
12h 31m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
तुला
14:31 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2094
शक संवत
1959

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:37 –05:23
  • प्रातः संध्या05:00 –06:09
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:40 –19:03
  • सायाह्न संध्या18:40 –19:49
  • निशीथ मुहूर्त00:01 –00:47, 4 अप्रैल
  • अमृत काल11:56 –13:27
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:51 –12:25
  • यमगंड15:32 –17:06
  • गुलिक काल07:43 –09:17
  • दुर्मुहूर्त08:39 –09:29
  • दुर्मुहूर्त12:50 –13:40
  • वर्ज्य00:08 –01:42, 4 अप्रैल
  • भद्रा06:09 –06:24

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चर06:09 – 07:43
  • लाभ07:43 – 09:17
  • अमृत09:17 – 10:51
  • काल10:51 – 12:25
  • शुभ12:25 – 13:59
  • रोग13:59 – 15:32
  • उद्वेग15:32 – 17:06
  • चर17:06 – 18:40
रात
  • रोग18:40 – 20:06
  • काल20:06 – 21:32
  • लाभ21:32 – 22:58
  • उद्वेग22:58 – 00:24
  • शुभ00:24 – 01:50
  • अमृत01:50 – 03:16
  • चर03:16 – 04:42
  • रोग04:42 – 06:08

होरा

दिन
  • शुक्र06:09–07:11
  • बुध07:11–08:14
  • चन्द्र08:14–09:17
  • शनि09:17–10:19
  • गुरु10:19–11:22
  • मंगल11:22–12:25
  • सूर्य12:25–13:27
  • शुक्र13:27–14:30
  • बुध14:30–15:32
  • चन्द्र15:32–16:35
  • शनि16:35–17:38
  • गुरु17:38–18:40
रात
  • मंगल18:40–19:38
  • सूर्य19:38–20:35
  • शुक्र20:35–21:32
  • बुध21:32–22:29
  • चन्द्र22:29–23:27
  • शनि23:27–00:24
  • गुरु00:24–01:21
  • मंगल01:21–02:19
  • सूर्य02:19–03:16
  • शुक्र03:16–04:13
  • बुध04:13–05:10
  • चन्द्र05:10–06:08

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 2 पद08:50 तक
  • विशाखा 3 पद14:31 तक
  • विशाखा 4 पद20:14 तक
  • अनुराधा 1 पद02:01, 4 अप्रैल तक
  • अनुराधा 2 पद07:50, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 31m
रात्रिमान
11h 28m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 14:31 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 20:14 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 14:31 तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 06:24 तकपाताल · 04:36, 4 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 06:24 तककैलाश पर · 04:36, 4 अप्रैल तकनंदी पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:09 –06:24
  • रोग पंचक06:24 –06:43
  • चोर पंचक06:43 –08:19
  • शुभ मुहूर्त08:19 –10:14
  • रोग पंचक10:14 –12:29
  • शुभ मुहूर्त12:29 –14:49
  • मृत्यु पंचक14:49 –17:07
  • अग्नि पंचक17:07 –19:23
  • शुभ मुहूर्त19:23 –20:14
  • राज पंचक20:14 –21:42
  • शुभ मुहूर्त21:42 –00:01, 4 अप्रैल
  • चोर पंचक00:01 –02:05, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:05 –03:47, 4 अप्रैल
  • रोग पंचक03:47 –04:36, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:36 –05:14, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक05:14 –06:08, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:18 –06:43
  • मेष06:43 –08:19
  • वृषभ08:19 –10:14
  • मिथुन10:14 –12:29
  • कर्क12:29 –14:49
  • सिंह14:49 –17:07
  • कन्या17:07 –19:23
  • तुला19:23 –21:42
  • वृश्चिक21:42 –00:01, 4 अप्रैल
  • धनु00:01 –02:05, 4 अप्रैल
  • मकर02:05 –03:47, 4 अप्रैल
  • कुम्भ03:47 –05:14, 4 अप्रैल
  • मीन05:14 –06:39, 4 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अप्रैल 2037

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2037 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:09 और सूर्यास्त 18:40 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 06:24 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 20:14 तक, फिर अनुराधा; योग वज्र 15:12 तक, फिर सिद्धि; करण विष्टि 06:24 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:51–12:25, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2094, शक संवत 1959।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2037 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 06:24 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:09, नई दिल्ली)।

3 अप्रैल 2037 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 20:14 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 14:31 तक।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2037 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:51–12:25, यमगण्ड 15:32–17:06, गुलिक काल 07:43–09:17।

नई दिल्ली में 3 अप्रैल 2037 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:40, चंद्रोदय 21:56 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2037 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:37–05:23। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अप्रैल 2037 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2037आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2037मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3775° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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