पंचक रहित मुहूर्त · तिरुपति

गुरुवार, 1 अक्टूबर 202606:0218:02

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:02 –06:02
  • रोग पंचक06:02 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –09:19
  • मृत्यु पंचक09:19 –11:31
  • अग्नि पंचक11:31 –12:35
  • शुभ मुहूर्त12:35 –13:38
  • राज पंचक13:38 –15:31
  • शुभ मुहूर्त15:31 –17:12
  • चोर पंचक17:12 –18:51
  • राज पंचक18:51 –20:39
  • शुभ मुहूर्त20:39 –22:41
  • चोर पंचक22:41 –00:53, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:53, 2 अक्टू॰ –03:02, 2 अक्टू॰
  • रोग पंचक03:02, 2 अक्टू॰ –04:27, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:27, 2 अक्टू॰ –05:06, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक05:06, 2 अक्टू॰ –06:02, 2 अक्टू॰

तिरुपति के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

तिरुपति में 1 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:02।

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