राहुकाल · इंदौर

मंगलवार, 3 नवंबर 202606:3217:48

राहु काल

1 घं. 24 मि.
14:59 –16:23

दिन का राहु भाग: नया कार्य आरंभ न करें।

यमगंड

1 घं. 25 मि.
09:21 –10:46

दिन का यम भाग: यात्रा और नए आरंभ से बचें।

गुलिक काल

1 घं. 24 मि.
12:10 –13:34

दिन का गुलिक भाग: शुभ आरंभ से बचें।

दिनमान के आठ भाग

राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल प्रत्येक दिनमान का आठवाँ भाग हैं, जो हर वार के लिए निश्चित खंड में आते हैं।

1
06:32
—
2
07:57
—
3
09:21
यमगंड
4
10:46
—
5
12:10
गुलिक काल
6
13:34
—
7
14:59
राहु काल
8
16:23
—

आज इनसे भी बचें

  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।08:47 –09:32
  • दुर्मुहूर्तवार का दुर्मुहूर्त: शुभ कार्य से बचें।22:54 –23:45
  • वर्ज्यनक्षत्र का विष भाग: महत्वपूर्ण कार्य से बचें।15:36 –17:11
  • गंड मूलजल और अग्नि नक्षत्रों की संधि: जन्म और आरंभ में सावधानी।06:32 –03:26, 4 नव॰
  • भद्राविष्टि करण: शुभ संस्कार न करें।23:26 –06:33, 4 नव॰

इंदौर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

राहुकाल

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

राहुकाल — प्रश्न और उत्तर

राहुकाल क्या है?

राहुकाल दिनमान का वह आठवाँ भाग है जिसका स्वामी राहु है और जो हर वार के लिए निश्चित है; इसमें कोई नया कार्य आरंभ नहीं किया जाता। यमगंड और गुलिक काल यम और गुलिक के भाग हैं। दुर्मुहूर्त और वर्ज्य दिन के अन्य अशुभ समय हैं।

इंदौर में 3 नवंबर 2026 का राहुकाल क्या है?

राहुकाल 14:59–16:23, यमगण्ड 09:21–10:46, गुलिक काल 12:10–13:34; साथ में दुर्मुहूर्त और वर्ज्य।

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