पंचक रहित मुहूर्त · विजयवाड़ा

बुधवार, 2 सितंबर 202605:5418:20

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • राज पंचक05:54 –06:13
  • शुभ मुहूर्त06:13 –06:58
  • चोर पंचक06:58 –09:03
  • शुभ मुहूर्त09:03 –11:12
  • रोग पंचक11:12 –13:25
  • शुभ मुहूर्त13:25 –15:32
  • मृत्यु पंचक15:32 –17:23
  • अग्नि पंचक17:23 –19:02
  • शुभ मुहूर्त19:02 –20:38
  • मृत्यु पंचक20:38 –22:24
  • अग्नि पंचक22:24 –00:25, 3 सित॰
  • शुभ मुहूर्त00:25, 3 सित॰ –01:42, 3 सित॰
  • राज पंचक01:42, 3 सित॰ –02:37, 3 सित॰
  • शुभ मुहूर्त02:37, 3 सित॰ –04:26, 3 सित॰
  • चोर पंचक04:26, 3 सित॰ –04:48, 3 सित॰
  • शुभ मुहूर्त04:48, 3 सित॰ –05:54, 3 सित॰

विजयवाड़ा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

विजयवाड़ा में 2 सितंबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:20।

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