राहुकाल · नई दिल्ली

गुरुवार, 8 अप्रैल 202706:0418:43

राहु काल

1 घं. 35 मि.
13:58 –15:33

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 35 मि.
06:04 –07:39

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 34 मि.
09:14 –10:48

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:04
यमगंड
2
07:39
—
3
09:14
गुलिक काल
4
10:48
—
5
12:23
—
6
13:58
राहु काल
7
15:33
—
8
17:08
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।10:17 –11:07
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:20 –16:11
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।14:03 –15:38
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।03:16, 9 अप्रैल –04:48, 9 अप्रैल
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:04 –17:59

नई दिल्ली के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

नई दिल्ली में 8 अप्रैल 2027 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 13:58–15:33, यमगण्ड 06:04–07:39, गुलिक काल 09:14–10:48; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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