पंचांग · गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026वाराणसी

भाद्रपद · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय17:45सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 12:35 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
06:02 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5017:45
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:17 –14:46
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन17:45
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:45रात05:51
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    12:35 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    10:15, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    06:02 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    04:27, 2 अक्टू॰ तक
  3. मृगशिरास्वामी मंगल
    02:55, 3 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    21:17 तक
  2. व्यतीपात
    18:17, 2 अक्टू॰ तक
करण
  1. तैतिल
    12:35 तक
  2. गर
    23:25 तक
  3. वणिज
    10:15, 2 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
17:45
बिंब मध्य 17:41
चंद्रोदय
21:04
चंद्रास्त
10:28
दिनमान
11h 55m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
15:40, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:14 –05:02
  • प्रातः संध्या04:38 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:24 –12:11
  • विजय मुहूर्त13:47 –14:35
  • गोधूलि मुहूर्त17:45 –18:09
  • सायाह्न संध्या17:45 –18:58
  • निशीथ मुहूर्त23:24 –00:12, 2 अक्टू॰
  • अमृत काल01:27 –02:57, 2 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:17 –14:46
  • यमगंड05:50 –07:19
  • गुलिक काल08:49 –10:18
  • दुर्मुहूर्त09:48 –10:36
  • दुर्मुहूर्त14:35 –15:22
  • वर्ज्य20:59 –22:28

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ05:50 – 07:19
  • रोग07:19 – 08:49
  • उद्वेग08:49 – 10:18
  • चर10:18 – 11:48
  • लाभ11:48 – 13:17
  • अमृत13:17 – 14:46
  • काल14:46 – 16:16
  • शुभ16:16 – 17:45
रात
  • अमृत17:45 – 19:16
  • चर19:16 – 20:47
  • रोग20:47 – 22:17
  • काल22:17 – 23:48
  • लाभ23:48 – 01:19
  • उद्वेग01:19 – 02:49
  • शुभ02:49 – 04:20
  • अमृत04:20 – 05:51

होरा

दिन
  • गुरु05:50–06:50
  • मंगल06:50–07:49
  • सूर्य07:49–08:49
  • शुक्र08:49–09:48
  • बुध09:48–10:48
  • चन्द्र10:48–11:48
  • शनि11:48–12:47
  • गुरु12:47–13:47
  • मंगल13:47–14:46
  • सूर्य14:46–15:46
  • शुक्र15:46–16:46
  • बुध16:46–17:45
रात
  • चन्द्र17:45–18:46
  • शनि18:46–19:46
  • गुरु19:46–20:47
  • मंगल20:47–21:47
  • सूर्य21:47–22:47
  • शुक्र22:47–23:48
  • बुध23:48–00:48
  • चन्द्र00:48–01:49
  • शनि01:49–02:49
  • गुरु02:49–03:50
  • मंगल03:50–04:50
  • सूर्य04:50–05:51

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 4 पद06:02 तक
  • रोहिणी 1 पद11:38 तक
  • रोहिणी 2 पद17:14 तक
  • रोहिणी 3 पद22:50 तक
  • रोहिणी 4 पद04:27, 2 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 1 पद10:03, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 55m
रात्रिमान
12h 6m
मध्याह्न
11:48

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 06:02 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · 04:27, 2 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 12:35 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 12:35 तकभोजन में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:50 –06:02
  • रोग पंचक06:02 –07:06
  • शुभ मुहूर्त07:06 –09:23
  • मृत्यु पंचक09:23 –11:40
  • अग्नि पंचक11:40 –12:35
  • शुभ मुहूर्त12:35 –13:44
  • राज पंचक13:44 –15:29
  • शुभ मुहूर्त15:29 –17:00
  • चोर पंचक17:00 –18:28
  • राज पंचक18:28 –20:07
  • शुभ मुहूर्त20:07 –22:04
  • चोर पंचक22:04 –00:18, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:18 –02:35, 2 अक्टू॰
  • रोग पंचक02:35 –04:27, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:27 –04:49, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक04:49 –05:51, 2 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:53 –07:06
  • तुला07:06 –09:23
  • वृश्चिक09:23 –11:40
  • धनु11:40 –13:44
  • मकर13:44 –15:29
  • कुम्भ15:29 –17:00
  • मीन17:00 –18:28
  • मेष18:28 –20:07
  • वृषभ20:07 –22:04
  • मिथुन22:04 –00:18, 2 अक्टू॰
  • कर्क00:18 –02:35, 2 अक्टू॰
  • सिंह02:35 –04:49, 2 अक्टू॰
  • कन्या04:49 –07:02, 2 अक्टू॰

पंचांग · वाराणसी, 1 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 17:45 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 12:35 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र कृत्तिका 06:02 तक, फिर रोहिणी; योग सिद्धि 21:17 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 12:35 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:17–14:46, अभिजित मुहूर्त 11:24–12:11। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

वाराणसी में 1 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 12:35 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 05:50, वाराणसी)।

1 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 06:02 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 2 अक्टूबर 15:40 तक।

वाराणसी में 1 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:17–14:46, यमगण्ड 05:50–07:19, गुलिक काल 08:49–10:18।

वाराणसी में 1 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:45, चंद्रोदय 21:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:24–12:11, ब्रह्म मुहूर्त 04:14–05:02। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

वाराणसी हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2307° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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