पंचक रहित मुहूर्त · वाराणसी

गुरुवार, 1 अक्टूबर 202605:5017:45

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:50 –06:02
  • रोग पंचक06:02 –07:06
  • शुभ मुहूर्त07:06 –09:23
  • मृत्यु पंचक09:23 –11:40
  • अग्नि पंचक11:40 –12:35
  • शुभ मुहूर्त12:35 –13:44
  • राज पंचक13:44 –15:29
  • शुभ मुहूर्त15:29 –17:00
  • चोर पंचक17:00 –18:28
  • राज पंचक18:28 –20:07
  • शुभ मुहूर्त20:07 –22:04
  • चोर पंचक22:04 –00:18, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:18, 2 अक्टू॰ –02:35, 2 अक्टू॰
  • रोग पंचक02:35, 2 अक्टू॰ –04:27, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:27, 2 अक्टू॰ –04:49, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक04:49, 2 अक्टू॰ –05:51, 2 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

वाराणसी में 1 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:45।

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