पंचांग · गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026तिरुपति

भाद्रपद · कृष्ण पंचमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:02सूर्योदय18:02सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण पंचमी
कृष्ण · 12:35 तक
नक्षत्र
कृत्तिका
06:02 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0218:02
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:32 –15:02
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:02दिन18:02
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:02रात06:02
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण पंचमी
    12:35 तक
  2. कृष्ण षष्ठी
    10:15, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    06:02 तक
  2. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    04:27, 2 अक्टू॰ तक
  3. मृगशिरास्वामी मंगल
    02:55, 3 अक्टू॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    21:17 तक
  2. व्यतीपात
    18:17, 2 अक्टू॰ तक
करण
  1. तैतिल
    12:35 तक
  2. गर
    23:25 तक
  3. वणिज
    10:15, 2 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:02
बिंब मध्य 06:05
सूर्यास्त
18:02
बिंब मध्य 17:58
चंद्रोदय
21:48
चंद्रास्त
10:15
दिनमान
12h 0m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
15:40, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:26 –05:14
  • प्रातः संध्या04:50 –06:02
  • अभिजित मुहूर्त11:38 –12:26
  • विजय मुहूर्त14:02 –14:50
  • गोधूलि मुहूर्त18:02 –18:26
  • सायाह्न संध्या18:02 –19:14
  • निशीथ मुहूर्त23:38 –00:26, 2 अक्टू॰
  • अमृत काल01:27 –02:57, 2 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:32 –15:02
  • यमगंड06:02 –07:32
  • गुलिक काल09:02 –10:32
  • दुर्मुहूर्त10:02 –10:50
  • दुर्मुहूर्त14:50 –15:38
  • वर्ज्य20:59 –22:28

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभ06:02 – 07:32
  • रोग07:32 – 09:02
  • उद्वेग09:02 – 10:32
  • चर10:32 – 12:02
  • लाभ12:02 – 13:32
  • अमृत13:32 – 15:02
  • काल15:02 – 16:32
  • शुभ16:32 – 18:02
रात
  • अमृत18:02 – 19:32
  • चर19:32 – 21:02
  • रोग21:02 – 22:32
  • काल22:32 – 00:02
  • लाभ00:02 – 01:32
  • उद्वेग01:32 – 03:02
  • शुभ03:02 – 04:32
  • अमृत04:32 – 06:02

होरा

दिन
  • गुरु06:02–07:02
  • मंगल07:02–08:02
  • सूर्य08:02–09:02
  • शुक्र09:02–10:02
  • बुध10:02–11:02
  • चन्द्र11:02–12:02
  • शनि12:02–13:02
  • गुरु13:02–14:02
  • मंगल14:02–15:02
  • सूर्य15:02–16:02
  • शुक्र16:02–17:02
  • बुध17:02–18:02
रात
  • चन्द्र18:02–19:02
  • शनि19:02–20:02
  • गुरु20:02–21:02
  • मंगल21:02–22:02
  • सूर्य22:02–23:02
  • शुक्र23:02–00:02
  • बुध00:02–01:02
  • चन्द्र01:02–02:02
  • शनि02:02–03:02
  • गुरु03:02–04:02
  • मंगल04:02–05:02
  • सूर्य05:02–06:02

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • कृत्तिका 4 पद06:02 तक
  • रोहिणी 1 पद11:38 तक
  • रोहिणी 2 पद17:14 तक
  • रोहिणी 3 पद22:50 तक
  • रोहिणी 4 पद04:27, 2 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 1 पद10:03, 2 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 0m
रात्रिमान
12h 0m
मध्याह्न
12:02

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
कृत्तिका · 06:02 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · 04:27, 2 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 12:35 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 12:35 तकभोजन में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:02 –06:02
  • रोग पंचक06:02 –07:12
  • शुभ मुहूर्त07:12 –09:19
  • मृत्यु पंचक09:19 –11:31
  • अग्नि पंचक11:31 –12:35
  • शुभ मुहूर्त12:35 –13:38
  • राज पंचक13:38 –15:31
  • शुभ मुहूर्त15:31 –17:12
  • चोर पंचक17:12 –18:51
  • राज पंचक18:51 –20:39
  • शुभ मुहूर्त20:39 –22:41
  • चोर पंचक22:41 –00:53, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:53 –03:02, 2 अक्टू॰
  • रोग पंचक03:02 –04:27, 2 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:27 –05:06, 2 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक05:06 –06:02, 2 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:10 –07:12
  • तुला07:12 –09:19
  • वृश्चिक09:19 –11:31
  • धनु11:31 –13:38
  • मकर13:38 –15:31
  • कुम्भ15:31 –17:12
  • मीन17:12 –18:51
  • मेष18:51 –20:39
  • वृषभ20:39 –22:41
  • मिथुन22:41 –00:53, 2 अक्टू॰
  • कर्क00:53 –03:02, 2 अक्टू॰
  • सिंह03:02 –05:06, 2 अक्टू॰
  • कन्या05:06 –07:08, 2 अक्टू॰

पंचांग · तिरुपति, 1 अक्टूबर 2026

गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 को तिरुपति में सूर्योदय 06:02 और सूर्यास्त 18:02 पर है। तिथि कृष्ण पंचमी 12:35 तक, फिर कृष्ण षष्ठी; नक्षत्र कृत्तिका 06:02 तक, फिर रोहिणी; योग सिद्धि 21:17 तक, फिर व्यतीपात; करण तैतिल 12:35 तक, फिर गर। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:32–15:02, अभिजित मुहूर्त 11:38–12:26। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

तिरुपति में 1 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण पंचमी 12:35 तक, फिर कृष्ण षष्ठी (सूर्योदय 06:02, तिरुपति)।

1 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

कृत्तिका 06:02 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 2 अक्टूबर 15:40 तक।

तिरुपति में 1 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:32–15:02, यमगण्ड 06:02–07:32, गुलिक काल 09:02–10:32।

तिरुपति में 1 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:02, चंद्रोदय 21:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:38–12:26, ब्रह्म मुहूर्त 04:26–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

तिरुपति हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2307° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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