राहुकाल · जयपुर

सोमवार, 3 मार्च 202506:4918:29

राहु काल

1 घं. 28 मि.
08:16 –09:44

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 28 मि.
11:11 –12:39

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 28 मि.
14:06 –15:34

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

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08:16
राहु काल
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11:11
यमगंड
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गुलिक काल
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15:34
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आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।13:02 –13:49
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।15:22 –16:09
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।00:51, 4 मार्च –02:18, 4 मार्च
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:49 –04:29, 4 मार्च
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।07:31 –18:02

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

जयपुर में 3 मार्च 2025 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 08:16–09:44, यमगण्ड 11:11–12:39, गुलिक काल 14:06–15:34; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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